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dev d के कुछ गीत सुनना चाहेंगे क्या ?

अनुराग कश्यप की आने वाली फ़िल्म dev d मे सुना है १८ गाने है । चिंता मत कीजिये हम १८ गाने नही लगा रहे है अभी फिलहाल कुछ गाने लगा रहे है वैसे ये भी सुना है कि अनुराग कश्यप ने अपनी साईट पर सारे गाने लगाए है । तो अगर सारे गाने सुनने का शौक है तो आप उस साईट को visit कर सकते है । :) गाने बिल्कुल ही अपने ही style के है ।हर गाने को सुनकर लगता है कि अरे इस टाइप का गाना भी है । :) एक तरफ़ सॉफ्ट सॉंग है तो वहीं दूसरी तरफ़ रॉक सॉंग भी है । अब जैसे Emosanal attyachaar के २ वर्जन है एक rock version और दूसरा brass band version । वैसे हमें इसके कुछ और गाने जैसे दुनिया ,परदेसी और ढोल यारा ढोल भी बहुत पसंद आए है पर वो e snip पर मिल नही रहे है इसलिए उन गानों को फ़िर कभी लगायेंगे ।

क्या आपने आमिर और खुदा के लिए फ़िल्म के गाने सुने है ?

और अगर नही सुने है तो आज यहाँ पर सुन लीजिये। इस आमिर फ़िल्म के गीतों मे सूफियाना अंदाज हमें तो बहुत पसंद आया है। और आशा है कि आपको भी पसंद आएगा। पसंद आए या ना आए बता जरुर दीजियेगा। :) पहले दो गाने आमिर फ़िल्म के है । दोनों ही गाने अलग अंदाज और मूड के है । पर जिंदगी की हकीकत के बहुत करीब है । बाद के दोनों गाने फ़िल्म खुदा के लिए के है । हमे जितनी फ़िल्म पसंद आई थी उतनी ही इसके गाने भी । Powered by eSnips.com आप सभी की शुभकामनाओं की वजह से पापा बिल्कुल ठीक है और इलाहाबाद मे है और हम भी कल इलाहाबाद जा रहे है । तो अगली पोस्ट हम इलाहाबाद से लिखेंगे ।

उफ़ ! टशन (फ़िल्म समीक्षा)

२-३- महीने से टी.वी.पर और हर अखबार और मैगजीन मे टशन फ़िल्म के बारे मे पढ़ पढ़ कर कल हम भी चले गए टशन देखने। और टशन देखने के बाद सोचने लगे की क्या यश राज का स्टैंडर्ड इतना गिर गया है की अब फ़िल्म का हिट होना ना होना उनकी फ़िल्म की हेरोइन के कपड़े और फिगर पर निर्भर होगा। पूरी फ़िल्म मे टशन -टशन सुनते रहे पर ना तो टशन का मतलब समझ आया और ना ही इस शब्द की कोई अहमियत समझ आई। लो जी यही तो टशन है । :) फ़िल्म मे कहानी नाम की तो खैर कोई चीज ही नही थी और उस पर करीना कपूर ,सैफ और अनिल कपूर की कमाल की एक्टिंग सोने पर सुहागा का काम कर रही थी। कौन क्या कह रहा है और क्या कर रहा है और फेस ऍक्स्प्रॅशन उफ़। इन सबको एक बार pune film institue भेजना चाहिए एक्टिंग सीखने के लिए।ले दे कर अक्षय कुमार बचे पर इसमे वो भी बस बाकियों के रंग मे रंगते हुए से लगे। सब के over acting कर रहे थे. अब जैसे रावण वाला सीन था की चलता ही जा रहा था और end होने का नाम ही नही ले रहा था। आम तौर पर करीना बहुत अच्छी लगती है पर film के फर्स्ट हाफ मे क्लोज -अप मे कुछ ज्यादा ही मेक -अप किए हुए लगी।पहले जो...

पुनर्जन्म का चक्कर अब टी.वी.सीरियल मे भी

टी.वी.सीरियल की एक बात बहुत अच्छी है कि इसमे दर्शक कुछ भी मिस नही करता है क्यूंकि आप जब भी देखना शुरू करें लगता है कहानी अभी वहीं की वहीं है हाँ बस खलनायक और खलनायिका के जुल्म जरुर बढ़ गए होते है। वो चाहे क्यूंकि ......हो या कहानी घर....हो सलोनी हो...या दुल्हन ...या फ़िर छूना है आस्मान ही क्यों ना हो। अभी कल ही हमने कई दिनों बाद जी टी.वी.देखा तो दुल्हन सीरियल मे कहानी तो कुछ ख़ास नही बढ़ी थी पर हाँ पुनर्जन्म का किस्सा देखने को मिला और हमे हमारी पोस्ट लिखने का विषय भी मिला। टी.वी.के सीरियल मे भी फिल्मी दांव-पेंच देखने को मिलते है। अब जब टी . वी . मे जब नाच - गाना सब कुछ फिल्मी स्टाइल का होने लगा है तो भला पुनर्जम का विषय कैसे छूट जाता। अभी तक तो फिल्मों मे ही पुनर्जन्म दिखाया जाता था पर अब तो टी . वी . के सीरियल मे भी पुनर्जन्म की कहानी दिखाने का चलन होने जा रहा है।पुनर्जन्म पर बनी फिल्में जैसे सुभाष घई की कर्ज और अभी हाल ही मे बनी फरहा खान की ओम शान्ति ओम काफी चली है। अभी तक एकता कपूर के सीरियल मे तथा ...