Thursday, May 29, 2008


मजाक -मजाक मे खींची गई ये तस्वीर बहुत कुछ कह जाती है। तस्वीर vegator beach पर ली गई है और इसमे ये जो तीन बालक है ये हमारे बेटे,भतीजे और भांजे है।इस तस्वीर के लिए और कुछ कहने की जरुरत नही है।आज के समय के लिए भी ये वही संदेश देती है।

9 Comments:

  1. Suresh Chandra Gupta said...
    हर तस्वीर कुछ न कुछ कहती है. यह तस्वीर भी बहुत कुछ कह रही है. यह आइडिया मुझे पसंद आया. तस्वीर लेने वाले को, इन युवकों को और आप को वधाई. गाँधी जी इसे देखते तो बहुत खुश होते. बंदरों का संदेश इंसानों तक पहुँच गया, और अब इंसानों से इंसानों तक पहुंचेगा.
    Rajesh Roshan said...
    कम से कम यह सीख हम ब्लोग्गेरो को जरुर सीखनी चाहिए
    PD said...
    sahi hai.. :)
    बाल किशन said...
    सच मजाक मजाक मे बहुत बड़ी बात याद दिला दी आपने.
    बापू याद आ गए.
    Udan Tashtari said...
    यह तो आपने सारे चिट्ठाकारोम तक अत्यन्त आवश्यक गांधी जी संदेश दे डाला, आभार. :)
    DR.ANURAG ARYA said...
    बहुत खूब.....
    Lavanyam - Antarman said...
    वाह ममता जी ,
    इनको शाबाशी देना
    जो ऐसा पोज़ देकर,
    तस्वीर खीँचवाने पे
    राज़ी हो गये
    - वाकई सँदेश सही है !
    - लावण्या
    bernard n. shull said...
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    मीनाक्षी said...
    बहुत .खूब ...गाँधी जी के तीनो बंदरों को बहुत बहुत प्यार और आशीर्वाद ...

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