Wednesday, March 25, 2009

आप लोग भी सोच रहे होंगे कि हम भी कहाँ सुबह-सुबह चमगादड़ (bats)की बात ले बैठे है । पर क्या करें । यहाँ गोवा मे इन सब जीवों से फ़िर से मुलाकात जो हो गई है । :)

अब है तो ये सवाल थोड़ा बेतुका पर क्या करें । असल मे यहाँ हमारे घर मे जो पेड़ है जिसमे कु चमगादड़ भी रहते है । वैसे पेड़ मे लटके हुए ये काफ़ी अच्छे लग रहे है । ( वैसे भी फोटो तो दिन में खींची है और ये एक साल पुरानी फोटो हैअरे मतलब की अब ये चमगादड़ भी बड़े हो गए है) दिन भर तो नही पर हाँ शाम को जैसे ही अँधेरा होने लगता है कि ये पेड़ से निकल कर चारों ओर उड़ने लगते है । और कभी-कभी काफ़ी नीचे-नीचे उड़ते है । कई बार तो ऐसा लगता है कि सिर छूते हुए ही उड़ रहे है । तो इस डर से की कहीं ये सिर के बाल ना नोच ले ,हम झट से सिर को हाथ से ढक लेते है ।

हम लोग रोज शाम को बाहर बैठते है पर जैसे ही चमगादड़ उड़ने लगते है तो हम लोग घर के अन्दर आ जाते है । वो क्या है कि हमेशा से सुनते आ रहे है कि अगर चमगादड़ सिर पर बैठ जाए तो वहां से बाल नोच लेता है । इसीलिए चमगादड़ को देखते ही हम घर मे आ जाते है और नही तो सिर को ढक लेते है ।

हालाँकि हमारे पतिदेव का मानना है कि ऐसा कुछ नही होता है और ये सब बेकार की बातें है । अक्सर शाम के समय जब चमगादड़ निकलते है तो इस बात को लेकर हम दोनों मे बहस भी हो जाती है और आख़िर मे हम यही डाईलौग कि अगर चमगादड़ सिर पर बैठ जाए तो वहां से बाल नोच लेता है मारकर घर में जाते है:)

वैसे अगर कभी आप गोवा मे आए हुए हो और patto ब्रिज जो मांडवी नदी पर बना है ,उससे कभी गौधूली के समय आ या जा रहे हो तो जरा गौर से देखियेगा तो आप देखेंगे कि बाहर से झुंड के झुंड चमगादड़ शहर की ओर उड़ते चले आ रहे होते है ,
छोटे-बड़े हर साइज़ के । :)

16 Comments:

  1. Neeraj Rohilla said...
    चमगादड सिर के बाल नहीं नोचता है, ये सिर्फ़ भ्रम है। मुझे तो चमगादड बोले तो बडा क्यूट लगता है।
    दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
    चमगादड़ अकेला स्तनधारी जीव है जो उड़ता है। उसके शरीर को जब फैला हुआ देखें तो लगता है पंख वाला इंन्सान है, छोटा सा। वाकई क्यूट!
    दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
    बाल नोचने का तो पता नहीं, हम तो परख भी नहीं सकते।
    विनय said...
    अब बाल नोचने वाली बात को तो मैं भी नहीं मानता!

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    चाँद, बादल और शाम
    गुलाबी कोंपलें
    आलोक सिंह said...
    छोटा सा जीव है बेचारा चमगादड़ , कई बार रात में घर में भी घुस जाता है ,पर आज तक उसने कभी बाल नहीं नोचे .
    मा पलायनम ! said...
    मैंने भी पहले कभी नहीं सुना क्योकि उन्हें तो पहले ही तरंगों से सब कुछ ज्ञात हो जाता है फिर टकराना या बाल नोचना कुछ हजम नहीं हो रहा है वैसे इस विषय में साइंस ब्लोगर वालों से बात कर लें जैसे डॉ अरविन्द मिश्र जी या फिर जाकिर अली रजनीश जी से .
    रंजना [रंजू भाटिया] said...
    मैंने तो बस फोटो में देखा है यह ..अब बाल नोचता है नहीं यह नहीं पता :)
    लवली कुमारी / Lovely kumari said...
    बिलकुल नहीं.. यह भ्रम है.चमगादड़ बाल नहीं नोचता.
    ज्ञानदत्त पाण्डेय | G.D.Pandey said...
    अच्छे फोटो हैं - चमगादड़ ऐसे लटके हैं जैसे नारियल!
    चमगादड़ के विषय में बहुत भ्रान्तियां हैं। है भी विचित्र - मैमल है पर उड़ता है!
    mehek said...
    chamgadad se hame bahut darr lagta hai:(,do kadam door hi achhe,vaise ye bal nahi nochte shayad,aapnekhichi tasveer bahut badhiya hai ek dam professional.
    अभिषेक ओझा said...
    बिलकुल नोचता है. वैसे आजकल उनका बाल नोचने का मूड नहीं करता, बोर हो गए नोच-नोच के :-)
    डॉ .अनुराग said...
    nahi ji bilkul nahi.
    कंचन सिंह चौहान said...
    hame to bahut dar lagta hai...kabhi sar par baitha kar try bhi nahi maar sakte..kya pata noch hi le baal :)

    aur ha.n aap ka e-mail ID mere paas nahi hai isliye yahin par kahana pad raha hai ki aap ke comment ne hame bilkul hurt nahi kiya tha, kisi bhi cheej ke vishay me sahi ray dena to achchhi baat hai na..varna fir Tippaniyo ka matlab hi kya rah jaye..! aap ke comment ne mujhe fir se sochne ka avsar diya....! No need to be sorry :) :) I really liked that
    Arvind Mishra said...
    भय लगना स्वाभाविक है मगर यह भी तथ्य है कि चमगादण सजीव निर्जीव किसी से नहीं टकराते ! अपने विशेष जैव राडारीय तरंगों के कारण !
    हाँ पश्चिम के ड्रैकुला के चरित्र ने इनके प्रति बिना आधार के भय को हयिलायिट किया ! ज्यदातर चमगादण फल फूल भोजी होते हैं -स्तन पोषी हैं ! माएं बच्चों को दूध पिलाती हैं ! यह हमारी तरह ही स्तन्पोशी जीव हैं -इनसे क्या डरना ?
    संगीता पुरी said...
    आज तक बडे चमगादड को तो दिन में पेडों पर लटके हुए ही देखा है ... पर एक छोटे चमगादडों की भी प्रजाति होती है ... ये रात घरों मे घुस जाया करते है ... थोडी देर बाद खुद निकल भी जाते है ... किसी को कोई नुकसान पहुंचाए बिना ही ... हमारे यहां उनका घर में घुसना शुभ माना जाता है।
    राज भाटिय़ा said...
    बिलकुल नही नोचता बाल हम ने तो इसे पकड भी रखा है, इस के नाखुन पतले ओर तीखे होते है,
    धन्यवाद

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