वेलकम टू सज्जनपुर -- एक फ़िल्म समीक्षा
कल हमने ये फ़िल्म देखी और हमे अच्छी भी बहुत लगी तो सोचा कि आज इसी के बारे मे बात कर ली जाए । श्याम बेनेगल ने इस फ़िल्म को बनाया है । अब श्याम बेनेगल को तो आम तौर पर लोग बहुत ही संजीदा सिनेमा के लिए जानते है जैसे मंथन , अंकुर , भूमिका जैसी फिल्में उन्होंने बनाई है । पर ये वेलकम टू सज्जनपुर उन सभी फिल्मों से अलग फ़िल्म है । इस फ़िल्म को कॉमेडी फ़िल्म कहना ग़लत है बल्कि इस फ़िल्म को सटायर विथ कॉमेडी कहना ज्यादा उचित होगा । इस फ़िल्म की कहानी एक छोटे से गाँव सज्जनपुर की है । और यहाँ रहने वाले लोगों जैसे महादेव कुशवाहा जो की एक पढालिखा नवजवान है और जो लेखक बनते - बनते गाँव वालों की चिट्ठी लिखने वाला बन जाता है । तो वहीं कमला है जो अपने पति का इंतजार कर रही है । और इसी गाँव की एक मौसी है जो अपनी बेटी की शादी के लिए परेशान है ( किस तरह वो हम नही बता रहे है ) तो इसी गाँव का गुंडा अपनी बीबी को चुनाव मे खड़ा ...