स्कूटर चलाना तो सीखा पर चलाया नही :)
अपनी साइकिल सीखन े की दास्तान तो हम बता ही चुके है और आज हम अपने स्कूटर सीखने का किस्सा यहां लिख रहे है। घर मे सबसे छोटे होने की वजह से स्कूटर और कार सीखने की नौबत या यूं कहें की नंबर नही आ पाया ।उस समय इलाहाबाद मे लड़कियां स्कूटर कम ही चलती थी पर हाँ लूना बहुत चलाती थी जो साइकिल और स्कूटर का मिला -जुला सा रूप था । मिला जुला इसलिए की अगर कहीं पेट्रोल ख़त्म हो जाता था तो पैडल मारकर भी चलाया जा सकता था । :) वैसे उन दिनों लूना बहुत प्रचलित थी । पर लूना को हमने कभी स्कूटर के बराबर का नही माना । ( लूना चलाने वालों से माफ़ी चाहते है ) तो इसलिए चलाने का सवाल ही नही था । वो कहते है ना कि जिसने साइकिल चलाई हो उसे स्कूटर सीखने मे कोई दिक्कत नही आती है । पर ऐसा कुछ नही है स्कूटर सीखना भी कम मुश्किल काम नही है । कहाँ हलकी - फुलकी साइकिल और कहाँ भारी - भरकम स्कूटर । पर एक बात सही है कि साइकिल चलने वाले जल्दी स्कूटर सीख लेते है । वैस्पा के लिए कहा जाता था कि वो हल्का स्कूटर ह...