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कभी-कभी ऐसे हालात हो जाते है कि बस (.shake hand और cheek kissing)

नोट - यहाँ ये कहना जरुरी है कि हम किसी भी धर्म या संस्कृति का अपमान करने की मंशा से नही लिख रहे है । हम हमेशा से यू.पी और दिल्ली में रहे है जहाँ किसी का भी अभिवादन हाथ जोड़ कर किया जाता है वो चाहे घर में आए हुए मेहमान हो या कहीं किसी पार्टी या फंक्शन में मिलने वाले लोग हो । पर यहाँ गोवा में शादी-ब्याह हो,जन्मदिन पार्टी हो,या कोई फंक्शन हो hand shake करने का ही चलन है ।(वैसे तो दिल्ली मे भी इसका काफ़ी चलन हो गया है । )पर गोवा आकर हमारी इस आदत मे कुछ बदलाव आ गया है माने अब हम नमस्कार भी करते है और साथ ही साथ हाथ भी मिला लेते है । स्त्री हो या पुरूष हर कोई हाथ ही मिलाता है । अब ये बदलाव अच्छा है या बुरा नही जानते है । पर कभी-कभी ऐसे हालात हो जाते है कि बस कुछ पूछिए मत । और ऐसा नही है कि ये चलन सिर्फ़ कैथोलिक्स मे है यहाँ के जो भी लोकल लोग है वो सभी यही करते है । आपको शायद यकीन न हो पर हमारी खाना बनाने वाली जो catholic नही है वो भी जब किसी मौके पर जैसे जन्मदिन या नया साल होता है तो shake hand करके ही बधाई देती है । वैसे इस पोस्ट को लिखने का ...

क्या आप जानते है की गौरईया चिडिया (sparrow)खत्म हो रही है.

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अभी तक तो हम लोग शेर और चीते की प्रजाति के ख़त्म होने की बात सुन रहे थे पर अब तो चिडियों के भी लुप्त होने की ख़बर आ रही है। अभी हाल मे जो नई आउटलुक मैगजीन आई है उसमे गौरईया चिडिया के बारे मे लिखा है की अब गौरईया भी धीरे - धीरे ख़त्म हो रही है । ये पढ़ कर बहुत ही अजीब सा लगा क्यूंकि गौरईया चिडिया का घर - आँगन मे फुदकना , उड़ना , चहकना क्या हम लोग भूल सकते है । पहले जहाँ सुबह हुई कि चिडिया चूं - चूं करती आँगन मे आ जाती थी . जब भी मम्मी आँगन या छत पर कुछ धुप मे सुखाने के लिए डालती तो एक नौकर बैठाया जाता की कहीं चिडिया - कौवा मुंह ना मार दे । कहने का मतलब की उस समय इतनी ज्यादा चिडिया हुआ करती थी । ये तो हम सभी जानते है कि गौरईया चिडिया को कमरे के पंखों मे घोसला बनाने मे बड़ा मजा आता था । बचपन से गौरईया को कमरे के पंखों मे घोसला बनाते देखते हुए बड़े हुए है । जहाँ गर्मी आती थी की चिडिया कमरे मे घुसने की कोशिश करने लगती थी । मम्मी हम लोगों को क...