किचन में काम करना हुआ आसान ( लॉकडाउन २.० ) तेरहवाँ दिन

अब कोरोना के कारण हुये लॉकडाउन को एक महीने से ज़्यादा हो गया है और इतने दिन लगातार सारे काम ख़ुद से करते हुये जहाँ हम लोग एक्सपर्ट हो गये है वहीं किचन के काम को कुछ हद तक आसान भी बना लिया है ।


बात तो वही है कि जब सब कुछ हमें ही करना है तो पूरा समय किचन में ही तो नहीं बिताना है ना । क्योंकि अगर पूरा समय किचन मे रहेंगे तब तो ज़ाहिर सी बात है कि हम लोग थक कर चूर भी होंगे और किचन से दूर भी भागेंगे ।


एक तो आजकल सिरे से सारा काम करना और फिर रोज़ किचन में सारा समय खाना बनाने में लग जाये तब तो हो चुका हमारा कल्याण । 😛



वैसे हम पहले ये सब काम नहीं करते थे और अगर किचन में ज़्यादा काम करने लगो तो पतिदेव और बेटे भी हल्ला करते है कि क्या आप हर समय किचन में कुछ करती रहती है । हर समय काम ही करती रहती है ।



तो उसी लिये हमने ये सब करना शुरू किया जिससे किचन में पूरे समय सिर्फ़ खाना ही हम ना बनाते रहें । उससे अच्छा है कि उस बचे हुये समय का सही इस्तेमाल करें ।



वैसे भी जब से कोरोना आया तब से सब्ज़ी ख़रीदने के बाद से काम बहुत बढ गया है । पहले सब्ज़ी ख़रीदो फिर उसे भिगोओ फिर उसे धो फिर सब्ज़ी को खूब अच्छे से सुखाओ तब फिर सब्ज़ी को फ्रिज में रखो ।



और ये सब करने में तो हम थक ही जाते है । अब पहले तो बस सब्ज़ी ला कर और काट छाँट कर फ्रिज में रख देते थे ।



तो अब जिस दिन हम सब्ज़ी मँगाते है तो सबसे पहले दस बारह प्याज़ को पीसकर और अच्छे से भूनकर एक डिब्बे में रख लेते है । और ऐसे ही आठ दस टमाटर को भी पीसकर भूनकर एक अलग डिब्बे में रख लेते है । इससे ये आराम रहता है कि जब भी कोई मसाले वाली सब्ज़ी या छोले - राजमा बनाना हो तो मिनटों में फटाफट बन जाता है ।


सिर्फ़ मसाला ही नहीं बनाते है बल्कि चार -पाँच सब्ज़ियाँ भी बनाकर अलग -अलग डिब्बों में रख लेते है । इससे रोज़ रोज़ क्या सब्ज़ी बनायें वाली समस्या ख़त्म और काम भी आसान । बस दाल चावल या रोटी पराँठा बनाओ और बस झट से खाना तैयार ।



क्योंकि कई बार ऑर्डर करके मंगाने में एक तो सब्ज़ियाँ थोड़ी ज़्यादा हो जाती है और कभी कभी गड़बड़ भी निकल जाती है और फिर इतना पानी में भिगोने और धोने से भी कभी कभी सब्ज़ियाँ जल्दी ख़राब होने लगती है । जैसे भिंडी करेला या साग परवल वग़ैरह ।


अब कोई रोज़ रोज़ तो सब्ज़ी ख़रीदने जायेगा नहीं अरे लॉकडाउन जो चल रहा है । और दूसरे इतनी महँगी सब्ज़ी अगर वो सड़ या ख़राब हो जाये तो क्या फ़ायदा । तो सब्ज़ी के सड़ने से अच्छा है कि उन्हें बनाकर रख लिया जाये । आख़िर हम लोग चटनी वग़ैरह तो बनाकर ही रखते है ।




क्यूँ कुछ ग़लत कहा क्या ।


वैसे हम पहले ऐसा कभी नहीं करते थे पर आजकल काम को आसान करने के लिये ये सब कर रहें हैं । और इस तरह समय भी बचता है और काम बहुत ज़्यादा नहीं लगता है । 🤓



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