कोयल और कौवे की अनोखी जुगलबंदी :)
हमारी ये पोस्ट कुछ - कुछ फुरसतिया जी से प्रेरित है । यहाँ गोवा मे चूँकि हरियाली बहुत है और हमारे घर मे भी पेड़ - पौधे बहुत है तो यहाँ पर कौवे और कोयल दोनों ही बहुत दिखते है । वैसे आम तौर पर माना जाता है कि कोयल दिखाई नही देती है और वो छुप कर बोलती है । पर यहाँ पर कोयल अक्सर बोलती हुई दिखाई दे जाती है । आज सुबह जब कोयल और कौवे की आवाज सुनी तो वीडियो बनाया और एक पोस्ट के रूप मे ये कुछ अलग सी जुगलबंदी आप लोगों के लिए पेश है । और कौवे तो गोवा मे इतने अधिक है कि अगर आप ढलती हुई शाम को किसी पेड़ के नीचे से गुजरे तो सिर का ध्यान रखना पड़ता है वरना कौवे जी का प्रसाद मिल जाता है । :) यहाँ तो हम रोज सुबह ( करीब साढ़े आठ से नौ के बीच मे ) कौंवों को कुछ न कुछ खाने को जरुर डालते है पहले तो २ - ४ कौवे आते थे पर अब जैसे ही हम बालकनी मे जाते है और रोटी के टुकड़े डालना शुरू करते है कि हर तरफ़ से कौवे उड़ - उड़ कर आ जात...