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Showing posts from June, 2009

दिल्ली मे तो नही पर इलाहाबाद के ब्लॉगर से हुई मुलाकात

अप्रैलमेजबदिल्लीगएथेतोशुरूमेतोकुछसोचनेसमझनेकीसुधहीनहीथीक्यूंकिपापाहॉस्पिटलमेथेपरजबकुछदिनबादउनकीतबियतकुछसंभलीतोएकदिनहमनेरचनाकोफ़ोनकियातोरचनानेसबसेपहलेयहीपूछाकिहमकबदिल्लीआरहेहैऔरयेबतानेपरकिहमदिल्लीमेहीहैरचनाकाफ़ीखुशहोगईकिइसबारतोहमलोगजरुरहीमिलेंगे।परजबहमनेपापाकेबारेमेबतायातोरचनानेकहाकिकभीभीकोईभीभीहोतोहमउन्हेंजरुरबताये।रचनाकाइतनाकहनाहीबहुतथा।

रचनासेबातकरनेकेबादहमनेरंजनाजीकोफ़ोनकियातोपताचलाकिरंजनाजीकुछbusyथीइसलिएउनसेबातनहीहोपायीथी।इसबीचमे२-३बाररचनासेबातहुईऔरहरबारबातइसपरख़तमहोतीकीइसबारतोहमलोगजरुरमिलेंगे । इलाहाबादमेजबहमथेतबरचनानेबतायाथाकिअविनाशवाचस्पतिजी४जूनकोदिल्लीमेएकब्लॉगरमीटरखरहेहैऔरअविनाशजीसेभीबातहुईथीपरबादमेवोमीटकैंसिलहोगईथीऔरफ़िरसन्डेकोहमकुछऐसेउलझेरहेकीनतोरचनाऔरनहीअविनाशजीसेबातकरपाये । दिल्लीसेगोवाआनेकेपहलेएकबारफ़िररंजनाऔररचनासेफ़ोनपरबातहुईपरमुलाकातनहीहोपायीथी ।

औरफ़िरजबपापाकोहॉस्पिटलसेछुट्टीमिलीतोहमलोगइलाहाबादचलेगए । २-३दिनबादहमनेसोचाकीदिल्लीमेतोपरेशानीकीवजहसेकिसीसेमुलाकातनहीहुईऔरअबजबपापाठीकहैऔरहमइलाहाबादमेहैतोक्यूँनइसबारइलाहाबादकेbloggersसेमिललियाजाए । अबयेसोचनातोबहुतआसानथापरमुश्किलयेथी…

शायद अब रेलवे ट्रैक को शोर्टकट के रूप मे इस्तेमाल करना बंद हो जाएगा

आज अखबार मे ये ख़बर पढ़ी थी जिसमे मुंबई की रेलवे कोर्ट ने एक मेडिकल रिप्रेजनटेटिव को रेलवे ट्रैक क्रॉस करने के कारण जेल भेज दिया था । पूरी ख़बर आप भी यहाँपढ़ सकते है ।

वैसे रेलवे ट्रैक क्रॉस करने का नजारा हर शहर के प्लेटफोर्म पर देखा जा सकता है जहाँ न केवल लड़के और आदमी और आरतें बल्कि कई बार तो लोग सपरिवार बेधड़क रेलवेट्रैकको एक प्लेटफोर्म से दूसरे प्लेटफोर्म पर जाने के लिए इस्तेमाल करते है । और कोई उन्हें ऐसा करने से रोक भी नही सकता था पर अब जब रेलवे पुलिस इस तरह लोगों को पकडेगी और कोर्ट उन्हें सबक सिखाने के लिए २-४ दिन के लिए जब जेल भेजेगी तब ही लोगों की इस तरह से रेलवे ट्रैक क्रॉस करने की आदत छूटेगी । ऐसी उम्मीद की जा सकती है ।

पता नही इस तरह के शोर्टकट से वो कितना समय बचा लेते है । बमुश्किल ५-१० मिनट ,पर उसके लिए अपनी जान जोखिम मे डालने से भी नही चूकते है ।

हम वापिस आ गए :)

आज बड़े दिनों बाद जब मेल बॉक्स देखा तो अल्पना जी का मैसेज पढ़ा तो सोचा की आज एक छुटकी सी पोस्ट लिख ही दी जाए । अल्पना जी हमारे गायब होने पर हमारी खोज ख़बर लेने का शुक्रिया । दरअसल कुछ परेशानी के चलते अप्रैल से जून तक हम दिल्ली और इलाहाबाद मे थे और उस बीच मे नेट करने का बिल्कुल भी समय नही मिला था । पर अब हम वापिस गोवा आ गए है और अब २-४ दिन मे पूरी तरह से ब्लॉग पढने और लिखने का काम शुरू कर देंगे । :)