Times litfest delhi -2
कुछ दिन पहले लिखी पोस्ट में जैसा कि हमने कहा था कि ३० नवम्बर के टाइम्स लिटफेस्ट के बारे में लिखेंगे तो लीजिये हम अपने वादे के मुताबिक ३० तारीख के सेशन के बारे में लिख रहे है । पर थोड़ी देर से लिख रहे है । :) इस दिन बहुत जल्दी करने के बाद भी हम करीब १२ बजे के आस -पास पहुंचे जिसका हमें काफी अफ़सोस था क्यूंकि सुबह का सेशन जगदीश भगवती का था , और ये सेशन ११.३० बजे ख़त्म होना था और साढ़े ग्यारह बजे से रवीश कुमार और विनीत कुमार की दिल्ली की प्रेम कहानियाँ पर सेशन होना था जो हमें लग रहा था की हमसे छूट जायेगा पर खैर चूँकि शायद जगदीश भगवती जी का सेशन देर से ख़त्म हुआ तो रवीश जी का पूरा सेशन देखने को मिला। इस किताब में रवीश जी और विनीत कुमार ने जो रोज के जीवन में बस और मेट्रो में लड़के-लड़की की बात चीत ,इश्क और प्यार को बखूबी और बहुत ही रोचक अंदाज़ में लिखा है। उन दोनों ने अपनी किताब से कुछ बहुत ही दिलचस्प और छोटी -छोटी सी प्रेम कहानियां पदक कर सुनाई. इस किताब में सभी कहानियों को बड़े ही रोचक कार्टून की मदद से दिखाया गया है।जिसे विक्रम ने बनाया है । संक्षेप में ये एक छोटी,अच्छी,रोचक और दिलचस...