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Showing posts from August, 2008

इलाहाबाद यात्रा की यादें (१) राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली से इलाहाबाद का सफर झेलम झेल

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आम तौर पर हम इलाहाबाद प्रयाग राज ट्रेन से जाते है पर इस बार सोचा की क्यूँ न डिबरू गढ़ राजधानी से दिल्ली से इलाहाबाद जाया जाए। इसका सबसे बड़ा फायदा था कि ये ट्रेन दिन मे २ बजे दिल्ली से चल कर रात साढे आठ- नौ तक इलाहाबाद पहुँच जाती है। चूँकि ५ बजे वाली राजधानी रात मे १२-१२.३० बजे पहुँचती है इसलिए २ बजे वाली राजधानी का आप्शन ठीक लगा । तो सबसे पहले नेट पर टिकट बुक करने चले तो पहले तो irctc की साईट ने परेशान किया। पहले साईट नही खुल रही थी फ़िर जैसे ही ऑनलाइन पेमेंट की कि irctc की साईट ब्लॉक हो गई। अब फ़िर बैंक को फ़ोन किया की पेमेंट रोक दे और फ़िर irctc को फ़ोन किया तो वहां के कस्टमर केयर से कहा गया की टिकट बुक नही हुआ है और पेमेंट वापिस बैंक मे भेज दी जायेगी। irctc वालों ने कहा की साईट मे कुछ गड़बड़ है और २-३ दिन बाद साईट ठीक होगी । । तो उस दिन टिकट बुक करने का इरादा छोड़ दिया। २ दिन बाद यानी १८ की सुबह-सुबह नेट पर टिकट बुक किया और इलाहाबाद का २२ अगस्त की राजधानी का टिकट वेटिंग लिस्ट २ मे मिला पर लौटने का इलाहाबाद से प्रयाग राज का कन्फर्म टिकट मिल गया था इसलिए खुश भ

इलाहाबाद की कृष्ण जन्माष्टमी की कुछ फोटो

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इस बार बहुत साल बाद जन्माष्टमी पर हम इलाहाबाद मे है तो सोचा की क्यूँ न इलाहाबाद की जन्माष्टमी की झांकी की कुछ फोटो आप लोगों तक पहुंचाई जाए। अब वैसे तो जन्माष्टमी दो दिन प हले ही मनाई गई थी पर इलाहाबाद के iskcon मन्दिर मे ९ दिन तक कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। अब इलाहाबाद मे iskcon और वो भी बलुआ घाट मे ये तो हमें पता ही नही था और अब तो बलुआ घाट कहाँ है याद ही नही है। खैर घर के बाकी लोगों को पता है तो कल हम और भाभी गए iskcon मन्दिर और वहां जाने के लिए तकरीबन पूरा चौक माने साउथ मलाका ,विवेक नन्द मार्ग,शिव चरण मार्ग,हटिया बांस मंडी होते हुए बलुआ घाट पहुंचे और आरती देखि थी । आरती के पहले भजन और फ़िर आरती शुरू हुई पहले अगर बत्ती से फ़िर एक दीपक फ़िर ५ दीपक ,उसके बाद शंख,वस्त्र ,फूल,चंवर,मोरपंख,वगैरा से भगवान् की आरती की गई।आरती के दौरान भजन हो रहा था और उस भजन पर लोग झूमते रहे नाचते रहे और कृष्ण भक्ति मे लीं रहे। इस फोटो मे भगवान् को 56 भोग का प्रसाद आप देख सकते है। ये कुछ फोटो भाभी के कजिन के घर की है जिन्होंने जन्माष्टमी सजाई थी। यहाँ पर राधा और कृष्ण झूले पर बैठे थे और एक सिल्वर

क्या आपने आमिर और खुदा के लिए फ़िल्म के गाने सुने है ?

और अगर नही सुने है तो आज यहाँ पर सुन लीजिये। इस आमिर फ़िल्म के गीतों मे सूफियाना अंदाज हमें तो बहुत पसंद आया है। और आशा है कि आपको भी पसंद आएगा। पसंद आए या ना आए बता जरुर दीजियेगा। :) पहले दो गाने आमिर फ़िल्म के है । दोनों ही गाने अलग अंदाज और मूड के है । पर जिंदगी की हकीकत के बहुत करीब है । बाद के दोनों गाने फ़िल्म खुदा के लिए के है । हमे जितनी फ़िल्म पसंद आई थी उतनी ही इसके गाने भी । Powered by eSnips.com आप सभी की शुभकामनाओं की वजह से पापा बिल्कुल ठीक है और इलाहाबाद मे है और हम भी कल इलाहाबाद जा रहे है । तो अगली पोस्ट हम इलाहाबाद से लिखेंगे ।

AIIMS का ओल्ड प्राईवेट वार्ड नम्बर 401

गोवा से दिल्ली आने का प्रोग्राम तो जून में ही बन गया था और इसीलिए हमने दिल्ली के लिए ५ जुलाई की फ्लाईट भी बुक की हुई थी । आम दिनों की तरह २५ जून की शाम को भी हम और पतिदेव उस वीकएंड में गोवा में होने वाले फ़िल्म फेस्टिवल के लिए फिल्में सेलेक्ट कर रहे थे । कि तभी हमारी जिज्जी का फ़ोन आया तो थोडी देर बात करने के बाद जिज्जी ने हमसे पूछा कि क्या तुम्हारी पापा से बात हुई । तो हमने कहा नही । जिज्जी के इस तरह पूछने पर हमें थोड़ा अजीब सा डर लगा और हमने जिज्जी से पूछा क्यूँ ? यूँ तो पापा से नियमित रूप से बात होती रहती थी और है पर २३-२४ जून को पापा से बात नही हुई थी और २५ जून को जब फ़ोन पर जिज्जी ने बताया की पापा की तबियत बहुत ख़राब हो गई है । हमें तो यकीन ही नही आया क्यूंकि दो दिन पहले ही पापा से बात हुई थी और उस समय बस उन्हें बुखार ही था।जिज्जी से बात करने के बाद भइया को इलाहाबाद फ़ोन किया और उन से पापा की तबियत का पता चला , तब तो कुछ देर के लिए समझ ही नही आया की क्या करें फ़िर हमने भइया से कहा कि हम इलाहाबाद आ जाते है । तब भइया ने कहा कि अगले

आप सभी भाई-बहनों को राखी की हार्दिक बधाई

राखी का त्यौहार और इसके साथ जुड़ी यादें साल दर साल संजोते है। बचपन मे हर राखी मे भइया हम सब बहनों को कोई न कोई सरप्राइज जरुर देते थे । चूँकि हम घर मे सबसे छोटे है तो राखी बाँधने मे हमारा नंबर आख़िर मे आता था। तो जब बड़ी दीदी लोग भइया को राखी बांधती तो भइया दीदी लोगों को कोई न कोई तोहफा देते थे और और जब हम राखी बांधते तो भइया ऐसे दिखाते थे मानो हमारे लिए कुछ भी नही लाये हों । और जैसे ही हमारे आंसू टपकने को होते कि भइया चुपके से हमारे लिए लाया हुआ गिफ्ट हमें दे देते और हमारे चेहरे पर खुशी और हँसी दोनों फूट पड़ती थी । :) भइया की कलाई पर राखी बांधते हुए हम ये गाना हमेशा गाते है और आज हम वही गाना अपने भइया के साथ -साथ आप सबके के लिए भी यहाँ पर लाये है। और इस भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना गाने के साथ-साथ राखी के कुछ और बहुत ही प्यारे गाने भी आप सुनिए । ब्लॉगर परिवार के सभी सदस्यों को राखी की बहुत - बहुत बधाई और शुभकामनाएं । Powered by eSnips.com

आजादी के अवसर पर आज तक चैनल का ऑफर एक के साथ एक साल फ्री

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आजादी के इकसठवें साल पर आज तक का ऑफर एक साल के साथ एक साल फ्री। :) यकीन न आए तो जरा इन दो फोटो को देखें । इन दोनों फोटो मे राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के राष्ट्र के नाम पर दिए गए संदेश की समीक्षा की जा रही थी। आज तक जिसे हमेशा नंबर वन चैनल का खिताब मिलता है उससे कम से कम ये उम्मीद तो नही की जा सकती है।और ये न्यूज़ काफ़ी देर तक दिखाई गई थी। अफ़सोस सबसे तेज हिन्दी चैनल का ये हाल है। :(