चुस्ती फुरती और मीठी नींद ( सोलहवां दिन )
ओहो आप कहेगें कि चुस्त तो आप पहले भी थे , अरे हम आपकी नहीं अपनी बात कर रहे है और वो क्या है ना हमने पहले भी बताया कि हम थोड़े से आलसी टाइप के है । और हमारा फ़ंडा है कि अगर घर में काम करने के लिये हैल्पर है तो फिर हम घर के कामों से दो फ़ीट की दूरी बना कर रखते है , बिलकुल सही समझे आप कि हमें तब घर का कोई भी काम करने में जरा भी दिलचस्पी नहीं रहती है । वैसे भी हम घर के काम काज करने में बहुत ज़्यादा आगे नहीं बल्कि पीछे रहते है । ☺️ पर इस कोरोना के चलते जब से हम लोग घर पर है और सारे काम करने वाले हैल्पर छुट्टी पर है तो चाहो या ना चाहो घर का सब काम करना ही पड़ रहा है । अभी तो इक्कीस दिन से शुरूआत हुई है और अभी दूर तक जाना है मतलब अभी तो काफ़ी दिन तक हम लोगों को ही सारा काम करना है । इतनी जल्दी इससे नहीं छूटने वाले । 😏 वैसे शुरू में एक दो दिन तो बहुत समय भी लगा सारा घर समेटने में क्योंकि आज तक कभी भी इतना ना तो काम किया और नाहीं कभी ऐसी ज़रूरत पड़ी । पर अब धीरे धीरे पक्के और एक्सपर्ट होते जा रहे है । अभी बीस मार्च तक हम रोज़ आठ साढ़े आठ बजे सोकर उठते थे पर आजकल हम साढ़े ...