Wednesday, March 4, 2009





बहुत शुरू में लावण्या जी ने इस मन्दिर के बारे में हमें लिखने के लिए कहा था पर हम लिख नही पाये थे . इसकी कोई ख़ास वजह नही थी बस हम जब भी इस मन्दिर में गए रात में ही गए थे और चूँकि हम आम तौर पर फोटो लगाते है इस वजह से इसके बारे में नही लिखा था । पर अभी पिछले हफ्ते ही हम वहां दिन में गए थे । तो अब फोटो के साथ इस मन्दिर को हमारे साथ घूमने चलिए ।

मंगेशी मन्दिर पंजिम से २२ कि. मी. दूर पोंडा मे स्थित है ।४०० साल पुराने इस मन्दिर के मुख्य हॉल मे १९ century के झाड़-फानूस लगे हुए है ।(मन्दिर के अन्दर फोटो खींचना सख्त मना है ) ये मन्दिर एक पहाडी पर बना है और चारों तरह हरियाली देखते ही बनती है । इस मन्दिर के प्रवेश द्वार के बाहर फूल बेचने वाली बैठी रहती है जिनसे आप चाहें तो मन्दिर मे चढाने के लिए फूल की प्लेट १०-२० -३० रूपये मे खरीद सकते है । पर हम आम तौर पर दान पात्र मे रूपये ही डालते है क्योंकि यहाँ के मंदिरों मे पुजारी भगवान को फूल नही चढाते है बल्कि पुजारी जहाँ बैठते है वहीं पर एक बड़ी सी डलिया रक्खी रहती है पुजारी उसी में फूल डाल देते है । पर हाँ कभी-कभी सामने ही शिव जी के वाहन नंदी स्थापित है उन्हें फूल चढा देते है ।

मन्दिर मे प्रवेश के लिए १०-१५ सीढियां पड़ती है और जैसे ही मन्दिर मे प्रवेश करते है सामने सात मंजिला दीप स्तम्भ दिखता है जिसमे जात्रा के दौरान या किसी फेस्टिवल के दौरान दीपक जलाए जाते है । और इस दीप स्तम्भ के पीछे मंगेशी मन्दिर है जहाँ पर शिव भगवान की मूर्ति स्थापित है ।शिव जी के साथ साथ गणेश जी और पार्वती जी की मूर्ति भी है इस मन्दिर में । इस मन्दिर के प्रवेश द्वार पर ऊपर ॐ लिखा है और इससे प्रवेश करने पर मन्दिर का इतिहास एक पत्थर पर लिखा दिखता है । जिससे ये पता चलता है कि पहले ये मन्दिर cortalim मे था और १५६० ऐ.डी. मे इसे पोंडा मे शिफ्ट किया गया था या स्थापित किया गया था । इस मन्दिर को दीनानाथ मंगेशकर परिवार से भी जोड़ा जाता है । जैसे ही main road से मन्दिर के लिए चलते है तो सड़क पर एक बोर्ड पर दीनानाथ मंगेशकर लिखा हुआ भी दिखता है ।

यहाँ पर माघ पंचमी ,नवरात्रि ,शिवरात्री काफ़ी धूम-धाम से मनाते है । और उस दौरान यहाँ जबरदस्त भीड़ होती है । और हाँ दीप स्तम्भ के पास से भी आप कुछ shopping कर सकते है । यहाँ पर छलनी से रंगोली बनाने वाले की खासी बिक्री होती है । और मन्दिर के बाहर भी दुकाने होती है जिनसे आप चाहे तो shopping भी कर सकते है और हाँ चाहें तो वो रिंग वाला गेम खेलकर कोल्ड ड्रिंक की bottle भी जीत सकते है ।वो भी बस १० रूपये मे । तो है न सस्ता । :)




12 Comments:

  1. दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
    मंगेशी मंदिर नाम से ही लगता है कि इस का संबंध मंगेशकर परिवार से है।
    Arvind Mishra said...
    भव्य ,अतीव सुन्दर ! शुक्रिया !
    P.N. Subramanian said...
    बड़ा ही सुन्दर वर्णन.यहाँ के छोटे छोटे केले हमें अछे लगे. आभार.
    रंजना [रंजू भाटिया] said...
    बहुत बढ़िया रोचक जानकारी दी आपने ममता जी .नाम सुना था .बस इसका जाना आज इसके बारे में .शुक्रिया
    नीरज गोस्वामी said...
    बहुत सुन्दर मंदिर है ये तो...अगली बार गोवा जाने पर जरूर दर्शन करेंगे...शुक्रिया आप का इसके बारे में विस्तार से बताने का...
    नीरज
    Manish Kumar said...
    इस मंदिर में मैं गया हूँ बीस साल पहले :) मुख्य द्वार तो याद रहा पर द्वीप स्तंभ निकल गया स्मरण से। अच्छा लगा यहाँ इसके बारे में पढ़ना ।
    कंचन सिंह चौहान said...
    jaankari ka dhanyavaad
    ज्ञानदत्त । GD Pandey said...
    गोवा तीन दिन के लिये तीन साल पहले देखा था। याद ताजा हो आई!
    Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...
    बहुत ही सुन्दर जानकारी.......आभार
    राज भाटिय़ा said...
    बहुत ही सुंदर जानकारी देने के लिये आप का धन्यवाद
    लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...
    श्री मँगेश भगवान को प्रणाम और आपका आभार जो हमेँ भगवान के धाम की यात्रा करवा दी ममता जी और मेरा अनुरोध स्वीकार किया ...
    स स्नेह
    - लावण्या
    prasanna said...
    Residential NA Plot in Goa fonda , starting price 5 or 6 lakh onwards. Contact 9604040305 or 020 25888547

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