आगे-आगे शहंशाह पीछे- पीछे बादशाह

शाह रुख खान हिन्दी फिल्मी दुनिया के बादशाह है तो अमिताभ बच्चन इसी हिन्दी फिल्मी दुनिया के शहंशाह है। और शहंशाह तो वो पिछले १५-२० सालों से है। अब बेचारे शाह रुख खान आख़िर कब तक बादशाह बने रहेंगे और फिर शाह रुख करे तो क्या करें शहंशाह बनने के लिए।अब शहंशाह बनने का नुस्खा तो उन्होने हाल ही मे हुए एन.डी.टी.वी.के इन्डियन ऑफ़ द ईयर अवार्ड समारोह मे बॉस रजनी कान्त से पूछा था। और रजनीकांत ने उन्हें नुस्खा बताया भी था।

अब जब आज तक ब्रिटेन के प्रिन्स चार्ल्स प्रिन्स ही है किंग नही बने :) अरे क्यूंकि क्वीन ने अभी तक गद्दी नही छोडी है। तो शाह रुख पता नही शहंशाह कभी बन भी पायेंगे या नही ये कहना मुश्किल है।


अब शाह रुख पिछले ४-५ सालों से जाने-अन्जाने अमिताभ बच्चन के पदचिन्हों पर चल रहे है। वो चाहे फिल्में हो या फिर विज्ञापन ही क्यों ना हों। अब डॉन फिल्म इसका जीता जागता सबूत है। आज कल तो कुछ विज्ञापन जिनमे पहले अमिताभ बच्चन आते थे अब उनमे शाह रुख खान नजर आते है।

और अभी हाल ही मे शाह रुख खान को इस साल का फ्रांस का सर्वोच्च पुरस्कार दिया गया जबकि पिछले साल यही अवार्ड अमिताभ बच्चन को दिया गया था।


अब चूँकि गाहे-बगाहे शाह रुख अमिताभ के रास्ते पर चल ही रहे है तो भविष्य मे वो भी कुछ स्कूल ,महाविद्यालय,या संस्थान खोलने पर विचार करेंगे। अब उनकी बहु आने तो अभी बहुत समय है पर फिर भी ..... ।क्यूंकि शाह रुख की दोस्ती भी अमिताभ बच्चन की तरह राजनीति से जुडे कुछ लोगों से तो है ही।

अब देखना है कि शाह रुख राजनीति और इस क्षेत्र मे कदम कब रखते है।

Comments

Shiv said…
जिस रफ़्तार से 'बादशाह' चल रहे हैं, वे जल्दी ही यूनिवर्सिटी खोल देंगे. बहु के नाम से नहीं, बल्कि बेटी के नाम से..............:-)
आज के भारत के दोनों शहेंशाहों से मिलवा दिया आपने ममता जी :-)

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