बदला मौसम का मिज़ाज ( लॉकडाउन २.० ) बारहवाँ दिन
हर साल गरमी की शुरूआत होली ख़त्म होने के साथ ही शुरू हो जाती थी । पर इस साल तो मौसम ने भी अपना मिज़ाज कुछ बदल सा लिया है । इस साल होली के दो तीन दिन पहले तक तो बारिश ही होती रही थी जिसकी वजह से मौसम में ठंडक बरक़रार थी । और उस समय तो यही लग रहा था कि शायद होली के दिन भी बारिश होगी । पर होली से एक दिन पहले बारिश तो जरूर बंद हो गई पर तब तक इस कोरोना की कुछ कुछ आहट अपने देश में आ चुकी थी और जिसके चलते सबसे होली ना खेलने को कहा गया था । आम तौर पर होली बीतने के साथ ही हम लोग घर में ए.सी चलाना शुरू कर देते थे । पर इस साल एक तो होली बहुत जल्दी पड़ गई और दूसरे मौसम भी कुछ सर्द ही था । मतलब गरमी पड़नी शुरू नहीं हुई थी । हमें याद है पिछले साल अप्रैल के पहले हफ़्ते में हमारी सभी बहनें हमारे घर आई थी और उस समय ये हाल था कि बिना ए. सी के एक मिनट रहना दूभर था । क्योंकि मार्च से ही गरमी पड़नी शुरू हो गई थी । पर इस बार तो हम लोग ए. सी के बिना भी रह लेते है । अरे मतलब पहले तो क्या दिन क्या रात पूरे समय ए. सी चलता ही रहता था । वैसे जब हम लोग छोटे थे तब भीषण गरमी जहाँ तक हमें याद है मई में शु...