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आप सबकी खट्टी-मीठी टिप्पणियों की बदौलत ब्लॉग ने पूरे किए दो साल

आज इस ब्लॉग्गिंग परिवार मे हमारा दूसरा जन्मदिन है ।अरे मतलब आज ही के दिन हमने ब्लॉग्गिंग शुरू की थी । :) इस दो साल के सफर मे हमें एक ऐसे परिवार का साथ मिला जिसमे दूरियां कोई मायने नही रखती है । और इस परिवार से एक अटूट रिश्ता बन गया है । इस परिवार के सदस्य सुख -दुःख मे हमेशा साथ खड़े नजर आते है । और अब तो चाहे वो खुशी की बात हो या गम की बात हो जब तक यहाँ पर जिक्र न कर ले तब तक मन मानता ही नही है । वो क्या कहते है की पेट मे बात पचती नही है । :) हमारी ब्लॉग्गिंग के पहले और दूसरे साल मे वैसा ही फर्क है जैसे पहले साल मे बच्चे के क्रौल करने और दूसरे साल मे बच्चे के चलने का होता है । ओह हो नही समझे अरे मतलब जहाँ पहले साल मे बस ८ - १० रीडर थे वहीं अब ४० - ४७ के आस - पास रीडर हो गए है जो हमें खुश करने के लिए काफ़ी है । और stat s काउंटर मे २५ हजार से ज्यादा का आंकडा भी दिख रहा है । :) और हाँ हमारी क्या आपने चलती ट्रेन वाली पोस्ट ने तो अब तक हमारे पोस्ट पर आई टिप्पणियों का भी रिकॉर्ड...

slumdog millionaire देख ही ली और जाना कि रहमान .....

इतने दिन से प्रोग्राम बनाते -बनाते और सोचते-सोचते आख़िर कल हमने ये फ़िल्म देख ही ली । और फ़िल्म देखने के बाद लगा की चलो देख ही ली यानी कि देखनी इसलिए थी क्योंकि इतना कुछ सुन जो रक्खा था इस फ़िल्म के बारे मे । वैसे फ़िल्म बहुत ही धांसूं टाइप नही है जितना कि इसको hype किया जा रहा है । हमें कुछ बहुत ख़ास पसंद नही आई बल्कि आख़िर मे लग रहा था कि फ़िल्म थोड़ा drag on कर रही है । वैसे कई लोगों ने कहा है कि तकनीकी दृष्टि से ये फ़िल्म बहुत अच्छी है अब इतना तो पता नही पर हाँ जिस तरह से वर्तमान और भूतकाल को मिलाकर दिखाया है वो जरूर अच्छा है ।हाँ इसका ये आईडिया कि शो मे पूछे जाने वाले हर सवाल का जवाब जिंदगी की किसी घटना से जोड़कर दिखाना अच्छा लगा । क्योंकि हीरो पढ़ा-लिखा नही था पर तब भी उसे हर बात की जानकारी थी जो उसके जीवन मे हुई किसी न किसी घटना से जुड़ी हुई थी । फ़िर वो चाहे बढ़िया इंग्लिश बोलना हो या फ़िर general knowledge ही क्यों न हो । पर इसमे कुछ बातें हमें पसंद नही आई ।चलिए यहाँ एक-दो बातों का जिक्र कर देते है । अब इस फ़िल्म मे मुम्बई को जैसा दिखाया है वो तो अब सभी लोग ...