कमाल की बहनें

ज़ि t.v. पर आने वाले सीरियल क़सम से मे बहनों को इतना नीचे गिरा दिया कि यकीन नही होता। सीरियल मे जय की सगी बहन जिज्ञासा और मौसेरी बहन करुना और बानी की बहन पिया इन तीनो ने किस तरह मिल कर बानी की जिंदगी खराब की ये देख कर लगता है मानो दुनिया मे रिश्तों की कोई अहमियत नही रह गयी है। यथार्थ से तो दूर -दूर तक का नाता नही है। जिस तरह पिया ने अपनी ही बहन को पागल बनाया और अपने ही बहनोई को अपने से शादी के लिए मजबूर करना तथा छोटी बहन रानो को धमकाना ,ये सब क्यों ?

जिस dvd को दिखाकर पिया जय वालिया को ब्लैकमेल कर रही है अरे mr. वालिया उसे जरा ध्यान से देखो उसमे साहिल की आवाज तो है पर उसने dialogue ही नही बोले है क्यूंकि उसके होंठ तो हिल ही नही रहे थे।

बहनो से बुआ लोग भी याद आ गयी ,बुआ का किरदार हर सीरियल मे बस भाई का घर तोड़ने और भाई का पैसा लूटना इन्ही दो कामों मे लगा है। अब बुआ चाहे ज़ि t.v.की हो या स्टार प्लस की और भला हम सोनी को कैसे भूल सकते है । हर सीरियल मे होड़ लगी है की कौन कितना बुरा दिखा सकता है। भाई-भतीजों की बुद्धि तो घास चरने चली गयी है जो कुछ बुआ या बहन कह दे आंख मूँद कर उस पर भरोसा कर लेते है। कुछ अकल का भी तो इस्तेमाल करो । अरे भाई कुछ अच्छा भी तो दिखाया जा सकता है।

Comments

संजय बेंगाणी said…
आप ऐसे बेतुके सिरीयल देख लेती है?
आपकी झेलने की क्षमता की प्रशंसा करता हूँ. :)
ऐसे धारावाहिक मत देखिए, ये धीमा जहर है। मैं नहीं देखता इसलिए कहता हूँ।
Udan Tashtari said…
आपकी झेलन क्षमता को सलाम!!

इन सिरियल्स को इतने गौर से देखकर विश्लेषण करने के लिये. :)
mamta said…
क्या करें देखे बिना रहा ना जाये और लिखे बिना भी रहा ना जाये ।
लेकिन क्या आवश्यकता है इनको देखने की!

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