बालों के असली रंग की खोज ( पन्द्रहवां दिन )
अरे क्या सोचने लगे आप । हम आपकी नहीं अपनी बात कर रहें है । अब इस कवैरंटाईन का कुछ तो फ़ायदा उठाना ही चाहिये ना । अब पिछले कुछ सालों से हमने अपने बालों को कलर करना शुरू किया था । पहली बार जब कलर किया तो उस समय तक बाल ग्रे नहीं हुये थे । बस शौक़िया तौर पर कुछ अलग करने की चाहत से अपने काले बालों को ब्राउन कलर में रंगवा लिया । रंगवा इसलिये कह रहें है कि पहली बार हमने सैलून से कलर करवाया था । और वो भी इस भरोसे से कि बाद में फिर हम कलर नहीं करेंगे । और बालों को कोई नुक़सान भी नहीं होगा । पर सब कुछ चाहने से हो जाये तो क्या बात है । एक बार इस कलर के चक्कर में पड़ जाये फिर तो चाहकर भी इससे छुटकारा नहीं । 😏 अरे हम सच कह रहें है क्योंकि या तो लोग शौक से या तो लोग बालों की सफ़ेदी छिपाने के लिये कलर करते है । अब हमने तो शौक के चक्कर में शुरू किया और बस इसी में उलझ कर रह गये । आपका पता नहीं । 🤓 हर हेयर कलर ब्रांड ये कहती है कि उसमें अमोनिया नहीं है और ये बालों को कोई नुक़सान नहीं पहुँचायेगा पर ऐसा कुछ नहीं है । हर ब्रांड बालों को कुछ ना कुछ नुक़सान तो करता ही है । चाहे कितना भी ते...