बेलिबास योगा ( गुरु और रूप अनेक )
योगा जिसे भारत मे सदियों से ऋषि मुनि और साधू संत लोग करते आए है आज देश विदेश मे मशहूर हो रहा है।माना जाता है कि आज कल की भाग दौड़ भरी जिंदगी मे योगा करने से लोग स्वस्थ रहते है।योगा करने के लिए खुले माहौल जैसे बगीचे मे ,नदी या समुन्दर किनारे को सबसे अच्छा माना जाता रहा है। आज कल योगा बहुत ही ज्यादा प्रचलित हो रहा है । हर कोई योग गुरु बन रहा है। २०-२५ साल पहले दूरदर्शन पर भी योगा दिखाया जाता था जिसमे गुरु (सरदारी लाल सहगल) के दो शिष्य एक महिला और एक पुरूष उनके बताये हुए आसान करते थे। और गुरु बताते थे कि किस तरह से आसन करना है और किस आसन से कौन से रोग ठीक होते है वगैरा - वगैरा । कुछ समय बाद धीरेन्द्र ब्रह्मचारी और डॉली जी का कार्यक्रम दूरदर्शन पर आना शुरू हुआ जिसमे डॉली जी लोगों की समस्याएँ पढ़ती थी और धीरेन्द्र ब्रह्मचारी उनका जवाब देते थे और योग के विभिन्न आसान बताते थे। श्री श्री रवि शंकर जी भी योगा और मेडिटेशन और सुदर्शन क्रिया पर जोर देते है। ना केवल देशी बल्कि विदेशी लोग भी बड़ी संख्या मे इनके भक्त है।इनके एक-एक शिविर मे २५ से ३० हजार लोग आते ह...