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Showing posts from February, 2012

ब्लॉगिंग के अद्भुत पांच साल

कुछ अजीब सी ख़ुशी महसूस हो रही है ये लिखते हुए कि हमें ब्लॉगिंग करते हुए पांच साल हो गए है जो कुछ अद्भुत सा लग रहा है क्यूंकि जब हमने ब्लॉगिंग शुरू की थी तो सोचा भी ना था की इतने दिन तक हम ब्लॉग लिखेंगे और उसे लोग पढेंगे भी। :) पर आप सभी के हमारे बलॉग पढ़ते रहने के कारण ही हम ये पांच साल पूरे कर पाए। हालांकि पिछले २ साल से हम बहुत ही कम लिख रहे है पर फिर भी जब भी हम कुछ लिखते है तो आप लोग उसे पढ़ लेते है और टिप्पणी भी करते है और यही हमारे हौसले को बढाने के लिए काफी है। वैसे २००९ मे जहाँ stats काउंटर ने २५ हजार दिखाया था वहीँ आज ७६ हजार से भी ज्यादा का आंकड़ा दिखा रहा है जो हमारे खुश होने के लिए काफी है क्यूंकि जितना कम हम आजकल ब्लॉग लिख रहे है उस हिसाब से ये आंकड़ा अद्भुत ही है । जहाँ २००७ मे १६० पोस्ट और २००८ मे १६७ पोस्ट लिखी थी वहीँ २००९ मे ६५ पोस्ट तो २०१० मे २४ पोस्ट और २०११ मे सिर्फ २ पोस्ट लिखी थी । वैसे २०१० और २०११ मे हमने अरुणाचल प्रदेश की वादियों से नाम का भी एक ब्लॉग बनाया था जिसपर हम ने कुछ पोस्ट लिखी थी । खैर हमने दोबारा से ब्लॉग लिखना शुरू तो उम्मीद कर

कभी-कभी धमकाना भी जरुरी होता है .... :)

अरे कहीं आप ये तो नहीं सोच रहे की हम आप लोगों को धमकाने जा रहे है। अरे नहीं इतने ज़माने बाद ब्लॉगिंग दोबारा शुरू की और उसपर आप लोगों को कुछ कहें भला ऐसा कैसे हो सकता है। अरे दरअसल पिछले साल हमारे बेटों ने मर्फी रिचर्ड का रूम हीटर खरीदा था जो कुछ दिन बाद यानी पिछले साल दिसंबर मे खराब हो गया था । बेटों ने कई बार कंपनी मे complaint की पर वहां से कोई भी नहीं आया। खैर इस साल चूँकि हम यहां दिल्ली मे है और रूम हीटर वारंटी पीरियड मे है तो सोचा की complaint कर दी जाए और बस २६ दिसंबर को मर्फी रिचर्ड के कस्टमर केयर पर फ़ोन करके complaint की और अगले दिन ही उनका टेक्नीशियन आया और उसने रूम हीटर देखने के बाद कहा कि वो तो बजाज का टेक्नीशियन है और ये प्रोडक्ट मर्फी का है इसलिए हमें दोबारा कस्टमर केयर पर फ़ोन करके नई complaint करनी होगी । तो हमने अगले दिन यानी २८ दिसंबर को फिर से मर्फी रिचर्ड के कस्टमर केयर पर फ़ोन किया और बहुत जोर देकर और खास तौर पर ये कहा कि मर्फी का ही टेक्नीशियन भेजे । और कमाल कि बात उसी दिन शाम को उनका टेक्नीशियन आया और रूम हीटर देखकर बोला कि ये तो यहां पर ठीक