आप लोग भी सोच रहे होंगे कि हम भी कहाँ सुबह-सुबह चमगादड़ (bats)की बात ले बैठे है । पर क्या करें । यहाँ गोवा मे इन सब जीवों से फ़िर से मुलाकात जो हो गई है । :) अब है तो ये सवाल थोड़ा बेतुका पर क्या करें । असल मे यहाँ हमारे घर मे जो पेड़ है जिसमे कु छ चमगादड़ भी रहते है । वैसे पेड़ मे लटके हुए ये काफ़ी अच्छे लग रहे है । ( वैसे भी फोटो तो दिन में खींची है और ये एक साल पुरानी फोटो है । अरे मतलब की अब ये चमगादड़ भी बड़े हो गए है । ) दिन भर तो नही पर हाँ शाम को जैसे ही अँधेरा होने लगता है कि ये पेड़ से निकल कर चारों ओर उड़ने लगते है । और कभी-कभी काफ़ी नीचे-नीचे उड़ते है । कई बार तो ऐसा लगता है कि सिर छूते हुए ही उड़ रहे है । तो इस डर से की कहीं ये सिर के बाल ना नोच ले ,हम झट से सिर को हाथ से ढक लेते है । हम लोग रोज शाम को बाहर बैठते है पर जैसे ही चमगादड़ उड़ने लगते है तो हम लोग घर के अन्दर आ जाते है । वो क्या है कि हमेशा से सुनते आ रहे है कि अगर चमगादड़ सिर पर बैठ जाए तो वहां से बाल नोच लेता है । इसीलिए चमगादड़ को देखते ही हम घर मे आ जाते है ...
Comments
magar ye gaana mere aas paas baithe mere sabhi saathiyon ne sun liya.. main jo ga raha hun.. :)
और हाँ पोस्ट लिखने की मेरी मेहनत सफल हुई..धन्यवाद। :)
@ रंजू और maithily sir
दरअसल समस्या नेट की कम गति का होना है। आप प्ले करने के बाद Pause कर दें पूरा लोड होने के बाद प्ले करें, बड़ी आसानी से बजने लगेगा।
अरे हम तो अपनी ये टिप्पणी ऊपर वाली पोस्ट करने ही वाले थे की सागर जी की टिप्पणी पढ़ ली और ये जानकर अच्छा लगा की हम नाकाम नही हुए। :)
सागर जी एक बार फ़िर से शुक्रिया।
मैथली जी आशा है की अब आप गीत सुन सकेंगे।
रंजू जी और प्रशांत आप दोनों को गीत गाने के लिए धन्यवाद।
समीर जी और महक जी गीत पसंद करने के लिए शुक्रिया.
घुघूती बासूती