आज की पोस्ट इरफ़ान खान और ऋषि कपूर के नाम ( लॉकडाउन २.० ) सोलहवां दिन

लॉकडाउन के चलते ऐसी ख़बर भी सुनने को मिलेगी ,सोचा ना था ।


कल सुबह सुबह ही इरफान खान के निधन की ख़बर आई और आज सुबह सुबह ऋषि कपूर के निधन की ख़बर सुनने को मिली । दो दिन में दो कलाकारों का जाना बड़ा दुखद है ।

ये दोनों ही कलाकार अपनी अलग तरह की फ़िल्मों के लिये जाने जाते रहें है । इरफ़ान खान जहाँ संजीदा और आर्ट फ़िल्मों के लिये तो वहीं ऋषि कपूर हल्की फुलकी रोमांटिक फ़िल्मों के लिये मशहूर थे ।


ऋषि कपूर की फ़िल्में तो हम लोग सत्तर के दशक से देखते आ रहें है फिर वो चाहे मेरा नाम जोकर हो ,बॉबी हो , झूठा कहीं का ,खेल खेल में ,दीवाना , रफ़ू चक्कर और ना जाने कितनी फ़िल्मे और हाल की फ़िल्में जैसे मुल्क ,राजमा चावल और १०२ नॉट आउट ही क्यों ना हो ।


सत्तर क्या अस्सी और नब्बे के दशक तक ऋषि कपूर की फ़िल्में काफ़ी आती भी थी और चलती भी थी । ऋषि कपूर और नीतू सिंह की फ़िल्मों के तो लोग दीवाने से होते थे । और सबसे ज़्यादा नई हीरोइनों के साथ ऋषि कपूर ने फ़िल्में की थी । ये भी एक समय में मज़ाक़ होता था ।

एक ज़माने में रोमांटिक फ़िल्में ऋषि कपूर के नाम ही थी । वैसे सत्तर और अस्सी में मल्टीस्टारर फ़िल्मों के दौर में भी ऋषि कपूर बहुत सारी फ़िल्मों में दिखते थे । जैसे कभी कभी , नसीब , या अमर अकबर ऐंथनी ।


इरफ़ान खान तो सेल्फ़ मेड एक्टर थे । और अलग तरह की फ़िल्मों में उन्होंने काम किया फिर वो चाहे बॉलीवुड हो या चाहे हॉलीवुड की फ़िल्में ही क्यूँ ना हो ।


दोनों जगह उनकी पहचान उनकी पॉवरफुल एक्टिंग की बदौलत थी । फिर वो चाहे सलाम बॉम्बे हो ,मक़बूल हो या लाइफ़ इन ए मेट्रो हो ,या फिर लंच बॉक्स ,हैदर ,पीकू, तलवार हो । या अभी हाल की हिन्दी मीडियम और अंग्रेज़ी मीडियम ही क्यूँ ना हो ।


हॉलीवुड की फ़िल्मों में भी इरफ़ान की अलग ही पहचान और रूतबा सा था । दार्जिलिंग लिमिटेड ,स्लमडॉग मिलयेनियर ,लाइफ़ ऑफ़ पाई हो । हर फ़िल्म में बिलकुल अलग तरह की एक्टिंग ।


इरफान खान और ऋषि कपूर दोनों बिलकुल अलग शख़्सियत वाले थे पर दोनों का ही इस तरह जाना बहुत दुखद है ।

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