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अब चारु शर्मा रॉयल चैलेंजर के सी .ई .ओ नही रहे ...

भाई आप लोग खबर को ग़लत मत पढिएगा । :) अब आज ही अखबार मे ख़बर छपी है की चारु शर्मा जो की रॉयल चैलेंजर के सी.इ.ओ.थे उन्हें विजय मलाया ने हटा दिया है और उनकी जगह ब्रिजेश पटेल को इस RC टीम का नया सी.ई.ओ. बनाया गया है।जबकि चारु शर्मा का कहना है की उन्होंने पर्सनल रीजन से टीम को छोडा है।अब असली वजह तो मलाया और चारु ही जानते होंगे। मलाया ने तो चारु को हटाने की वजह का तो कुछ ख़ास खुलासा नही किया है। बस ये कहा गया है की ब्रिजेश पटेल चूँकि क्रिकेटर रहे है इसलिए वो टीम के लिए बेहतर साबित हो सकते है। अब बेचारे चारु शर्मा तो क्रिकेटर है नही । अभी पिछले मैच मे जब रॉयल चैलेंजर जीते थे तब चारु शर्मा बड़े खुश थे पर उन्हें क्या पता था की उनकी खुशी बस कुछ दिनों की ही है। वैसे क्या आप जानते है कि विजय मलाया तो अपनी RC को नीलम करने की भी सोच रहे थे जो भी lowest bid करता उसे टीम दे दी जाती। वो तो गनीमत है की पिछला मैच रॉयल चैलेंजर जीत गई वरना खिलाडियों की एक बार फ़िर बोली लग रही होती बस फर्क इतना होता की इस बार कम बोली लगाने वाले को ये खिलाड़ी मिलते। अब जब बाजार मे खिलाड़ी ...

ठक-ठक कौन है --ठाकरे

ठाकरे अब वो चाहे राज ठाकरे हो यस उद्धव ठाकरे हो या फ़िर बाला साहेब ठाकरे हो रोज ही इन तीनों मे से कोई ना कोई उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ कुछ ना कुछ बोलता या लिखता रहता है। फरवरी मे जो राज ठाकरे ने उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ अपना भाषण दिया उसके बाद मुम्बई मे जितनी तोड़-फोड़ और मार पीट हुई वो हम सभी जानते है।उस दिन से आज तक ठाकरे का उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ बोलना जारी है। राज ठाकर े अमिताभ बच्चन को कहते है कि वो यू.पी को अपना मानते है तो इसमे ग़लत क्या है. कोई भी इंसान जहाँ वो पैदा हुआ और बड़ा हुआ है क्या उस जगह को कभी भूल सकता है। कभी नही। वो हमेशा अपनी मिटटी से जुडा रहता है।आप चाहे मुम्बई मे रहे या विदेश मे अपनी जगह को भूल नही सकते है। ठाकरे अपने आप को महाराष्ट्र और मराठियों का बचाने वाला कहते है पर क्या कभी किसी ने ने ये सोचा कि क्या सारे मराठी मानुष भी वही सोचते है जैसा कि राज ठाकरे सोचते है।अब राज की तरह अमिताभ बच्चन कम से कम यू.पी के लोगों को भड़काने का काम नही कर रहे है। राज अपनी मुम्बई से प्यार करते है ये बहुत अच्छी बात है । जब राज ठाकरे ने अमिताभ बच्चन को मुम्बई से ज्यादा यू...

आख़िर आमिर खान ने अवार्ड ले ही लिया.

आमिर खान और अवार्ड !! इतने सालों से आमिर खान किसी भी अवार्ड फंक्शन मे ना तो जाते थे और ना ही कोई अवार्ड लेते थे।वो चाहे फ़िल्म फेयर अवार्ड हो या ज़ी सिने अवार्ड हो या फ़िर आई फा अवार्ड ही क्यों ना हो। आमिर ने अपना उसूल बना रखा था इस तरह के अवार्ड फंक्शन से दूर रहने का। पर कल आमिर ने अपने उसूल को तोड़ा । क्या कहा आपको यकीन नही हो रहा है तो इस लिंक पर क्लिक करिये और ख़ुद देखिये और पढिये । और कल आमिर ना केवल अवार्ड फंक्शन मे गए बल्कि ख़ुद ही अवार्ड भी लिया । आमिर खान को ये स्पेशल अवार्ड उनके हिन्दी सिनेमा मे किए गए योगदान के लिए दिया गया है । कल मुम्बई मे हुए एक समारोह मे लता मंगेशकर ने मास्टर दीनानाथ मंगेशकर अवार्ड आमिर खान को दिया ।और अवार्ड लेते हुए आमिर भी खुश ही लग रहे थे।

ये कैसी सोसाइटी ....

मुम्बई मायानगरी की एक बड़ी ही दिल मे हलचल मचाने वाली न्यूज़ देखी । मुम्बई की एक ग्रुप हाऊसिंग सोसाईटी जहाँ सारे घरों मे हिंदू जैन परिवार रहते है उसी सोसाइटी मे एक मुस्लिम परिवार भी रहता है । पर सोसाइटी के लोगों ने इस मुस्लिम परिवार के घर का पानी और बिजली बंद कर रक्खी है । पिछले २ सालों से ये परिवार लालटेन और मोमबत्ती की रौशनी से अपने घर मे उजाला करता है । और मुनिस्पल्टी के नल से जरी कैन मे पानी भर - भर कर अपने घर लाता है । वो भी सीढियों के रास्ते क्यूंकि लिफ्ट मे तो उनको चलने की मनाही है । हफ्ते मे एक दिन वो अपने किसी दूसरे रिश्तेदार के घर जा कर परिवार के कपड़े धोते है । इस मुस्लिम परिवार का कहना है कि बिजली - पानी के लिए उन्होंने १ . २५ लाख का डिपॉजिट भी सोसाइटी को ९ महीने पहले दे दिया था पर आज तक ना तो पानी और ना ही बिजली उनके घर मे आई । इस परिवार को सोसाइटी से बाहर करने के लिए भी बाकी दूसरे परिवार लगे हुए ह...

आत्महत्या और शिक्षा प्रणाली

मार्च का महीना यानी दसवीं और बारहवीं के बोर्ड के इम्तिहान का समय । हर साल फरवरी और मार्च के महीने मे छात्र -छात्राओं द्वारा आत्महत्या की खबरें पढने -देखने को मिलती है। बच्चों के कोमल दिमागमे पढ़ाई के साथ-साथ मे बोर्ड और फ़ेल और पास होने को लेकर इतना भय रहता है की कई बार बच्चे ऐसी परिस्थितियों से छुटकारा पाने के लिए आत्महत्या का सहारा ले लेते है। ऐसे कदम उठाने मे बच्चे का कोई दोष नही होता है बल्कि माँ-बाप और स्कूल वाले ही उन्हें एक तरह से ऐसा करने को उकसाते है। आज के समय मे जहाँ हर कोई ९० %और १०० %की बात करता है वहां ६०-७०और ८० % वालों की कोई पूछ नही है। पर क्या हमारी शिक्षा प्रणाली इसके लिए जिम्मेदार है।अभी दो-तीन दिन पहले संसद मे भी इस विषय पर चर्चा हुई थी और ये कहा जा रहा है कि इम्तिहान का सिस्टम ही खत्म कर देना चाहिए।पर क्या इमिहान ख़त्म कर देने से सब समस्या हल जायेगी। खैर अगर हम अपने समय की बात करें तब तो हम लोगों के पास(यू.पी.बोर्ड मे ) ओप्शन होता था आर्टस और साईंस का और अपनी पसंद के विषय पढने का।कोई भी पाँच विषय लिए जा सकते थे। उस समय ये नही होता था की सोशल साईंस मे च...

ठाकरे का राज या ....?

आज कल राज ठाकरे की महाराष्ट्र नव निर्माण सेना कुछ अधिक जोश मे नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों से रोज ही किसी ना किसी वजह से समाचारों मे रहती है कहीं तोड़-फोड़,तो कहीं धरना, क्यूंकि अगर ऐसा नही करे तो कहीं लोग उनकी पार्टी को भूल ही ना जाये। राज ठाकरे जब तक बाल ठाकरे के साथ थे तब तक तो काफी ठीक थे पर अब तो उनका और उनकी पार्टी का नाम किसी ना किसी विवाद मे ही आता है। ऐसा लगता है महाराष्ट्र को अगर इन्होने नही बचाया तो महाराष्ट्र तो ख़त्म ही हो जाएगा। जब अमर सिंह ने मुम्बई मे यू.पी.दिवस मनाने की घोषणा की तो ठाकरे ने कहा की वो अमर सिंह को मुम्बई मे घुसने नही देंगे और राज ठाकरे का कहना है की मुम्बई मे उत्तर भारत के लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है जिससे महाराष्ट्र को खतरा है।और राज ठाकरे का गुस्सा इस बात पर भी है की अमिताभ बच्चन जो की यू.पी. के है वो यू.पी. के विकास के लिए तो काम कर रहे है पर महाराष्ट्र के लिए नही। लो भाई एक महा विद्यालय की घोषणा से ही पूरे उत्तर प्रदेश का विकास हो जाये तो क्या बात है । ठाकरे शायद मुम्बई से उन सभी लोगों यानी माइग्रेंट को मुम्बई से बाहर न...