आज वेलेन्टाईन डे है यानी प्यार करने वालों के लिए खतरे की घंटी। पिछले तीन-चार दिनों से हर प्रदेश मे अलग -अलग तरह से लड़के-लड़कियों को आपस मे मिलने से रोकने के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे है। भोपाल मे जहाँ बजरंग दल के लोग कहते है कि वो आज के दिन जहाँ भी किसी प्रेमी जोड़े को देखेंगे तो उनके माता-पिता को बुलाकर उनकी वहीं शादी करा देंगे, तो उत्तर प्रदेश मे ये कहा जा रहा है कि अगर कोई भी लड़का-लड़की घूमते हुए दिखेंगे तो उनका मुंह काला करके घुमाया जायेगा।
भोपाल मे जहाँ एक तरफ़ बजरंग दल लोगों को घर मे रहने की धमकी दे रहा है वहीं भोपाल मे महिलाओं ने एक गदा धारी सेना भी बनाई है प्यार को बचाने की। इस गदा धारी महिला सेना का कहना है की वो प्रेमी जोडों को बजरंग दल से बचाने और मुहब्बत को जिंदा रखने के लिए सारे शहर मे घूमेंगी।
तकरीबन हर साल कोई ना कोई दल धमकी देता है ,दुकानों मे तोड़-फोड़ करता है ,लड़के-लड़कियों की पिटाई करते है पर आख़िर क्यों ।
जहाँ हर जगह आज के दिन रोक-टोक है वहीं गोवा के अखबार वेलेन्टाईन डे सेलिब्रेशन के लिए विभिन्न होटलों के आयोजनों से भरे है।तो हैदराबाद मे तो स्पेशल कार काफ़ी मग के आकार मे बनाई गई है आज के दिन को सेलिब्रेट करने के लिए। और गुलाब की कीमत तो आज के दिन आसमान छूती है।जैसे कल ही न्यूज़ मे दिखा रहे थे की गुलाब की कीमत उनतीस लाख रूपये।है ना चौकाने वाली बात।
Thursday, February 14, 2008
वेलेन्टाईन डे यानी खतरे की घंटी
Posted by mamta at 12:46 PM
Labels: काफ़ी मग, ख़बरों की खबर, वेलेन्टाईन डे, सामाजिक, हैदराबाद
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10 comments:
इन गदहों को सबसे पहले खजुराहों जाकर वहां की मूर्तिया तोड़नी चाहिए
इन गदहों को सबसे पहले खजुराहों जाकर वहां की मूर्तिया तोड़नी चाहिए
ये धर्म और संस्कृति के ठेकेदारों ने तो हर चीज/बात का कबाड़ा कर रखा है!
जय वेलेंटाईन देव ;)
प्यार करने वाले भी किसी से कम नही पड़ते ..... मुझे यद् है १-२ साल पहले हमरे शहर में कुछ युवकों ने मिलकर इन रोकने वालों जम कर धुनाई कर डाली थी. वह भी valentaines day के दिन.
बहुत बढ़िया
मुझे कोई शिकायत नही वेलेन्टाईन डे से मगर मेरे ख्याल से हर दिन प्यार का होना चाहिये कोई एक दिन ही नही...प्यार तो इंसान की जरूरत है जिन्दगी है फ़िर इसे एक ही दिन समर्पित क्यूँ हर दिन क्यों नही...
कब किसी के रोके रुकी है ये लहर ?
गुलाब की कीमत उनतीस लाख रूपये।
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प्रेम में उनतीस लाख क्या चीज है! :-)
बाकी कोई काम काज तो है नहीं तो क्या करें बेचारे यही सब करेंगे संस्कृति की रक्षा के लिए, प्रचार होगा सो अलग।
yeh sach mein pagal log hai........ are yeh to khush hone ka din hai aur khush hone ka koi mauka nahi chodna chahiye (Mera matlab yeh nahi hai ki prem divas par keval premi premiyo ko hi khush hona chahiye) Valentine day Pita - Putra, Maa - beti. bhai bahan aur frnds sabhi ke liye khas hai ,,,,,, is din koi virodh nahi sirf pyar
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