Tuesday, June 24, 2008

१८ जून को हर साल गोवा मे क्रांति दिवस के रूप मे मनाया जाता है। क्यूंकि १८ .६.१९४६ मे डॉक्टर राम मनोहर लोहिया ने गोवा के लोगों को पुर्तगालियों के ख़िलाफ़ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया१८ जून को गोवा की आजादी की लडाई के

इतिहास मे स्वर्ण अक्षरों
से लिखा गया है१८ जून १९४६ को डॉक्टर राम मनोहर लोहिया जी ने गोवा के लोगों को एकजुट होने और पुर्तगाली शासन के ख़िलाफ़ लड़ने का संदेश दिया था१८ जून को हुई इस क्रांति के जोशीले भाषण ने आजादी की लड़ाई को मजबूत किया और आगे बढाया इस साल भी गोवा मे revolution day के दिन अलग-अलग जगहों जैसे पंजिम, मडगांव और वास्को मे समारोह का आयोजन किया गया।पंजिम के आजाद मैदान मे गोवा के गवर्नर श्री एस.सी.जमीर गोवा के मुख्यमंत्री और गोवा सरकार के अधिकारियों और जनता ने इस समारोह मे भाग लिया। इस साल ४१ स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर गवर्नर ने सबसे पहले आजादी की इस लड़ाई मे शहीद हुए सेनानियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए ।२१ गन से सलामी दी गई। उसके बाद मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानियों ने भी शहीद स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर शहीदों को अपनी श्रधांजलि दी।
गवर्नर ने अपने भाषण मे कहा की आजादी का सबसे बड़ा फायदा है की किसी भी व्यक्ति को अपनी बात कहने की आजादी होती है।
और गवर्नर के भाषण का बिल्कुल सही उपयोग गोवा दमन और दियू स्वतंत्रता सेनानी एसोसिअशन के अध्यक्ष जयद्रथ शोदंकर ने किया और उन्होंने एक के बाद एक अपनी शिकायतें बतानी शुरू की कि किस तरह से स्वतंत्रता सेनानियों के बच्चों suffer करना पड़ रहा है। स्वतंत्रता सेनानी जो इस समरोह मे भाग लेने आए थे उन्होंने अपने भाषण मे बहुत नाराजगी दिखाई और कहा क्यूंकि तो उनके परिवार और बच्चों को सरकारी नौकरी मिली है और ही उन्हें और किसी तरह का बेनिफिट मिला है। जबकि हाल ही मे ५०० लोग पंचायती राज मे और ४०० लोग स्वस्थ्य मंत्रालय गोवा मे भरती किए गए है। पर उसमे एक भी स्वतंत्रता सेनानी के परिवार का सदस्य नही है। पूरी ख़बर यहाँ पढिये।
शहीदों की याद मे गोवा पुलिस द्वारा जो धुन बजाई जाती उसका नाम दीवाली हैऔर धुन के आख़िर मे दो बिगुल बजाने वाले (लोन बग्लर ) पार्क के पास बनी ईमारत की खिड़की से बिगुल बजाते हैइस सबसेऊपर वाली फोटो को जूम करके देखने पर आपको वो खिड़की मे दिख सकता है
इन ४१ सम्मानित किए गए स्वतंत्रता सेनानी मे मिस
लिबिया लोबो सरदेसाई
भी थी ।लिबिया जी १९४९-५० गोवा यूथ लीग की मेंबर थी और १९५५ -६१ तक कैसल रॉक (जो आज का बेलगाम है ) से अंडर ग्राउंड रेडियो स्टेशन voice of freedom के नाम से चलाती थी उस समय गोवा के आखिरी गवर्नर जनरल को आत्म समर्पण करने को कहा और चेतावनी दी कि अगर ऐसा नही किया तो लिबरेशन फोर्स (भारतीय सेना) गोवा मे प्रवेश कर जायेगीये संदेश हर १० मिनट के अंतराल पर लिबिया जी के द्वारा उनके रेडियो स्टेशन से प्रसारित किया जाता रहा था१७.१२.११९६१ मे गुलाम गोवा के लिए उनके रेडियो स्टेशन का ये आखिरी प्रसारण था

इस क्रांति दिवस के दौरान उनसे मिलने और बात करने का मौका मिला और तब उन्होंने बताया कि जब भारतीय सेना ने गोवा को आजाद करवा लिया था तब भारतीय सेना के प्रमुख जनरल चौधरी ने लिबिया जी से पूछा था कि अब क्या चाहती हैतो इस पर लिबिया जी ने कहा कि वो आजाद गोवा का पहला प्रसारण भी ख़ुद ही करना चाहती है और इसके लिए उन्हें प्लेन मे बैठ कर broadcast करने की इजाजत दी गई और१७ .१२.१९६१ को प्लेन से ही लिबिया जी ने गोवा के लोगों को आजादी का संदेश दियाआजकल लिबिया जी गोवा मे वकालत कर रही है

नोट--पंजिम के मेन मार्केट का नाम १८ जून रोड हैतो अब जब आप गोवा आए तो १८ जून पर शौपिंग जरुर करियेगा । :)

10 Comments:

  1. Neeraj Rohilla said...
    ममताजी,
    इस जानकारी के लिए बहुत धन्यवाद |
    annapurna said...
    इससे संबंधित फ़िल्म भुलाए नहीं भूलती - जौहर महमूद इन गोवा

    लाजवाब गाने, आई एस जौहर, महमूद, सिम्मी (जिनकी यह पहली फ़िल्म थी) और सोनिया साहनी का शानदार अभिनय। इसी फ़िल्म से हमने गोवा क्रान्ति को जाना था और बाकी किताबों में पढा था पर आज आपकी पोस्ट पढ कर और अच्छी जानकारी मिली।
    Parul said...
    aapki masala farm vaali post bahut mun bhaayi thii..comment publish nahi ho paya us waqt..aaj ki post bhi acchhi lagi
    अभिषेक ओझा said...
    धन्यवाद इस जानकारी के लिए.
    Lavanyam - Antarman said...
    ममता जी,
    इस प्रविष्टी को रेडियोनामा पे भी रख दीजिये - बहुत अच्चा लगा लीबीया लोबो जी जैसी निडर रेडियो ऐन्कर स्त्री के बारे मेँ और गोवा की आज़ादी के बारे मेँ ये रीपोर्ट - मार्केट का नाम बडा अजीब है - १८ जून !!
    वाह जी वाह !!
    -- क्योँ ना किसी स्वतँत्रता सेनानी का नाम दिया जाये इसे ? :)
    - लिखती रहीये ऐसे ही ,
    हमेँ पढना अच्छा लगता है आपको -
    स्नेह,
    - लावण्या
    महामंत्री (तस्लीम ) said...
    रोचक जानकारी है, और हाँ, कोशिश करूंगा कि कभी गोवा आउं तो 18 जून के आसपास ही।
    जानकारी के लिए शुक्रिया।
    Udan Tashtari said...
    इस जानकारी के लिए बहुत आभार.
    महावीर said...
    ममता जी
    इस जानकारी के लिए बहुत धन्यवाद। इस पोस्ट से
    बहुत कुछ नई बातें मिली। नवहिन्द टाईम्ज़ का लिंक देख कर
    बहुत अच्छा लगा जिससे बहुत कुछ पता लगा।
    महेंद्र मिश्रा said...
    अच्छी जानकारी मिली .जानकारी के लिए धन्यवाद
    Gyandutt Pandey said...
    नयी जानकारी। धन्यवाद ज्ञानवर्धन के लिये।

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