Posts

Showing posts with the label ऑस्ट्रेलिया

इन्टरनेट पर जिंदगी भी नीलाम कर सकते है :)

अभी तक बाजी . कॉम और अन्य साईट के बारे मे सुना था जहाँ हम और आप किसी भी वस्तु वो चाहे कपड़े हो किताबें हो कैमरा हो फ़ोन हो उन्हें नीलाम कर सकते है । प्रोडक्ट को साईट पर लगाया और खरीदने वाले बोली लगानी शुरू कर देते है। आम तौर पर एक प्रोडक्ट को एक हफ्ते के लिए साईट पर लगाया जाता है। पर अब जमाना बदल रहा है और नीलम होने वाली चीजें भी ।अब इन्टरनेट पर लोग जिंदगी भी auction कर सकते है और खरीदने वाले और बोली लगाने वाले भी इन्टरनेट पर मिल जाते है। :) और कमाल की बात है कि Ian Ushers के घर,दोस्त,और उसकी नौकरी की बोली लगाने वाले आपस मे लड़ रहे है औए सिर्फ़ रविवार के दिन ही ४० लोगों ने बोली लगाई ६५०,००० डॉलर की। और Ian Ushers ने ये auction इसलिए किया क्यूंकि उसकी पत्नी उससे अलग हो गई है। और वो अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करना चाहता है। वाह क्या आईडिया है । :) यकीन ना आए तो ये ख़बर पढ़ लीजिये। यकीन आया न कि हम यूँ ही नही कह रहे थे । :)

आई.पी.एल की कुछ बातें

आई.पी.एल शुरू हुए एक महीना हो गया है और अब धीरे-धीरे आई.पी.एल की कमियां दिखनी शुरू हो रही है।एक महीने बाद अब बी.सी.सी.आई. सभी टीम के मालिकों को आई.सी.सी.के नियम -कानून के तहत चलने की राय दे रही है। तो क्या पहले बी.सी.सी.आई सो रही थी।अब किसी भी टीम का मालिक या खरीददार अपने खिलाड़ी या टीम से ड्रेसिंग रूम या मैदान मे नही मिल सकता है। लो भाई पहले तो टीम के जीतने पर प्रीटी जिंटा हो या शाह रुख खान हो फटाक से मैदान मे अपनी टीम के पास पहुँच जाते थे। पर तब तो किसी ने कोई रोक-टोक नही लगाई। पर अब बी.सी.सी.आई जाग गई है। जब १८ अप्रैल को आई. पी.एल. का पहला मैच शुरू हुआ था तब से अब तक शाह रुख खान अपनी टीम नाईट राईडर के मैच के दौरान मैदान मे नाचते और ताली बजाते हुए देखे जाते रहे है और अब अचानक से शाह रुख पर ये रोक लगाई जा रही है की वो अपनी टीम के साथ मैदान मे नही रह सकते है।अब अगर रोक लगानी थी तो पहले दिन से रोकना चाहिए था। तब तो ललित मोदी भी मैदान मे खड़े हुए दिखाए गए थे जो खुश होकर ताली बजा रहे थे और नाईट राईडर के कोच से हाथ भी मिला रहे थे और वहीं पर शाह रुख खड़े होकर ताली बजा रहे थे।अब शाह रुख तो...

जंग -ऐ ऑस्ट्रेलिया (पाप से घृणा करो पापी से नही)

कल ऑस्ट्रेलिया के सिडनी के मैदान मे हुए रोमांचक मैच मे भारत ने ऑस्ट्रेलिया को ६ विकेट से हराकर फाईनल का पहला मैच जीत लिया। कल का मैच देखते हुए एक बार को तो लग रहा था कि कहीं फ़िर वही पुरानी कहानी भारत के खिलाड़ी ना दोहरा दे पर गनीमत कि कल भारत ने अच्छा और संभालकर खेला और मैच जीत लिया। अब अगले दो और फाइनल मे धोनी के धुरंधरों को अच्छा खेलना होगा वरना ये जीत बेकार हो जायेगी । तीन फाइनल का क्या तुक है ये समझ नही आता है। पिछले कुछ मैच की तरह इस बार गनीमत रही की सचिन द ग्रेट ने अच्छा खेला और ना केवल अच्छा खेला बल्कि शतक भी ठोंका।कम से कम सीनियर खिलाड़ी होने का फर्ज तो निभाया वरना जब तक उनको याद ना दिलाया जाए की वो सीनियर खिलाड़ी है वो खेल पर ध्यान नही दे पाते है।धोनी को चाहिए की अगले मैच के लिए अभी से सचिन को उनके सीनियर होने की याद दिला दे वरना अगली बार वो अपने पुराने अंदाज मे आ जायेंगे। (आउट होने के) इस पूरे दौरे मे भारतीय और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी लड़ते - झगड़ते खेल रहे है । एक झगडा सुलझता है की दूसरा झगडा शुरू हो जाता है । हर बात को दोनों टीम एक इशू बनाकर...

ये जीतना भी कोई जीतना है कंगारूओं

आज सिडनी मे खेले गए दूसरे टेस्ट मैच मे ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को हरा कर २-० की बढ़त तो हासिल कर ली है पर क्या ये बढ़त ऑस्ट्रेलिया जैसी चैम्पियन टीम को उसके अच्छे खेल की बदौलत मिली ?शर्म आनी चाहिऐ इन कंगारूओं को जो ऐसी जीत पर खुश हो रहे है। पर अफ़सोस इस बात का है टीम इंडिया ने कोई खास अच्छा प्रदर्शन नही किया। इस मैच को भारत से जीतने के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम ने साम , दाम , दंड , भेद , इन सभी का भरपूर सहारा लिया। फिर वो भले ही ग्यारह की बजाय तेरह खिलाडी ही क्यों न हो ११ खिलाडी +२ एम्पायर बकनर और बेन्सन । एम्पायर भी ऐसे जिन्हें पहले से ही कह दिया गया था की कुछ भी हो जाये बस ऑस्ट्रेलिया के खिलाडियों को आउट नही देना है और भारतीय खिलाडियों को जबरदस्ती ही आउट देना है।वरना symonds जो की ३५-३६ के आस-पास आउट हुए थे उन्हें एम्पायर ने आउट नही दिया और जिसका नतीजा ये हुआ की symonds ने शतक बना लिया था ,वहीं द्रविड़ और गांगुली को गलत आउट दे कर भारत को मैच ही हरवा दिया। तीसरे दिन के खेल के बाद लग रहा था कि भारत ये मैच ड्रा करवा लेगा पर भारत को हार ही मिली। और इसका सबूत तो हम ...