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लावण्या जी ख़ास आपके लिए निमोना

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हमारी एक पोस्ट मे निमोना पढ़कर लावण्या जी ने अपनी टिप्पणी मे निमोना के बारे मे पूछा था तो आज ख़ास लावण्या जी के लिए हम निमोना बनाने जा रहे है । निमोना उत्तर भारत मे जाड़े के दिनों मे बनने वाली हरी मटर की ऐसी डिश है जिसके बिना बने या खाए जाड़ा आने का पता ही नही चलता है । तो चलिये तैयार है न निमोना बनाने के लिए । सामग्री-- छिली हुई हरी मटर - १/२ किलो कद्दूकस किया हुआ प्याज --२-३ कद्दूकस किया हुआ लहसुन --४-५ पिसा धनिया --१ चम्मच पिसी हल्दी- १/४ चम्मच पिसी लाल मिर्च- १/४ चम्मच (वैसे आप चाहें तो ज्यादा भी डाल सकते है । ) पिसा गरम मसाला- १/२ चम्मच उरद दाल की बड़ी- ७-८ नमक -स्वादानुसार सरसों का तेल या रिफाईंड - २ या ३ बड़े चम्मच बारीक कटा हुआ हरा धनिया --थोड़ा सा हींग- चुटकी भर मेथी दाना -- १५-२० आलू-- २ या ३ (टुकड़े कटे हुए ) विधि-- सबसे पहले छिली हुई हरी मटर को पीस लीजिये पर बहुत महीन नही पीसना है । अब एक कढाई मे सरसों का तेल डालकर पहले उसमे उरद डाल की बड़ी को १ मिनट फ्राई करके निकाल लीजिये और उसी तेल मे हींग और मेथी दाना डाले और फ़िर उसमे कद्दूकस किया हुआ प्याज और लहसुन डालिए ...

अनचाहे मेहमान और हम

दिल्ली मे रहते हुए मेहमानों से दूर रहना मुश्किल ही होता है। गाहे-बगाहे लोग आ ही जाते और फ़िर अपनी खातिरदारी भी करवाते है आप चाहे या ना चाहे।अब अपने भारत मे तो मेहमान को भगवान का रूप ही माना जाता है मेजबान माने या ना माने ।कई बार तो ऐसे मेहमान आते कि लगता ओह बाबा ये कब जायेंगे।दिल्ली मे रहते हुए ऐसे लोगों मतलब मेहमानों से बहुत वास्ता पड़ता था। ये तो हम सभी जानते है कि दिल्ली मे जितनी गर्मी पड़ती है उतनी ही ठंड भी पड़ती है।दिल्ली मे सर्दियों मे नल का पानी इतना बर्फीला ठंडा होता है कि पानी छूने पर लगता कि हाथ ही गल जायेगा।अब अगर ऐसी गलन भरी सर्दी मे जहाँ रजाई से बाहर निकलना मुश्किल हो वहां अगर अनचाहे मेहमान आ जाए तो ना चाहते हुए भी खुले दिल से मेजबानी करनी ही पड़ती थी।आज का वाकया ऐसे ही मेहमान के नाम है। ऐसी ही एक जाड़े की गलन भरी सर्दी की शाम को फलाने जी फ़ोन आया और उन्होंने हाल-चाल पूछा की भाई आजकल तुम लोग रहते कहाँ हो।और दुनिया भर की बातचीत के बाद उन्होंने पूछा कि आज शाम को क्या घर पर हो । और जब पतिदेव ने कहा की हाँ घर पर ही है . तो इस पर उधर से फलाने जी ने कहा की अच्छा तो हम लो...