दिन तारीख़ कुछ याद नहीं ( आठवाँ दिन )
जब से कवैरंटाईन शुरू हुआ है तब से कौन सा दिन है या कौन सी तारीख़ है कुछ याद नहीं है । बस रोज़ ये लगता है कि आज एक दिन और बीत गया । और हमें वो भी इसलिये पता रहता है क्योंकि आजकल हम रोज़ एक पोस्ट जो लिख रहें है । 😁 वैसे आपका तो हम नहीं जानते पर अपने बारे में तो हम यक़ीन से ये कह सकते है कि जब हम पोस्ट लिखते है तब यही पता चलता है कि कवैरंटाईन के कितने दिन कम हुये है । और आज कौन सा दिन है । अब आजकल तो रोज़ की दिनचर्या ही ऐसी हो गई है कि बस सुबह उठो , चाय शाय पियो और बस लग जाओ काम पर । अब भला ऐसे में कहाँ याद रहे कि आज कौन सी तारीख़ है या कौन सा दिन है । 😏 क्या आपको दिन और तारीख़ याद रहती है । अगर याद है तो आप कमाल है । 👍 आजकल तो उस गाने का उलटा हिसाब चल रहा है जिसमें गाया गया था कि हर दिन होली हर रात दिवाली । अपना तो हर दिन काम हर रात काम ही चल रहा है । क्या दिन क्या रात सब दिन एक समान । 😩 चलिये बहुत बातें हो गई । हम चलते है कुछ और काम निपटाने । आपने इतने ध्यान से पोस्ट पढ़ी ,इसके लिये हम आपके शुक्र गुज़ार है । हा हा हा अप्रैल फूल बनाया , आपको ग़ुस्सा तो नहीं आया...