माँ,अम्मा,मम्मी
माँ जिन्हें हम सब भाई बहन अलग - अलग नाम से बुलाते कोई माँ तो कोई अम्मा तो कोई मम्मी कहता । आज माँ हम सबसे बहुत दूर है पर आज भी माँ हम सबके बहुत करीब है । आज भी उनका प्यार करना उनका डांटना उनका दुलारना सब याद आता है । माँ जिन्होंने जिंदगी मे कभी हार नही मानी , यहां तक की मौत को भी तीन बार हराया पर आख़िर मे जिंदगी ने उन का साथ छोड़ दिया । और माँ ने हम सबका । आज भी माँ का वो हँसता मुस्कुराता चेहरा आंखों और दिल मे बसा है माथे पर बड़ी लाल बिंदी और मांग मे सुर्ख लाल सिन्दूर सब याद आता है , बहुत याद आता है ।