Thursday, July 2, 2009

divar island of goa

इससे पहले गोवा के beaches और मन्दिर के बारे मे तो कई बार हमने लिखा है पर आज गोवा के island के बारे मे हम लिखने जा रहे है ।गोवा मे islands है ये पढ़कर कहीं आपको आश्चर्य तो नही हो रहा है । गोवा मे न सिर्फ़ beaches और मन्दिर है बल्कि गोवा मे कुछ ५-island भी है जैसे chorao,divar,वगैरा panjim के पास है । वैसे chorao island नदी और सड़क दोनों रास्ते से जुड़ा है पर सड़क के रास्ते जाने मे ज्यादा समय लगता है इसलिए ज्यादातर लोग ferry से ही जाते है ।chorao island पर ही डॉक्टर सलीम अली bird सैंक्चुरी भी है जिसके लिए या तो सुबह या फ़िर शाम को जाना चाहिए क्यूंकि वो समय ही सबसे सही होता है विभिन्न प्रकार की चिडियों और पक्षियों को देखने का ।

चलिए तो आज आपको divar island की सैर करा दी जाए । divar island सिर्फ़ ferry के द्वारा ही जाया जा सकता है । और इसके लिए ferry रायबंदर मे बने गोवा इंस्टीटियुत ऑफ़ मैनजमेंट के ठीक सामने से मिलती है । अभी तक इस पर यात्रियों से कोई भी किराया नही लिया जाता था पर कार ट्रक वगैरा से बहुत ही (subsidised rate ) नोमिनल सा किराया या यूँ कह ले बस नाम के लिए लिया जाता था पर अब पहली जुलाई से divar पर रहने वाले लोगों को छोड़कर ( जिन्हें अपना कोई भी पहचान पत्र दिखाना पड़ेगा ) बाकी सभी यात्रियों से किराया लिया जाएगा पर बहुत ज्यादा नही ,बस ५० पैसे और एक रुपया

खैर रायबंदर panjim से बस ६-७ की.मी की दूरी पर है । यूँ तो इस island मे devaaya आयुर्वेदिक रिसॉर्ट (स्टार )भी बना हुआ है जहाँ पर आपको हर प्रकार की सुविधा मिल सकती है । यहाँ पर ज्यादातर कॉटेज बनी हुई है और साथ ही यहाँ पर स्पा वगैरा की सुविधा भी है । साथ ही इस island पर एक छोटा सा मार्केट भी है जहाँ पर वहां रहने वालों की जरुरत की सभी चीजें मिल जाती है । divar island से बच्चे ferry से panjim पढने के लिए आते है । और इन बच्चों के टाइम पर दोनों तरफ बस खड़ी रहती है । इस island पर तकरीबन पर ३-५ हजार लोग रहते है ।

इस island पर जाने के लिए २ जगह से ferry ली जा सकती है एक तो रायबंदर से और दूसरी old goa मे बनी jetty से ।और इस viceroy 's arch जो की आदिल शाह के किले का एक द्वार है और जिसे पुर्तगालियों ने फ़िर से बनवाया था और पुर्तगाली गवर्नर इसी रास्ते से goa मे आते थे , से होकर ही jetty पर आया - जाया जा सकता हैरायबंदर से ferry हर ५-१० मिनट के अन्तर पर मिल जाती है । जैसे ही ferry मुड़ कर चलती है तो गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनजमेंट की खूबसूरत पीली बिल्डिंग दिखती है और साथ ही हिल कटिंग का भी नजारा देखने को मिलता है । और बस ५-७ मिनट की ferry ride के बाद ही divar island पहुँच जाते है । ferry से उतरते ही जैसे ही चलते है तो दाहिनी ओर old goa के सभी सफ़ेद रंग के चर्च घने पेड़ों के बीच बहुत सुंदर दिखाई देते है । हमारे कैमरा से तो उतनी साफ़ फोटो नही आई है (वरना जरुर लगाते )पर अगर खूब अच्छा कैमरा हो तो फोटो zoom करके अच्छी आ सकती है । ferry से वापिस आते हुए अगर सूर्यास्त का समय हो जाता है तो ferry पर से ये बहुत ही मन मोहने वाला दृश्य लगता है ।

तकरीबन एक -डेढ़ की.मी .तक कुछ ख़ास नही बस धान के खेत जरुर दिखते है । पर हाँ सड़क के जो दोनों ओर पानी है उसमे लोग मछली पकड़ते हुए जरुर देखे जा सकते है । :)

पर ये एक की.मी की ड्राइव बहुत अच्छी लगती है । इस सड़क के ख़त्म होते ही चढाई शुरू हो जाती है और हर थोडी दूर पर २-३ सड़क मिलती है । वैसे आप किसी भी सड़क पर चले जाए खोने का डर नही है क्यूंकि एक तो island छोटा है और दूसरे खोकर आप जायेंगे कहाँ । :)

खैर इस island पर बना चर्च और मन्दिर दोनों ही देखने लायक है । एक पहाड़ पर मन्दिर बना है और दूसरे पहाड़ पर चर्च बना है । कार से जाने मे घूम कर जाना पड़ता है वरना मन्दिर से चर्च का बस २ मिनट का पैदल का रास्ता है ।


चर्च तो सुबह और शाम ही खुलता है ,ऐसा इसलिए कह रहे है क्यूंकि हम ३-४ बार पहले गए भी है दिन मे तो चर्च हमेशा बंद रहता था पर इस बार शाम को गए थे ४ बजे तो पहली बार इस चर्च को अन्दर से देखा । चर्च के पास ही बड़ा पुराना पेड़ है जिस की जड़ें कभी-कभी आपस मे इस तरह से गुंथ जाती है की उनपर बैठकर झूला भी झूला जा सकता है ।

वैसे इस मन्दिर मे ३ देवताओं के मन्दिर बने है मुख्य मन्दिर गणेश जी का साथ ही एक पहाड़ नीचे हनुमान जी का मन्दिर है जहाँ हनुमान जी की सफ़ेद मूर्ति है और यहाँ से पहले हनुमान जी की सफ़ेद मूर्ति हमने नही देखि थी । और एक पहाड़ ऊपर सत्तारी देवी का मन्दिर (लक्ष्मी ) है । और यहाँ से आप गोवा का खूबसूरत नजारा भी देख सकते है ।

इस island पर इतनी शान्ति रहती है की क्या कहें । बड़े और खूबसूरत घर दिखेंगे पर रहने वाले कम दीखते है । वैसे आबादी भी कम है :) हाँ यहाँ पर कुछ पुर्तगाली लोग भी रहते है जिनके घरों को बड़ी आसानी से पहचाना जा सकता है क्यूंकि पुर्तगालियों के घर के ऊपर मुर्गा (rooster) बना होता है जो की पुर्तगाल का राष्ट्रीय पक्षी है । और यहाँ के बाजार मे सुबह शाम ही थोडी भीड़-भाड़ दिखाई देती है वरना पूरे island का चक्कर लगा लीजिये बमुश्किल १० -२० लोग ही दिखेंगे ।












अरे एक बात तो बताना भूल ही गए यहाँ पर गरमा गरम पकौडे बहुत अच्छे मिलते है पर वो भी सिर्फ़ शाम को दिन मे नही । :)

Friday, June 26, 2009

दिल्ली मे तो नही पर इलाहाबाद के ब्लॉगर से हुई मुलाकात

अप्रैल मे जब दिल्ली गए थे तो शुरू मे तो कुछ सोचने समझने की सुध ही नही थी क्यूंकि पापा हॉस्पिटल मे थे पर जब कुछ दिन बाद उनकी तबियत कुछ संभली तो एक दिन हमने रचना को फ़ोन किया तो रचना ने सबसे पहले यही पूछा कि हम कब दिल्ली रहे है और ये बताने पर कि हम दिल्ली मे ही है रचना काफ़ी खुश हो गई कि इस बार तो हम लोग जरुर ही मिलेंगे पर जब हमने पापा के बारे मे बताया तो रचना ने कहा कि कभी भी कोई भी भी हो तो हम उन्हें जरुर बताये रचना का इतना कहना ही बहुत था

रचना से बात करने के बाद हमने रंजना जी को फ़ोन किया तो पता चला कि रंजना जी कुछ busy थी इसलिए उनसे बात नही हो पायी थी इस बीच मे - बार रचना से बात हुई और हर बार बात इस पर ख़तम होती की इस बार तो हम लोग जरुर मिलेंगेइलाहाबाद मे जब हम थे तब रचना ने बताया था कि अविनाश वाचस्पति जी जून को दिल्ली मे एक ब्लॉगर मीट रख रहे है और अविनाश जी से भी बात हुई थी पर बाद मे वो मीट कैंसिल हो गई थी और फ़िर सन्डे को हम कुछ ऐसे उलझे रहे की तो रचना और ही अविनाश जी से बात कर पायेदिल्ली से गोवा आने के पहले एक बार फ़िर रंजना और रचना से फ़ोन पर बात हुई पर मुलाकात नही हो पायी थी

और फ़िर जब पापा को हॉस्पिटल से छुट्टी मिली तो हम लोग इलाहाबाद चले गए- दिन बाद हमने सोचा की दिल्ली मे तो परेशानी की वजह से किसी से मुलाकात नही हुई और अब जब पापा ठीक है और हम इलाहाबाद मे है तो क्यूँ इस बार इलाहाबाद के bloggers से मिल लिया जाएअब ये सोचना तो बहुत आसान था पर मुश्किल ये थी की हमारे पास किसी का भी फ़ोन नंबर नही थाखैर तो हमने जिन लोगों को जानते थे की वो इलाहाबाद के है जैसे महाशक्ति ,हर्ष वर्धन और ज्ञानदत्त जी के ब्लॉग चेक किए और प्रोफाइल भी देखा की शायद वहां फ़ोन नंबर लिखा हो क्यूंकि अब बहुत से ब्लॉगर फ़ोन नंबर अपने ब्लॉग पर लिखते है

पर किसी का भी फ़ोन नंबर नही मिला तो फ़िर हमने किसी से भी मिलने का विचार छोड़ दिया था पर अगले दिन फ़िर सोचा की और तो किसी का नही पर ज्ञान जी का फ़ोन नंबर शायद डाइरेक्ट्री मे मिल जाए पर उसमे नंबर होने पर इनक्वरी से पता किया और जब ज्ञान जी को हमने कॉल किया तो वो शायद कुछ शॉक मे गए थे :) क्यूंकि उन्हें उम्मीद नही होगी की हम उन्हें कॉल करेंगे और वो भी यूँ अचानकऔर फ़ोन करने के बाद हमें भी समझ नही आया की क्या बात करेंतो हमने उनसे और दूसरे इलाहाबाद के bloggers का नंबर पूछा तो उन्होंने सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी जी का नंबर दिया

सिद्धार्थ जी को फ़ोन किया तो जैसे ही उनको हमने अपना परिचय दिया वो बड़े खुश हुए और साथ ही अफ़सोस भी जाहिर किया कि वो हमसे मिल नही पायेंगे क्यूंकि उन्होंने बताया की वो अपने गाँव जा रहे है अपने बेटे का मुंडन करवाने और कुछ दिन बाद लौटेंगेऔर सिद्धार्थ जी कहने लगे की अगर एक दिन पहले हमने फ़ोन किया होता तो शायद मुलाकात हो जाती पर खैर अगली बार सहीफ़िर उन्होंने महाशक्ति प्रमेन्द्र का नंबर दिया पर प्रमेन्द्र से बात नही हो पायी

अगले दिन शाम को हम सिविल लाईन्स जाने का कार्यक्रम बना रहे थे और दूसरे कमरे मे थे कि तभी एक फ़ोन आया तो भइया ने उठाया और उनकी बात हुईजब हम पापा के कमरे मे आए तो भइया ने बताया कि ज्ञानदत्त जी का फ़ोन आया था और वो घर का पता पूछ रहे थे तो भइया ने उन्हें घर का address बता दिया हैसाथ ही भइया और पापा ने पूछा कि ये कौन है तो हमने उन्हें बताया कि ज्ञान जी एक ब्लॉगर है और वो भी हिन्दी मे ब्लॉग लिखते है ।

खैर -१० मिनट बाद ज्ञान जी का फ़िर फ़ोन आया address पूछने के लिए और फ़िर थोडी देर मे ज्ञान जी और रीता भाभी हमारे घर आएऔर फ़िर थोडी formal बातचीत के बाद रीता भाभी से जो बात शुरू हुई तो ऐसा नही लगा कि हम दोनों पहली बार मिल रहे हैकाफ़ी बातें हुई ब्लॉग जगत की और bloggers की और घर बार की बातें भी हुईहाँ ज्ञान जी से बात कम हुई पर अब हमें उम्मीद है कि ज्ञान जी का हमारे बारे मे भ्रम टूट गया होगा (age का ) :)

खैर तो ये थी हमारी इलाहाबाद की पहली ब्लॉगर मीट

Wednesday, June 24, 2009

शायद अब रेलवे ट्रैक को शोर्टकट के रूप मे इस्तेमाल करना बंद हो जाएगा

आज अखबार मे ये ख़बर पढ़ी थी जिसमे मुंबई की रेलवे कोर्ट ने एक मेडिकल रिप्रेजनटेटिव को रेलवे ट्रैक क्रॉस करने के कारण जेल भेज दिया था । पूरी ख़बर आप भी यहाँ पढ़ सकते है ।

वैसे रेलवे ट्रैक क्रॉस करने का नजारा हर शहर के प्लेटफोर्म पर देखा जा सकता है जहाँ न केवल लड़के और आदमी और आरतें बल्कि कई बार तो लोग सपरिवार बेधड़क रेलवे ट्रैक को एक प्लेटफोर्म से दूसरे प्लेटफोर्म पर जाने के लिए इस्तेमाल करते है । और कोई उन्हें ऐसा करने से रोक भी नही सकता था पर अब जब रेलवे पुलिस इस तरह लोगों को पकडेगी और कोर्ट उन्हें सबक सिखाने के लिए २-४ दिन के लिए जब जेल भेजेगी तब ही लोगों की इस तरह से रेलवे ट्रैक क्रॉस करने की आदत छूटेगी । ऐसी उम्मीद की जा सकती है ।

पता नही इस तरह के शोर्टकट से वो कितना समय बचा लेते है । बमुश्किल ५-१० मिनट ,पर उसके लिए अपनी जान जोखिम मे डालने से भी नही चूकते है ।

Friday, June 12, 2009

हम वापिस आ गए :)

आज बड़े दिनों बाद जब मेल बॉक्स देखा तो अल्पना जी का मैसेज पढ़ा तो सोचा की आज एक छुटकी सी पोस्ट लिख ही दी जाए । अल्पना जी हमारे गायब होने पर हमारी खोज ख़बर लेने का शुक्रिया । दरअसल कुछ परेशानी के चलते अप्रैल से जून तक हम दिल्ली और इलाहाबाद मे थे और उस बीच मे नेट करने का बिल्कुल भी समय नही मिला था । पर अब हम वापिस गोवा आ गए है और अब २-४ दिन मे पूरी तरह से ब्लॉग पढने और लिखने का काम शुरू कर देंगे । :)

Sunday, April 12, 2009

आख़िर आज बड़े दिनों बाद नेट चल ही गया ... :)

पिछले काफ़ी समय से हमारे यहाँ इन्टरनेट की समस्या आ रही थी पर फ़िर भी हम किसी तरह काम चला रहे थे पर पिछले संडे से नेट जो बिगडा तो आज ठीक हुआ है ।मतलब पूरे एक हफ्ते के बाद आज नेट चला है । अब ये संडे के कारण है या .... :)

bsnl वालों को रोज फ़ोन कर-करके हम तो तंग ही आ गए । असल मे bsnl की helpline पर जब भी complaint करते थे तो वो लोग हमेशा कहते की अड़तालीस घंटे मे ठीक हो जायेगा पर ठीक हो नही रहा था । कल शाम को जब फ़िर फ़ोन किया तो पता चला की helpline के जिस नम्बर पर हम कॉल करते है वो यहाँ का नही बल्कि pune का है ।

और फ़िर हमें समझ मे आया की जब भी हम फ़ोन मिलाते है तो हमेशा bsnl गोवा -महाराष्ट्र मे आपका स्वागत है क्यों बोलते है । अब कल pune वाले ने कहा की आप गोवा मे जो भी nearest bsnl ऑफिस है उससे बात कीजिये ।

पर खैर फिलहाल आज तो नेट चल रहा है देखें कल क्या होता है ।

चलिए लगे हाथ ये भी बता दे की गोवा की १९७ सर्विस जिसकी जरुरत अभी हाल ही मे पड़ी थी और वो भी pune से ही मैनेज होती है इसलिए कभी-कभी गोवा मे किसी का नम्बर पूछने पर उन्हें समझ ही नही आता है ।

Sunday, April 5, 2009

आज की पोस्ट बेटे के नाम ...........

हमारा छोटा बेटा जो की दिल्ली मे है ,अभी हाल ही में उस के collage मे फेस्ट था । और इस बार फेस्ट को औरगानाईज करने में बेटे ने काफ़ी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया । तीन दिन तक चले इस फेस्ट के आखिरी दिन बेटे ने भी अपने दोस्तों के साथ पहली बार perform किया । कल उसने अपना ये वीडियो हमें भेजा तो हमने सोचा की अपने इस ब्लॉगर परिवार को भी दिखाया जाए । तो आज उसी का वीडियो हम यहाँ पर लगा रहे है

हमारे सुपुत्र अभिनव नीले कुरते मे बेस गिटार बजा रहे है । सफ़ेद शर्ट में मैथयू जैकब है ,नीली शर्ट मे समीर फराज है काले कुरते मे aparna और लाल कुरते मे निखिल ड्रम बजा रहे है ।

Saturday, April 4, 2009

शहर और यारा मौला from गुलाल सुनेंगे

इससे पहले आपने आरम्भ है और दुनिया सुना था । वैसे बहुत सालों बाद गुरूवार को हमने दोबारा ये फ़िल्म देखी । :) और इस बार भी हमें ये फ़िल्म पसंद आई

तो सोचा कि आज शहर और यारा मौला भी आप लोगों को सुनवाया जाएअरे तो इंतजार कैसा । :)



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