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ख़ुद सोचिये कि इसके क्या फायदे है और क्या नुकसान है (डी एडिक्शन)

अंडमान मे डी एडिक्शन के o.p.d.मे जो भी क्लाईंट आते थे वो हमेशा परिवार के कहने पर या उन्ही के साथ ही o.p. d. मे आते थे।क्लाईंट हमेशा इस बात से इनकार करते है कि वो ज्यादा नशा करते है। उनका हमेशा ये तर्क होता और वो इस बात पर भी जोर देते थे कि अगर वो शराब पीते है तो अपने पैसे की पीते है। आख़िर वो कमाते भी तो है।और ऐसे मे काउंसलर उनसे पूछता था की बस ५ कारण बता दो कि शराब पीने से क्या-क्या फायदे है ।और काउंसलर कहता कि आप फायदे बताइये हम उन्हें एक पेपर पर लिखते जायेंगे। और जब क्लाईंट वो फायदे गिनाना शुरू करता था तो काउंसलर उसे एक पेपर पर लिखता जाता । जैसे कि शराब पीने से आराम मिलता है। तकलीफ दूर हो जाती है।चिंता नही रहती है। और मजा तो आता ही है। और तब काउंसलर क्लाईंट से पूछता ठीक है ये तो आपने फायदे बताये अब क्या आप जानते है कि शराब पीने के क्या-क्या नुकसान होते है। काउंसलर इस बार का ध्यान रक्खता कि नुकसान भी क्लाईंट ही बताये। और क्लाईंट बड़े ही धीरे-धीरे नुकसान गिनाते जैसे इससे शरीर ख़राब हो जाता है। पेट मे दर्द होता है।घर मे झगडा होता है। भूख कम लगती है। लोगों से मिलना...

डी एडिक्शन कैंप (ना कहना सीखो )

इधर कई दिनों से डी एडिक्शन पर लिखना छूट सा गया था पर आज अजित जी की पोस्ट ने हमे वापिस इस विषय पर लिखने के लिए प्रेरित किया।हमने पहले भी लिखा है कि कोई पीना क्यों शुरू करता है । अंडमान मे जब हम लोग हॉस्पिटल मे लोगों की काउन्सेलिंग करते थे तो इस बात का ध्यान रखते थे कि जो भी क्लाइंट ( मरीज ) है उसे हम लोगों से अपनी बात कहने मे कोई भी हिचकिचाहट नही होनी चाहिऐ क्यूंकि अगर वो शराब पीना छोड़ना चाहता है तभी हम लोग उसकी मदद कर सकते है और इसके लिए उसे हमे सही - सही जानकारी देनी होगी।इसके लिए हम सभी काउंसलर क्लाइंट के साथ कई सेशन करते थे । शुरुआत कुछ ऐसे होती थी। काउन्सेलर सबसे पहली बात जो क्लाइंट से पूछते थे कि आपने पीना क्यों शुरू किया ? जिसका जवाब हर कोई अलग-अलग देता था जैसे किसी ने दोस्तों के साथ तो किसी ने झगडे की वजह से वगैरा-वगैरा। और दूसरी बात जो पूछते थे कि आपने पीना कब शुरू किया ? इसका जवाब भी हर कोई अलग-अलग देता जैसे किसी ने ५ साल की उम्र से तो किसी ने ८ साल की उम्र से वगैरा-वगैरा । उसके बाद काउंसलर क्लाइंट के परिवार की जानकारी लेता जिससे उसके शराब पीने ...

डी -एडिक्शन (कोई शराब क्यों पीता है )

हमने कुछ समय पहले डी - एडिक्शन के बारे मे लिखा था की हम किस तरह से इस डी-एडिक्शन कैंप से जुडे थे।जिस तरह हर संस्था का कोई नाम होता है ठीक उसी तरह इस संस्था का नाम साथी रक्खा गया था । और अंडमान मे पोर्ट ब्लेयर के जी.बी.पंत हॉस्पिटल के कमरा नम्बर ४७ मे ओ.पी.डी.शुरू की गयी थी । जिस तरह किसी भी काम को शुरू करने के लिए सबसे पहले उसकी तह तक पहुँचना बहुत जरुरी होता है ठीक उसी तरह डी-एडिक्शन मे सबसे पहले ये जानना होता है की आख़िर व्यक्ति को शराब के नशे की आदत कैसे पड़ी। यूं तो शराब पीने के लिए कोई बहाने के जरुरत नही होती है पर फिर भी कुछ ऐसे कारण होते है जिन्हे लोग समझते है कि उन कारणों की वजह से ही उन लोगों ने शराब पीना शुरू किया ।यूं तो पीने के लिए कोई भी कारण नही होता है पर फिर भी लोग ढेरों कारण ढूँढ लेते है। और ऐसे ही कुछ कारण यहां पर हम लिख रहे है जो हमे ओ.पी.डी.मे आये हुए लोगों ने बताये थे। १ )ख़ुशी मनाने के लिए। २ ) दोस्तो का साथ देने के लिए । ३)दुःख भुलाने के लिए। ४)बाप शराबी है। ५)बीबी से पटती नही है। ६)पारिवारिक कलह के कारण। ७)ऑफिस मे अधिक काम होना। ८ )थकान मिटाने के लिए...