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शहर और यारा मौला from गुलाल सुनेंगे

इससे पहले आपने आरम्भ है और ओ दुनिया सुना था । वैसे बहुत सालों बाद गुरूवार को हमने दोबारा ये फ़िल्म देखी । :) और इस बार भी हमें ये फ़िल्म पसंद आई । तो सोचा कि आज शहर और यारा मौला भी आप लोगों को सुनवाया जाए । अरे तो इंतजार कैसा । :) Powered by eSnips.com

गुलाल देख ली और अब पोस्ट हाजिर है आप लोगों के लिए

जैसा कि हमने अपनी पिछली पोस्ट मे कहा था सो कल हमने गुलाल देख ली । फ़िल्म तो अच्छी है ,और फ़िल्म मे यूनिवर्सिटी और स्टेट लेवल की राजनीति दिखाई गई है पर गाली कुछ ज्यादा बोली गई है । हालाँकि इस फ़िल्म मे काफ़ी मार-पीट और खून-खराबा है पर फ़िर भी फ़िल्म देखने के बाद भी सिर मे कोई भारीपन नही महसूस होता है । ये शायद अनुराग कश्यप के डायरेक्शन का कमाल है । इस फ़िल्म मे भी राम लीला को बीच - बीच मे कहानी के साथ जोड़ा गया है बिल्कुल delhi 6 की तरह । फ़िल्म के पहले सीन की शुरुआत के . के से होती है और आखिरी सीन की ...... से । फ़िल्म की शुरुआत मे एक सीधा सा लड़का दिलीप सिंह law करने के लिए जयपुर कॉलेज - यूनिवर्सिटी मे admission लेता है और वो रहने के लिए एक जगह कमरा किराये पर लेता है जहाँ उसकी मुलाकात रानाजय से होती है ।और जब दिलीप हॉस्टल मे वार्डन से मिलने जाता है तो हॉस्टल मे दादा टाइप लड़के कैसे पहले दिन ही उसकी रैगिंग करते है (बुरी तरह)और जब रानाजय को पता चलता है तो वो उसके साथ उन लड़कों की पिटाई करने जाता है पर .... । और ...

आरम्भ है प्रचंड ......from गुलाल

गुलाल फ़िल्म जिसे अनुराग कश्यप ने बनाया है ये गीत आरम्भ है उसी का है । वैसे अभी हमने फ़िल्म तो नही देखी ( सन्डे को देखेंगे ) पर इस फ़िल्म के २-३ गाने हमें बहुत पसंद आए है । एक-एक करके आपको सुनवायेंगे । इन गानों की सबसे अच्छी बात हमें ये लगी कि गाने के सारे बोल बहुत साफ़ है मतलब एक बार मे ही समझ आ जाते है । :) पियूष मिश्रा इसके गीतकार ओर संगीतकार है । राहुल राम ने गाया भी बहुत अच्छा है । पियूष मिश्रा का संगीत भी बहुत अच्छा है । Powered by eSnips.com

dev d यानी bold and beautiful

कल blogvani पर dev d के बारे मे अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियां पढने को मिली तो हमने सोचा कि इससे पहले हमें फ़िल्म के बारे मे और ज्यादा पता चले उससे अच्छा है कि हम भी इस फ़िल्म को फटाफट देख ले क्योंकि हमारे बेटों का कहना था कि आप रिव्यू ज्यादा मत पढिये क्यूंकि यहाँ के अखबार मे भी dev d ही छाया हुआ है । हमारे बेटों ने भी इस फ़िल्म की तारीफ की थी । और साथ ही ये भी कहा था कि कि आप कोई mind set करके मत जाइयेगा मतलब open mind से देखियेगा । :) तो बस कल शाम हम भी चले गए dev d देखने । हमें तो लगा था कि हॉल पूरा नही तो कम से कम आधा तो भरा होगा पर हॉल मे बमुश्किल २० लोग रहें होंगे (वैसे दोस्ताना जैसी फ़िल्म मे हॉल पूरा भरा होता है ) और फ़िल्म का शो inox के सबसे बड़े ऑडी १ मे लगाया था । वैसे इस फ़िल्म के कई शो चल रहे है तो हो सकता है इसीलिए रात मे भीड़ कम थी । खैर चलिए बात करते है dev d फ़िल्म की । इस फ़िल्म की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ढाई घंटे की फ़िल्म देखने के बाद कोई hang over यानी सिर भारी नही होता है और शुरू मे तो पिक्चर बहुत तेजी से आगे बढती है पर हाँ इंटरवल के बाद थोड़ा सा धीमी होती ह...

dev d के कुछ गीत सुनना चाहेंगे क्या ?

अनुराग कश्यप की आने वाली फ़िल्म dev d मे सुना है १८ गाने है । चिंता मत कीजिये हम १८ गाने नही लगा रहे है अभी फिलहाल कुछ गाने लगा रहे है वैसे ये भी सुना है कि अनुराग कश्यप ने अपनी साईट पर सारे गाने लगाए है । तो अगर सारे गाने सुनने का शौक है तो आप उस साईट को visit कर सकते है । :) गाने बिल्कुल ही अपने ही style के है ।हर गाने को सुनकर लगता है कि अरे इस टाइप का गाना भी है । :) एक तरफ़ सॉफ्ट सॉंग है तो वहीं दूसरी तरफ़ रॉक सॉंग भी है । अब जैसे Emosanal attyachaar के २ वर्जन है एक rock version और दूसरा brass band version । वैसे हमें इसके कुछ और गाने जैसे दुनिया ,परदेसी और ढोल यारा ढोल भी बहुत पसंद आए है पर वो e snip पर मिल नही रहे है इसलिए उन गानों को फ़िर कभी लगायेंगे ।