अंडमान निकोबार 2




अंडमान
पहुंच कर हम लोग बहुत खुश थेएअरपोर्ट से साऊथ प्वाइंट circuit house का रास्ता मिनट का है ओर circuit house थोडा ऊंचाई पर है और वहां से बहुत ही सुन्दर view दिखायी देता हैअगर आप अपनी बालकनी से या कमरे से बाहर देंखे तो सामने समुन्द्र और पहाड़ और बादलों का अदभुत नजारा देखने हो मिलता हैचुंकि हम लोग जून मे गए थे और बारिश का मौसम था इसलिये वहां का नजारा देखते ही बनता थावहां पर बारिश ऐसे होती है मानो पर्दा गिर रहा होएक समान बारिश होती रहती हैबारिश का कुछ कहा नही जा सकता है कभी झमाझम बारिश तो कभी चमचमाता सूरज निकल आता है कहने का मतलब है कि आपको वहां हमेशा छतरी लेकर चलना पड़ता है क्यूंकि पता नही कब इंद्र देव अपनी कृपा कर दे

पोर्ट ब्लेयेर मे समुन्द्र के साथ -साथ walking track बना है जिसे देख कर हमारा भी मन हो गया टहलने का। वहां सवेरा जल्दी हो जाता है यानी कि वहां का ६ दिल्ली के ८ बजे के बराबर होता है मतलब जितनी धूप दिल्ली या और जगह ८ बजे होती है उससे कही कड़ी धूप वहां सुबह ६ बजे होती है। हमको लोगो ने सलाह दी और कहा कि अगर टहलना है तो ४.३०य ५ बजे जाना चाहिए पर हम कहॉ ५ बजे उठने वाले थे । खैर अगले दिन हम सुबह ६ बजे टहलने निकले पर थोड़ी ही देर बाद धुप तेज हो गयी और गरमी बढ गयी और हमे ये अहसास हुआ कि कभी कभी दूसरों कि बात भी मान लेनी चाहिऐ क्यूंकि सूरज बहुत तेज हो गया था।

अंडमान मे यूं तो कह सकते है कि एक ही दिन मे घूमा जा सकता है पर सिर्फ संग्रहालय या zoo ही देखना काफी नही होता है। पोर्ट ब्लैयेर से २ घंटे कि दूरी पर havelock नाम का बेहद खूबसूरत द्वीप है। वहां जाने के २ साधन है एक तो स्पीड बोट जो phoenix bay jetty से रोज सुबह ७ बजे जाती है और दूसरा हैलिकॉप्टर से जिसमे २०-३० मिनट मे पहुंच जाते और ये काफी रोमांचक यात्रा होती है क्यूंकि हैलिकॉप्टर काफी नीचे उड़ता है। havelock मे बंगाली ज्यादा रहते है। और dolphin guest house के तो क्या कहने। जहाँ guest house कि चारदीवारी ख़त्म होती है वही से समुन्द्र शुरू होता है। और राधानगर beach तो पूरे asia मे दुसरे number पर है। यूं तो सूर्यास्त हर जगह ही अच्छा होता पर राधानगर कि बात ही कुछ और है।और हाँ कभी -कभी आप को हाथी भी beach पर टहलते हुए दिख सकते है।
guest house से ही बोट वाले एक और बहुत ही छोटे से द्वीप elephant island पर ले जाते है जहाँ कोरल ,सुंदर मछलियाँ देखी जा सकती है। बोट वाले ही स्नोर्क्लिंग का सब सामान साथ ले जाते है । देख कर यकीन करना पड़ता है कि पानी के अन्दर भी जीवन खुशहाल रह सकता है। अक्सर उस रास्ते मे dolphin भी दिखती है। dolphin बिल्कुल बोट के करीब आ कर बोट को छुते हुए निकल जाती है। इससे पहले कि फोटो ले वो बहुत दूर चली जाती है। इसलिये अगर आप कभी वहां जाये तो अपना कैमरा हमेशा तैयार रखे ।

Comments

राजीव said…
धन्यवाद,

अब वहाँ तक जा पाने की संभावनाएं तो क्षीण दिखती हैं, आपके ही माध्यम से अंडमान व निकोबार का आभासी भ्रमण ही हो गया!

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