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गोवा का श्री मंगेशी प्रसन्न ( मन्दिर)

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बहुत शुरू में लावण्या जी ने इस मन्दिर के बारे में हमें लिखने के लिए कहा था पर हम लिख नही पाये थे . इसकी कोई ख़ास वजह नही थी बस हम जब भी इस मन्दिर में गए रात में ही गए थे और चूँकि हम आम तौर पर फोटो लगाते है इस वजह से इसके बारे में नही लिखा था । पर अभी पिछले ह फ्ते ही हम वहां दिन में गए थे । तो अब फोटो के साथ इस मन्दिर को हमारे साथ घूमने चलिए । मंगेशी मन्दिर पंजिम से २२ कि. मी. दूर पोंडा मे स्थित है ।४०० साल पुराने इस मन्दिर के मुख्य हॉल मे १९ century के झाड़-फानूस लगे हुए है ।(मन्दिर के अन्दर फोटो खींचना सख्त मना है ) ये मन्दिर एक पहाडी पर बना है और चारों तरह हरियाली देखते ही बनती है । इस मन्दिर के प्रवेश द्वार के बाहर फूल बेचने वाली बैठी रहती है जिनसे आप चाहें तो मन्दिर मे चढाने के लिए फूल की प्लेट १०-२० -३० रूपये मे खरीद सकते है । पर हम आम तौर पर दान पात्र मे रूपये ही डालते है क्योंकि यहाँ के मंदिरों मे पुजारी भगवान को फूल नही चढाते है बल्कि पुजारी जहाँ बैठते है वहीं पर एक बड़ी सी डलिया रक्खी रहती है पुजारी उसी में फूल डाल देते है । पर हाँ कभी-कभी सामने ही शिव...

houses of goa (म्यूज़ियम)

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गोवा मे कुछ हेरिटेज हौउसेस है तो हमने सोचा क्यों ना इन की आपको सैर करवाई जाए । और इसकी शुरुआत हम आज से कर रहे है । पंजिम से बस ८-१० की.मी. की दूरी पर पोर्वरिम से आगे तोरदा (torda) मे salvador do mundoया houses of goa नाम का म्यूज़ियम बरदेज मे है।जैसे ही पोर्वरिम के चौराहे से मुड़ते है तब इस museum की ओर जाते हुए लगता है की किसी डेड एंड ३ ३ जा रहे है क्यूंकि जैसे ही मुख्य सड़क से मुड़ते है की बस पतली सी सड़क और दोनों ओर जंगल और ढलान पर गाड़ी चलती जाती है और तब ऐसे ही घने से जंगल यहां पर मे ये museum दिखता है। इसे बाहर से देखने पर ये कभी शिप तो कभी मछली के आकार का लगता है । ऊपर की बालकनी पर जरा गौर करियेगा । और इसे बनाने वाले आर्किटेक्ट का नाम Gerard da Cunha है। और इस आर्किटेक्ट का घर भी बहुत ही खूबसूरत लगता है। इस म्यूज़ियम से ही सटा हुआ बच्चों का एक स्कूल है जिसे देखना भी एक अनुभव से कम नही है। इस म्यूज़ियम मे प्रवेश के लिए २५ रूपये काटिकेट लेना पड़ता हैऔर चप्पल और जूते वहीं नीचे छोड़कर जाना पड़ता है।अगर आप चाहें तो इसके आर...

प्रकृति का सुंदर नजारा इन्द्र धनुष

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आज हम कुछ ज्यादा लिखेंगे नही बस ये चंद फोटो लगा रहे है। कल शाम ५ बजे खूब जोरदार बारिश हुई थी और उस दौरान प्रकृति का ये नजारा देखने को मिला यानी की इन्द्र धनुष ।बारिश के पहले घने बादलों ने कुछ इस तरह से पंजिम को घेरना शुरू किया था । इसमे इन्द्र धनुष बारिश के बीच मे बनता हुआ दिख रहा है। और इस फोटो मे बारिश के बाद खिली हुई धूप मे इन्द्र धनुष दिख रहा है। बड़े सालों बाद इन्द्र धनुष देखने को मिला क्यूंकि दिल्ली की ऊँची-ऊँची इमारतों इन्द्र धनुष क्या आसमान भी ठीक तरह से नही दिखता है।

गोवा की होली की एक झलक

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कहिये आप लोगों की होली कैसी रही।आशा है की आप लोगों ने भी खूब होली खेली होगी और मस्ती की होगी। भाई हमारी होली तो बढ़िया रही। और इस बार गोवा की होली का भी भरपूर मजा हमने उठाया। इस बार गोवा मे होली के अवसर पर गुलालोत्सव मनाया गया।२१ तारिख को पेपर मे ख़बर छपी थी की पंजिम के आजाद मैदान मे गुलालोत्सव मनाया जायेगा ९.३० से १२.३० । इसके लिए एक यात्रा पंजिम के महा लक्ष्मी मन्दिर से परम्परा गत तरीके से ९.३० बजे ढोल और ताशे बजाते और नाचते हुए आजाद मैदान जायेगी जहाँ पर गुलाल से होली खेली जायेगी।और १२.३० बजे कारों की रैली पूरे पंजिम शहर मे निकाली जायेगी। दिल्ली मे इस तरह का सामुहिक आयोजन आम तौर पर कालोनी मे तो होता है पर शहर मे ऐसा आयोजन पहली बार सुना था। इसलिए सोचा की इस बार गोवा की होली का पूरा मजा लिया जाए। और हाँ इस आयोजन की ख़ास बात ये थी कि कोई भी किसी को जबरदस्ती रंग नही लगायेगा ।अगर कोई रंग लगवाना चाहता है तभी रंग लगाया जायेगा।और वहां पर औरकेस्त्रा पार्टी भी थी लोगों का मनोरंजन करने के लिए। इस फोटो मे ये जो दो बच्चियां दिख रही है ये पूरी मस्ती मे ड्रम बजा रही थी। वैसे गो...

शूटिंग ..उफ़ तौबा

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यहां शूटिंग का मतलब गन शूटिंग नही है बल्कि फिल्म की शूटिंग है।वो क्या है ना कि हम जबसे गोवा आये है अक्सर हम अपने पतिदेव से कहते रहें है की यहां पर हमें किसी फिल्म की शूटिंग होती हुई नही दिखाई पड़ती है जबकि आज कल तो आधे से ज्यादा फिल्मों (और विज्ञापनों ) मे गोवा नजर आता है पर हमें कभी शूटिंग देखने को नही मिलती है। ऐसा नही है कि हम ने पहले कभी शूटिंग नही देखी।पर क्या करें दिल है कि मानता नही। :) (शूटिंग देखे बिना) अरे भाई सत्तर के दशक मे जब पहली बार हम बम्बई घूमने गए थे तब बम्बई तो बहुत घूमे थे पर कोई शूटिंग नही देख पाए थे ।बस प्राण से मिले थे जो उस समय किसी घर मे आत्माराम नाम की फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। पर जब तक हम लोग वहां पहुंचे , शूटिंग ख़त्म हो गयी थी और उस समय प्राण ने कहा था की शूटिंग से ज्यादा बोरिंग कुछ नही होता है क्यूंकि एक shot के लिए कई-कई बार रीटेक होते है।उस समय तो चूँकि हमने शूटिंग देखी नही थी त ो उनकी बात समझ नही आई थी। अब भला ये भी कोई बात हुई की हर फिल्म मे गोवा दिखाई दे और हम एक अदद शूटिंग भी ना देखें। वैसे एक-आध बार जब भी पंजिम मे शूटिंग होती...

गोवा मे लैंड स्लाइड

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आप कहीँ ये तो नही सोच रहे है कि इस लैंड स्लाइड की वजह से हम इतने दिन से पोस्ट नही लिख रहे थे ,तो ऐसा बिल्कुल नही है । अरे नही हम जरा छुट्टी के मूड मे थे । वो क्या है ना कि दो - तीन महीने बाद हम गोवा लौटे है ना तो बस इसीलिये थोडा गोवा घूम फिर रहे थे । क्यूंकि बारिश मे गोवा बहुत खूबसूरत लगता है चारों तरफ हरियाली ही हरियाली नजर आती है । पर बारिश की वजह से समुन्दर का रंग आजकल नीले - हरे की जगह भूरा या मटमैला सा दिखता है । वैसे हमे तो दिल्ली से आने के बाद यहां की बारिश बहुत अच्छी लग रही है क्यूंकि दिल्ली मे जितनी गरमी पड़ रही थी उसके मुक़ाबले यहां का मौसम तो बहुत ही खुशगवार है । इस फोटो पर क्लिक करके देखने से पता चलता है की किस तरह से इस पहाड़ ने सड़क को ब्लॉक कर रक्खा है । गोवा मे करीब दस दिन पहले पोर्वेरिम मे लैंड स्लाइड हुआ था और अभी तक पहाड़ गिर ही रहा है।पंजिम से पोर्वेरिम(porverim) या मापुसा(mapusa) जाने के लिए मान्डावी नदी पर बने पैटो (patto) ब्रिज को...