हमेशा अपने बारे में ही सोचते है ( अनलॉक २.० ) सोलहवां दिन

कल शालू ने एक पोस्ट शेयर की थी जिसे पढ़कर लगा कि हम लोग जो सिर्फ़ तीन महीने से ही घर में रह रहे है और इतने दिनों में ही परेशान भी हो रहें है कि हम लोग घर से बाहर नहीं जा पा रहें है ।

कब सब ठीक होगा और कब हम लोग एक बार फिर से उसी आज़ादी से घूम फिर सकेंगें । घर से बाहर निकल सकेंगे ।

पर कल उस पोस्ट को पढ़ कर लगा कि वो लोग जो किसी मजबूरी या बीमारी की वजह से घर से बाहर नहीं जा पाते है । उनकी भी तो इच्छा होती होगी बाहर की दुनिया देखने की । पर ऐसा नहीं है कि बीमारी की वजह से उन लोगों ने हार मान ली हो ।

वो घर पर अपनी परेशानियों के साथ रहते हुये भी बहुत कुछ करते है और ख़ुश रहते है । और हालात से कभी हार नहीं मानते है ।

हम लोगों को उनसे हिम्मत और प्रेरणा लेनी चाहिये ।



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