Thursday, April 26, 2007

आज हम आपसे ज़ी पर आने वाले सीरियल सात फेरे की बात कर रहे है जिसमे कहानी घूम घूम कर एक ही जगह आ जाती है। ऐसा लगता है सलोनी बेचारी को सिर्फ मुसीबतों का सामना ही करना लिखा है। हर समय रोने के अलावा जैसे कुछ काम ही नही रहा है। कहानी को ख़त्म करने की बजाये इतना तगड़ा मोड़ देते है की दर्शक बेचारे समझ ही नही पाते है। कुछ दिन पहले चांदनी ने सलोनी के ससुराल वालों के घर और बिजनेस पर कब्जा कर लिया और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया पर शायद अगर सलोनी ना होती तो उसके परिवार वाले इस मुसीबत का सामना नही कर पाते क्यूंकि सीरियल की हिरोइन सबसे अकलमंद है। कावेरी तो शायद बदलेगी ही नही क्यूंकि अगर वो सीधी हो जायेगी तो क्लेश कौन करेगा।

दुल्हन नाम के सीरियल मे विद्या जो एक अनपढ़ है जब शादी के बाद वो शहर आयी थी तो हमे लगा था की शायद कोई उसे पढने के लिए प्रेरित करेगा पर ऐसा कुछ नही हुआ । चले अब हम उम्मीद करते है की सागर ठीक होकर उसे पढने के लिए प्रेरित करेगा। पर अगर कहीँ ऑपरेशन के बाद सागर की याददाश्त चली गयी तो क्या होगा , ऐसा होने की अधिक उम्मीद है वरना सीरियल ख़त्म करना पड़ेगा।

क़सम से की बानी को अब नए अवतार मे दिखाया जा रहा है और लीजिये इसमे भी रोनित रॉय आ गए ,लगता है एकता को सीरियल के लिए लड़कियां तो नयी मिल जाती है पर आदमी नही तभी तो करीब-करीब हर सीरियल मे रोनित रॉय नजर आ जाते है। इस बार तो बानी बदला लेने आयी है देखते है क्या करती है। रोनित का इतना untidy लुक देखकर गन्दा लगा ।

ममता नाम से भी ज़ी पर एक सीरियल आता है जिसे हमने कभी -कभार ही देखा है पर जितना देखा उससे ये महसूस किया की आख़िर इसे कौन पसंद करता होगा क्यूंकि ना तो सीरियल मे कोई कहानी है (ये तो सभी सीरियल के लिए कह सकते है ) और ना ही कुछ नयापन है। बीच मे सुना था की ये ख़त्म हो रहा है पर अभी कल यूं ही जब ज़ी चलाया तो इस सीरियल को देखा । सारे कलाकार बिल्कुल पुराने -धुराने से लग रहे थे । ना आवाज मे कुछ दम ना acting मे कोई दम। ये सिर्फ ५ मिनेट ही देखा था उससे आगे देखने की ना तो हममे हिम्मत थी और ना ही चाहत थी।

3 Comments:

  1. Sagar Chand Nahar said...
    लगता है एकता को सीरियल के लिए लड़कियां तो नयी मिल जाती है पर आदमी नही तभी तो करीब-करीब हर सीरियल मे रोनित रॉय नजर आ जाते है।

    केकता (एकता)कपूर से कोई जान पहचान हो तो हमारी सिफारिश करवा दें, फिलहाल मैं फ्री ही हूँ, और माशा अल्लाह रोनित रॉय से शक्ल तो बेहतर है ही एक्टिंग भी अच्छी कर लूंगा।
    mahashakti said...
    सात क्‍या चौदह फेरे लगवालों दर्शकों से रिस्‍ता चलने वाला नही है।
    Divine India said...
    वैसे तो मैं सीरियल देखता नहीं…पर इस क्षेत्र से संबंध होने के कारण कुछ देखना पड़ता है…काफी गहरा संबंध है आपका इनसे…सागर जी भी तैयार है एक्टिंग को… :) :)

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