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Showing posts from August, 2010

एक सुन्दर शाम मिनाक्षी और रचना के साथ

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अब यूँ तो दिल्ली मे मिनाक्षी और रचना से मिले हुए तकरीबन एक महीना हो गया है पर इस पर पोस्ट देर से लिख रहे है क्यूंकि दिल्ली मे रहते हुए कुछ ज्यादा व्यस्त हो गए थे और अब चूँकि हम ईटानगर आ गए है तो सोचा कि इस मुलाकात पर पोस्ट लिखी जाए । पिछले ३ साल से हम जब भी दिल्ली जाते है रचना और रंजना से से जरुर बात होती थी और मिलने का भी कई बार कार्यक्रम बना पर हम लोग कभी मिल नहीं पाए । हर बार कि तरह इस बार भी जब हम दिल्ली मे थे तो रचना और रंजना से बात की तो पता चला की रंजना तो दिल्ली से बाहर गयी हुई थी पर रचना से बात हुई तो पता चला की मिनाक्षी भी उन दिनों दिल्ली आई हुई थी । तो मिनाक्षी से भी बात हुई और मिलने का कार्यक्रम बना । और मिलने की जगह हमारा घर रक्खा गया और दोपहर बाद यानी ३ -४ बजे का रक्खा गया। पहले इसे ब्लॉगर मीट की तरह रखने की सोची गयी पर जिनके नंबर थे वो या तो busy थे या दि ल्ली से बाहर थे और बाकी लोगों से संपर्क नहीं हुआ। हाँ मनविंदर जी ने भी आने को कहा था पर उस दिन उन्हें कुछ काम आ गया था इसलिए वो नहीं आई थी। खैर हम तीनो ही पहली बार मिल रहे थे ये अलग बात है कि ब्लॉग

कॉमन वेल्थ गेम्स क्वींस बैटन रिले ( C W G queen's baton relay in itanagar)

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अब चाहे जितने भी scam हो कॉमन वेल्थ गेम्स को लेकर पर जिस भी राज्य मे क्वींस बैटन आती है वो पूरा राज्य जोश मे भर जाता है । अब जैसे जुलाई मे जब क्वींस बैटन यहां आई तो ऐसा ही कुछ अरुणाचल मे भी हुआ था । जैसा कि हम सभी को पता है कि इस साल ३ अक्तूबर से दिल्ली मे कॉम न वेल्थ गेम्स होने वाले है और इसके लिए लन्दन से क्वीन एलिजाबेथ 2 ने खिला ड़ियों के लिए स न्देश इस बैट न मे भेजा है और इस सन्देश को ३ अक्तूबर को दिल्ली मे खेलों के उदघाटन समारोह मे पढ़ा जाएगा । क्वीन के सन्देश के साथ इस बैटन ने २९ अक्टूबर २००९ मे बकिंघम पैलस से अपना सफ़र शुरू किया । ये बै टन ७० देशों और पूरे भारत वर्ष मे घूमने के बाद ३ अक्टूबर को दिल्ली पहुंचेगी । इस बैटन के साथ तकरीबन १० - १५ लोगों की टीम चलती है । इस टीम को जनरल कदी यान लीड कर रहे थे । इस बैटन की खासियत ये है

ईटानगर मे स्वतंत्रता दिवस समारोह

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कल १५ अगस्त को सारे भारत वर्ष की तरह ईटानगर मे भी स्वतंत्रता दिवस काफी जोश से मनाया गया। हालाँकि यहां एक दिन पहले बारिश हुई थी जिसकी वजह से १५ अगस्त को मौसम काफी सुहावना था । हाँ थोड़ी - थोड़ी बूंदा - बादी हो रही थी पर उससे लोगों के जोश और उत्साह मे कोई कमी नहीं थी।क्यूंकि लो ग छाता लगाकर परेड देख रहे थे । सुबह - सुबह ६ जब हम लोग उठे तो देखा सर्किट हाउस मे ( हम अभी यही रह रहे है ) बड़ी चहल - पहल दिखी और छोटे - छोटे बच्चे तैयार होकर इकठ्ठा हो रहे थे पूछने पर पता चला कि सभी बच्चे झंडा फहराने के लिए इकठ्ठा हो रहे है। तो सर्किट हाउस वालों से पूछने पर पता चला कि सात बजे झंडा फहराया जायेगा। बस फिर हम अपना कैमरा लेकर तैयार हो गए फोटो खींचने के लिए। और ठीक ७ बजे सर्किट हाउस के जे . इ . ने झंडा फहराया और सभी ने राष्ट्रीय गान भी गाया और उसके बाद जे . इ . ने एक छोटा सा भाषण भी दिया और फिर बच्चों को लड्डू और रसगुल्ले बांटे गए ।