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Showing posts from May, 2008

आख़िर माँ को मिला इन्साफ

६ सालों से चल रहे नीतीश कटारा मर्डर केस मे विशाल और विकास यादव को उम्र कैद की सजा हो गई है।फरवरी २००२ मे नीतीश का मर्डर विशाल और विकास ने किया था और वजह थी यादव बंधुयों की बहन भारती यादव का नीतीश से प्यार करना। जो इस परिवार को बिल्कुल भी पसंद नही था।

इस लड़ाई को नीतीश की माँ ने बड़ी हिम्मत से लड़ा क्यूंकि जहाँ एक तरफ़ वो थी वहीं दूसरी तरफ़ यू,पी,के डी.पी.यादव थे जिनके बारे मे तो सभी जानते है। इस ६ सालों मे कितने ही गवाह मुकर गए पर अजय कटारा जो की इस केस का मुख्य गवाह था उसकी गवाही ने इस केस को इसके अंजाम तक पहुंचाने मे मदद की।

२ दिन पहले इस केस की सुनवाई खत्म हुई थी और आज इन दोनों भाइयों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। आज एक माँ की जीत हुई है। और आज ये कहने मे कोई संकोच नही है कि भगवान के घर देर है अंधेर नही।

कुछ कहती है ये तस्वीर

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मजाक -मजाक मे खींची गई ये तस्वीर बहुत कुछ कह जाती है। तस्वीर vegator beach पर ली गई है और इसमे ये जो तीन बालक है ये हमारे बेटे,भतीजे और भांजे है।इस तस्वीर के लिए और कुछ कहने की जरुरत नही है।आज के समय के लिए भी ये वही संदेश देती है।

रीटा आइस क्रीम

येicecreemशब्दसुनकरहीबहुतकुछयादआजाताहै। अबजैसेहमेritaicecreamकीयादआगई। भाई हमने तो अपने बचपन मे ये आइस क्रीम बहुत खाई है। इलाहाबाद मे ये अब मिलती है या नही पता नही पर जब हम छोटे थे तब जहाँ शाम के ५ बजे नही कि एक आदमी छोटी सी हाथ गाड़ी जिस पर चारों और rita ice cream लिखा होता था आता rita icecreamकीआवाजआती और झट से हम घर के बाहर. हम क्या मोहल्ले के जितने बच्चे सभी घर के बाहर निकल पड़ते थे. और चूँकि हम लोगों के मोहल्ले मे हर घर मे खूब सारे बच्चे थे और गर्मी की छुट्टियों मे तो हर किसी के घर मे ननिहाल या ददिहाल के लोग आए हुए होते थे अरे मतलब ज्यादा बच्चे ,तो ice-cream वाले की भी खूब बिक्री होती थी।

और हर किसी को सबसे पहले ice-cream चाहिए होती और हर कोई चिल्ला रहा होता कोई चिल्लाता orange तो कोई mango तो कोई chocolate bar। किसी को vanila का cup चाहिए होता था। और ice-cream वाला हम सभी को एक-एक करके अपनी ही धीमी स्पीड से ice-cream बांटता ।हमे तो orange ice-cream हमेशा से ही कुछ ज्यादा ही प्रिय रही है। हमारीऔरहमारीदीदीमेअलग-अलगतरहकीशर्तलगतीकिकौनice-creamज्यादादेरतकखासकताहै।याकौनi…

क्या आपने आई.पी .एल की ट्रॉफी देखी है .......

अरे हमारे पूछने का ये मतलब थोड़े ही था की आप नही कह दे. पर अब जब आपने इस ट्रॉफी को नही देखा है तो हम इसके बारे मे ही बता देते है। अब आई पी एल इतने दिन से हो रहा है और इसके बारे मे हम भी यदा-कदा लिखते ही रहते है तो सोचा की क्यों ना आज आई पी एल की ट्रॉफी कुछ बात हो जाए। पर हम सोच रहे है कि कुछ कहने से अच्छा है कि आप इस लिंकपर जाकर ख़ुद ही देख लीजिये। तो कैसी लगी आपको ये आई.पी.एल की ट्रॉफी ।

तो चलिए अब इस ट्रॉफी के बारे मे थोड़ाऔरजान लेते है। इसे orra जो की हीरे की एक बड़ी कंपनी है उसने इस ट्रॉफी को बनाया है। इसमे सोना,रूबी,और हीरों का इस्तेमाल किया गया है।पर इस ट्रॉफी की कीमत किसी को नही मालूम है क्यूंकि इसकी कीमत का खुलासा नही किया गया है। ये या तो सिर्फ़ बी.सी.सी.आई.ही जानती है या फ़िर इसे बनानी वाली कंपनी।

और ट्रॉफी पर शाह रुख खान की ओर से दिए जाने वाले मैन ऑफ़ द मैच का हेलमेट भी याद आ गया । ये हेलमेट भी सोने का बना हुआ था और उस हेलमेट का वजन ७ किलो था।(थाइसलिएक्यूंकिअबतोकोलकत्तानाईटराईडरआई.पी.एल.सेबाहरजोहोगएहै) अब जिन खिलाडियों को ये हेलमेट मिला उनकी तो हो गई ना बल्ले-बल्…

houses of goa (म्यूज़ियम)

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गोवामेकुछहेरिटेजहौउसेसहैतोहमनेसोचाक्योंनाइनकीआपकोसैरकरवाईजाए। औरइसकीशुरुआतहमआजसेकररहेहै।
पंजिम से बस ८-१० की.मी. की दूरी पर पोर्वरिम से आगे तोरदा (torda) मे salvador do mundoया houses of goa नाम का म्यूज़ियम बरदेज मे है।जैसे ही पोर्वरिम के चौराहे से मुड़ते है तब इस museum की ओर जाते हुएलगता है की किसी डेड एंड ३ ३ जा रहे है क्यूंकि जैसे ही मुख्य सड़क से मुड़ते है की बस पतली सी सड़क और दोनों ओर जंगल और ढलान पर गाड़ी चलती जाती है और तब ऐसे ही घने से जंगल यहां पर मे ये museum दिखता है।

इसेबाहरसेदेखनेपरयेकभीशिपतोकभीमछलीकेआकारकालगताहै। ऊपरकीबालकनीपरजरागौरकरियेगा। और इसे बनाने वाले आर्किटेक्ट का नाम Gerard da Cunha है। और इस आर्किटेक्ट का घर भी बहुत ही खूबसूरत लगता है। इस म्यूज़ियम से ही सटा हुआ बच्चों का एक स्कूल है जिसे देखना भी एक अनुभव से कम नही है। इसम्यूज़ियममेप्रवेश के लिए २५ रूपये काटिकेट लेना पड़ता हैऔर चप्पल और जूते वहीं नीचे छोड़कर जाना पड़ता है।अगर आप चाहें तो इसके आर्किटेक्ट बाकायदा एक गाईड की तरह सारी बातें बताते है। वरना आप ख़ुद ही सब कुछ देख सकते है ।

ये meuseum तीन …

और कितने पोस्ट मार्टम होंगे ?

पिछले एक हफ्ते से हर जगह सिर्फ़ और सिर्फ़ आरुषी के मर्डर की ही खबरें देखने को मिल रही है। एक बच्ची जिसका इतनी निर्ममता से मर्डर हुआ हो उसका और कितना पोस्ट मार्टम होगा । एक पोस्ट मार्टम तो अस्पताल के डॉक्टरों ने किया पर उसके बाद से रोज ही कोई ना कोई नया सुराग लेकर न्यूज़ चैनल वाले पोस्ट मार्टम शुरू कर देते है।

कभी उस छोटी सी बच्ची का नाम उसके नौकर के साथ तो कभी उसके किसी दोस्त के साथ जोड़ कर तोकभीउसकेमोबाइलमेमिलीकाल्स का पोस्ट मार्टम शुरू कर देते है ।

पुलिस की बात माने तो आरुषी का मर्डर उसके पिता ने किया क्यूंकि आरुषी को अपने पिता और उनकी दोस्त अनिता दुर्रानी की दोस्ती पसंद नही थी। पर क्या सिर्फ़ इतनी सी बात के लिए कोई पिता अपनी बेटी का इतनी निर्ममता से खून कर सकता है।क्या उस पिता के हाथ ऐसा करते हुए नही काँपे होंगे. जैसा कि पुलिस ने कहा कि आरुषी को मारने से पहले उसके पिता ने शराब पी थी , तो क्या पिता नशे मे इतना अँधा हो गया कि उसने अपनी ही इकलौती बेटी को मार दिया।

कल पुलिस ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस मे कहा कि आरुषी और उसके नौकर हेमराज को उसके पिता ने कोम्प्रोमाईसिंग पोजीशन मे देखा था औ…

जब अंडमान मे रहते हुए मजबूरी का एहसास होता है (२)जब अस्पताल बना घर

सुनामी के एक महीने बाद हम लोग पोर्ट ब्लेयर के गेस्ट हाउस मे शिफ्ट कर गए थे । और जिंदगी ढर्रे पर आ रही थी की १५ फरवरी को जब हमने इलाहाबाद फ़ोन किया तो पता चला सोमनाथ (नौकर)ने फ़ोन पर बताया की सब लोग lucknow गए है माताजी की तबियत ख़राब हो गई है। तो हमे लगा की शायद मामाजी की तबियत ज्यादा ख़राब हो गयी है क्यूंकि २-३- दिन पहले जब मम्मी से बात हुई थी तब वो luckmow मामा को देखने अस्पताल गई थी। और १४ को इलाहाबाद वापिस आई थी।ये सोचकर जब मम्मी को उनके मोबाइल पर कॉल किया तो कोई जवाब नही मिलने पर भइया को फ़ोन किया तो भइया ने कहा की वो lucknow पहुंचकर हमे फ़ोन करेंगे।तो हमने अपनी lucknow औरकानपुरवालीदीदी को फ़ोन किया पर उन्हें भी कुछ भी पापा या भइया ने नही बताया था। बस उन्हें अस्पताल पहुँचने के लिए कह दिया था।

उस दिन रातमे भइया ने फ़ोन किया और बताया की मम्मी lucknowकेपी.जी.आई.अस्पतालके आई.सी.यू.मे भरती है । ये सुनकर तो बस आंखों से आंसू गिरने लगे।और हमने कहा की हम कल ही lucknow पहुँचते है तो पापा ने कहा की तुम परेशान मत हो ,इतनी दूर से तुम कहाँ भागी-भागी आओगी अभी हम सब है यहाँ । और जैसी…

रबर की सड़क

क्या आप रबर की सड़क के बारे मे जानते है। नही तो चलिए हम बता देते है। आजकल कीबढ़िया सड़क के बारे मे तो हम लोग जान गए है बकौललालूयादवहेमामालिनीकेगालकीतरहचिकनी , पर जब हम छोटे थे तब रबर की सड़क होती थी ।क्यों ये सुनकर आश्चर्य हुआ ना ।हमारे दादा खूब किस्से सुनाते थे। तब तो उनकी बातें सुनकर हम सब बच्चे आश्चर्य मे पड़ जाते थे ।ये रबर की सड़क का किस्सा उनमे से ही एक है।

अब ६५-७० के दशक मे तो इलाहाबाद की सड़कें तो फ़िर भी ठीक होती थी पर बनारस की सड़क कुछ अजीब सी तरह की होती थी कुछ उबड़-खाबड़ सी औरखुरदरीसी और दिखने मे सफ़ेद। और गोदौलिया के चौराहे के पास तो गड्ढे भी होते थे ।सड़क ऐसी की अगर रिक्शे पर जाए तो पूरे शरीर का अंजर-पंजर ढीला हो जाए। इलाहाबाद और बनारस का क्या तब हर हाई वे बस लाजवाब ही होता था। इतनी पतली सड़क की दो गाड़ी आराम से निकल जाए तो गनीमत और उस पर सड़क के दोनों और मिटटी । बारिश मे तो और भी बुरा हाल हो जाता था इन सड़कों का।और बारिश मे जब भी सफर पर जाते तो लगता था की कहीं गाड़ी मिटटी के दलदल मे ना फंस जाए। (इलाहाबाद,बनारस,लखनाऊ ,कानपुर तो हम लोग अक्सर ही कार से जाया क…

आई.पी.एल की कुछ बातें

आई.पी.एल शुरू हुए एक महीना हो गया है और अब धीरे-धीरे आई.पी.एल की कमियां दिखनी शुरू हो रही है।एक महीने बाद अब बी.सी.सी.आई. सभी टीम के मालिकों को आई.सी.सी.के नियम -कानून के तहत चलने की राय दे रही है। तो क्या पहले बी.सी.सी.आई सो रही थी।अब किसी भी टीम का मालिक या खरीददार अपने खिलाड़ी या टीम से ड्रेसिंग रूम या मैदान मे नही मिल सकता है। लो भाई पहले तो टीम के जीतने पर प्रीटी जिंटा हो या शाह रुख खान हो फटाक से मैदान मे अपनी टीम के पास पहुँच जाते थे। पर तब तो किसी ने कोई रोक-टोक नही लगाई। पर अब बी.सी.सी.आई जाग गई है।

जब १८ अप्रैल को आई. पी.एल. का पहला मैच शुरू हुआ था तब से अब तक शाह रुख खान अपनी टीम नाईट राईडर के मैच के दौरान मैदान मे नाचते और ताली बजाते हुए देखे जाते रहे है और अब अचानक से शाह रुख पर ये रोक लगाई जा रही है की वो अपनी टीम के साथ मैदान मे नही रह सकते है।अब अगर रोक लगानी थी तो पहले दिन से रोकना चाहिए था। तब तो ललित मोदी भी मैदान मे खड़े हुए दिखाए गए थे जो खुश होकर ताली बजा रहे थे और नाईट राईडर के कोच से हाथ भी मिला रहे थे और वहीं पर शाह रुख खड़े होकर ताली बजा रहे थे।अब शाह रुख तो…

ब्लॉग और बॉलीवुड

आजकल जिस धड़ल्ले से बॉलीवुड के सितारे ब्लॉगिंग मे उतरने लगे है कि ब्लॉगिंग या ब्लॉग जगत को अब ब्लौगीवुड कहा जा रहा है।हालांकि अभी तो कुछ ही फिल्मी सितारे ब्लॉग जगत मे आए है जैसे आमिर और अमिताभ बच्चन और अब तो सुना है कि जूही चावला भी अपना ब्लॉग बनाने जा रही है। पर लगता है कि अब जल्दी हो दूसरे सितारे भी इस मे कूदने को तैयार है।

अमिताभ बच्चन अपने दिल कि बात ब्लॉग पर लिख रहे है वो चाहे राज ठाकरे से संबंधित हो या शाह रुख से। और अब तो अमिताभ ने शाह रुख और उनके बीच की ग़लत फहमी को दूर करने की पहल भी कर दी है अपने ब्लॉग मे।

आमिर अपने ब्लॉग पर अपने कुत्ते जिसका नाम शाह रुख है उस के बारे मे लिख रहे है कि उनका doggi क्या-क्या करता है। और वो उसे कैसे बिस्कुट खिलाते है।कोई कहता है कि आमिर अपने भांजे की फ़िल्म को प्रमोट करने के लिए अपने ब्लॉग का इस्तेमाल कर रहे है ,तो कोई कहता है कि वो अपनी फ़िल्म गजनी को प्रमोट करने के लिए ब्लॉग का इस्तेमाल कर रहे है। पर लगता है कि आमिर अपने फिल्मी दुश्मनों को नीचा दिखाने के लिए ब्लॉग का इस्तेमाल कर रहे है। अब आमिर जैसे perfectionist को इतनी घटिया हरक…

संतान हो या ना हो जुल्म करने वालों को कोई फर्क नही पड़ता है

जिंदगीइम्तिहानलेतीहैवाली पोस्ट पर अमर जी ने जो टिप्पणी छोडी थी इससेदोघटनाएंयादआगईजिसमेसेएकघटनाकाहमआजजिक्रकररहेहैऔरअगलीघटनाकाजिक्रअगलीपोस्टमे। और ये घटना हमारे एक बहुत ही करीबी जानने वाले की भांजी के साथ हुई है।अब यही कोई १० साल पहले की घटना है बेबी उसको घर मे सब लोग इसी नाम से बुलाते है ।बेबी के पिता निहायत सीधे इंसान है । घर मे माँ का ही हुक्म चलता है। माँ जो कहें वही सही और वही घर के सब मानते है। उसकी माँ पढी-लिखी और एक हद तक समझदार भी मानी जाती है पर अपनी बेटी के मामले मे वो बहुत ही ग़लत साबित हुई।

पहले भी और आज भी भी यू.पी.मे परिवार बेटी की शादी करके अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होना ज्यादा बेहतर समझते है।बेबी परिवार की बड़ी और अकेली बेटी।गोरी ,सुंदर । बहुत लाड-प्यार से माँ-बाप ने पाला । माँकोहमेशायेलगताथाकीबेटीकीजितनीजल्दीशादीहोजाएउतनाहीअच्छाहै।लोगोंनेसमझायाकीअबज़मानाबदलगयाहैपहलेउसेपढ़-लिखलेनेदोफ़िरशादीकरनापरउन्होंनेइसमामलेमेकिसीकीभीनही सुनी।औरबेटीकेलिएवरकीतलाशकरतीरहीऔरदिल्लीमेरहनेवालेलड़केकेसाथशादीतयकरदी।छोटापरिवारदेखकरबेबीकीमाँबहुतखुशथी. लड़कादोभाईथेबडेभाईकीशादीहोचुकीथीऔरउसकेदोब…

क्या आप जानते है की गौरईया चिडिया (sparrow)खत्म हो रही है.

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अभी तक तो हम लोग शेर और चीते की प्रजाति के ख़त्म होने की बात सुन रहे थे पर अब तो चिडियों के भी लुप्त होने की ख़बर आ रही है। अभीहालमेजोनईआउटलुक मैगजीन आईहैउसमेगौरईयाचिडियाकेबारेमेलिखाहैकीअबगौरईयाभीधीरे-धीरेख़त्महोरहीहै।येपढ़करबहुतहीअजीबसालगाक्यूंकिगौरईयाचिडियाकाघर-आँगनमे फुदकना, उड़ना,चहकनाक्याहमलोगभूलसकतेहै।पहलेजहाँसुबहहुईकिचिडियाचूं-चूंकरतीआँगनमेआजातीथी.जबभीमम्मीआँगनयाछतपरकुछधुपमेसुखानेकेलिएडालतीतोएकनौकरबैठायाजाताकीकहींचिडिया-कौवामुंहनामारदे।कहनेकामतलबकीउससमयइतनीज्यादाचिडियाहुआकरतीथी।

ये तो हम सभी जानते है कि गौरईयाचिडियाकोकमरेकेपंखोंमेघोसलाबनानेमेबड़ामजाआताथा।बचपनसे
गौरईयाकोकमरेकेपंखोंमेघोसलाबनातेदेखतेहुएबड़ेहुएहै।जहाँगर्मीआतीथीकीचिडियाकमरेमेघुसनेकीकोशिशकरनेलगतीथी।मम्मीहमलोगोंकोकमरेकाजालीकादरवाजाबंदकरनेकेलिएकहतीथीक्यूंकिउन्हेंलगताथाकीअगरचिडियाअंदरआएगीतोपंखेसेकटजायेगी।परनातोचिडियामानतीऔरनाहीहमलोगहरसमयदरवाजाबंदरखपातेथे।औरजबभीगौरियाकमरेमेघुसतीतोपहलाकामहोताकीपंखाबंदकरदियाजाता।औरफ़िरशुरूहोताचिडियाकोबाहरउडानेऔरनिकालनेकाकाम।कोईउड़-उड़तोकोईहुश-हुशकरताऔरचिडियारानीइधरसेउधरउड़तीरहती।औरतबहमलोगोंको…

निक नेम्स ( nick names )

निकनेमयानीकिघरमेप्यारसेबुलानेवालानाम। घरोंमेबच्चोंकोबुलानेकेलिएनिकनेम्सरखनाकोईनईबातनहीहै।हरमाता-पितायादादा-दादी,नाना -नानीअपनेबच्चोंकेघरमेबुलानेकानामअलगऔरबाहर(स्कूल ) बुलानेकानामअलगरखतेहै।निकनेमकिसबसेबड़ीखासियतयेहैकिबचपनमेतोठीकहैपरजबयेबच्चेबड़ेहोजातेहैऔरख़ुदभीबच्चोंकेमाँ-बापबनजातेहैपरतबभीइन्हेइनकेनिकनेमसेहीबुलायाजाताहै। क्यूंकिकोईऔरनामबुलानेमेबड़ाहीपरायापनलगताहै। परचाहेजोहोयेनिकनेमहोतेबड़ेहीप्यारेहै। क्या हमने कुछ ग़लत कहा।


पप्पू,मुन्नी,गुडिया,बेबी,बबली,गुड्डू,पिंकी,चिंकी, मिक्की,मुन्ना ,चिंटू,चीकू, नंदू,मुन्नू, औरभीनाजानेकितनेहीऐसेनिकनेमहमआमतौरपरघरोंमेसुनतेहै। हमेयकीनहैकिइनमेसेकोईनाकोईनिकनेमतोआपकाभीहोगाही। :)
परकभी-कभीकुछअलगसेनामभीसुननेमेआतेहै।जिन्हेंसुनकरअच्छालगताहैऔरसाथहीमजाभीआताहै।तोआजकुछऐसेही२-४निकनेमकीबातहोजाए। तोशुरुआतहमएकऐसेअपनेहीनामसेकरतेहै।

ढोलक-- अबयूंतोइसनामसेबहुतबचपनमेपापाहमेबुलातेथेक्यूंकिहमबिल्कुलहीगोलमटोलथे। वैसेअबभीहैपरअबढोलकजितनेनहीहैनाइसलिएअबहमेइसनामसेनहीबुलायाजाताहै।पर बाकीनामोंसे बुलाया जाना अब भी जारी है मसलन गुडिया।

चिया-- येबच्चीदिल्लीमेहमलोगोंकीकालोनीमेरहतीहै।…

गोवा मे परशुराम का मन्दिर

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ऐसीमान्यताहैकीपहलेगोवाकहींexistहीनहीकरताथा।चारोंऔरसिर्फ़पानीऔरबहुतदूरकहींपरजमीनथी।sayadris (सयाद्री ) केपहाडोंमेजमादाग्नीऋषि (जोकीएकब्राह्मण ) अपनीपत्नीरेनुका (जोकीएकक्षत्रियथी ) और४पुत्रोंकेसाथरहतेथे।परशुरामइन्हीऋषिकेसबसेछोटेपुत्रथे।एकदिनरेनुकाजबनदीमेनहारहीथीतभीउन्हेंएकक्षत्रियराजानेदेखलियाथाऔरवोराजावहांरुकगयाथाऔरऋषियेसबदेखकरक्रोधितहोगएथेऔरइसलिएउन्होंनेअपनेपुत्रोंसेअपनीमाँकावधकरनेकोकहापरउनकेतीनोबड़ेपुत्रोंनेमनाकरदियापरपरशुरामनेअपनीमाँकावधकरदिया।इसपरखुशहोकरऋषिनेपरशुरामसेवरदानमांगनेकोकहातोउन्होंनेअपनीमाँकोजीवितकरनेकावरदानमाँगाथा।

एकदिनजबऋषिध्यानमग्नथेतभीक्षत्रियोंनेऋषिकावधकरदियाजिससेक्रोधितहोकरपरशुरामनेक्षत्रियोंकाअंतकरनेकीठानीऔरउन्होंनेक्षत्रियोंसेयुद्धकियाऔरविजयपाईपरइसविजयसेवोखुशनहीथेक्यूंकिबदलेसेउनकेमृतपिताजीवितनहीहोसकतेथे।इसलिएपरशुरामनेवोजमीनएकब्राह्मणकोभेंटकरदी।एकदिनक्षत्रिय ( सारेक्षत्रियमरेनहीथे)उसब्राहमणकेपासआएऔरकहाकीवोपरशुरामकोवहांसेजानेकेलिएकहेवरनापरशुरामउनसबकोमारदेंगे।

येसुनकरवोब्राह्मणपरशुरामकेपासगएऔरकहाकीवोइसभेंटकीहुईभूमिपरनहीरहसकतेक्यूंकिदानकरनेकेबादभीपरशुरामवहांरहरहेहैअर्…

माँ,अम्मा,मम्मी

माँजिन्हेंहमसबभाईबहन
अलग-अलगनामसेबुलाते
कोईमाँतोकोईअम्मातोकोईमम्मीकहता।
आजमाँहमसबसेबहुतदूरहै
परआजभीमाँहमसबकेबहुतकरीबहै।
आजभीउनकाप्यारकरना
उनकाडांटनाउनकादुलारना
सबयादआताहै।


माँजिन्होंनेजिंदगीमेकभी
हारनहीमानी , यहांतककी
मौतकोभीतीनबारहराया
परआख़िरमेजिंदगीने
उनकासाथछोड़ दिया।
औरमाँनेहमसबका।



आजभीमाँकावोहँसतामुस्कुराता
चेहराआंखोंऔरदिलमेबसाहै
माथेपरबड़ीलालबिंदी
औरमांगमेसुर्खलालसिन्दूर
सबयादआताहै ,बहुतयादआताहै।

जब हमने euphoria के लाइव शो का लुत्फ़ उठाया ...

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पहलीमईकोयहांकलाअकेडमीमेगोवाकेचौथेकोंकणफ़िल्मफेस्टिवलकेउद्घाटनसमारोहमे EUPHORIA ग्रुपभीआयाथा।समारोहकेउदघाटनकासमयतो६बजेथाऔरउसकेबादहीइनलोगोंकाकार्यक्रमथा।दीपजलानेऔरभाषणवगैराहोनेकेबादलोगोंकोइसबैंडकोसुननेकीललकथी।भाषणऔरदीपजलानेकाकामआधेघंटेमेख़त्महोगयाऔरफ़िरयेएनाउंसकियागयाकीबसआधेघंटेमे EUPHORIA काप्रोग्रामशुरूहोगा।

इसएनाउंसमेंटकेबादकुछलोगतोबाहरचाय-काफ़ीपीनेचलेगएऔरकुछलोगवहींबैठेरहे।औरफ़िरशुरूहुआस्टेजकोसेटकरनेकाकाम।कभीमाइकटेस्टकरतेतोकभीलाईट।थोडीदेरतोहमलोगभीयेसबदेखतेरहेपर७बजेहमारासब्रटूटगयाऔरहमलोगबाहर jetty परघूमनेचलेगए।करीबपंद्रहमिनटबादबाहरगिटारऔरड्रमकीआवाजआनेलगीतोहमलोगवापिसहॉलमेआएपरहॉलकेअन्दरतोअभीभीटेस्टिंगचलरहीथी।खैरहमलोगबैठगए।तोहमनेसमयबितानेकेलिएफोटोहीखींचनाशुरूकिया । धीरे-धीरेवहांमौजूदसभीलोगोंकासब्रख़त्महोरहाथा।एक -दोबारतोजबवोलोगगिटारका volume टेस्टकरतेतोलोगतालीबजानेलगते। (परग्रुपवालेशायदऐसीचीजोंकेआदीथेवोमुस्कराकरजनताकोधन्यवाददेते )

पौनेआठबजेकेआस-पासतोएकसज्जनबोलेकीअबलाईटऔरमाइकजैसेभीहैआपलोग program शुरूकरो।अबवोबेचारेक्याकरतेकभीलाईटतोकभीमाइकउन्हेंधोखादेरहेथे।औरफ़िरआठबजनेमे१०मिनटपरसारेकेसारेगायबह…