Thursday, February 26, 2009

२१ फरवरी से गोवा मे ४ दिन के कार्निवाल का जश्न शुरू हुआ था जो २४ फरवरी तक चला । पंजिम ,मडगांव,वास्को और कैलंगूत मे कार्निवल खूब मौज-मस्ती के साथ मनाया जाता है । खैर हम सभी जगह तो नही जाते है क्योंकि floats करीब-करीब वही होते है और एक जगह का देखने के बाद दूसरी जगह का देखने उतना जोश भी नही रहता है हालाँकि इस बार का कार्निवाल उतना ज्यादा पसंद नही आया क्योंकि इस बार सभी कुछ बहुत ठंडा-ठंडा यानी कम जोशीला था


इसबार २१ फरवरी को बहुत तेज धूप और इतनी ज्यादा गरमी थी कि कार्निवाल देखने का आधा मजा तो यूँ ही खराब हो गया था । हर बार हर परेड के शुरू होने का समय चार बजे होता था पर इस साल साढ़े तीन बजे परेड के शुरू होने का समय था और इस आधे घंटे के फर्क ने सारा मजा किरकिरा कर दिया था और रही सही कसर floats ने पूरी कर दी थी ।

पंजिम के कार्निवाल मे पंजिम के मेयर टोनी रोद्रिजेज़ (लाल शर्ट ),पर्यटन मंत्री मिकी (पीछे सफ़ेद शर्ट ),गोवा के गवर्नर एस.एस.सिद्धू ,और गोवा के मुख्य मंत्री दिगंबर काम ने flag off कर के कार्निवल की शुरुआत की थी ।
कार्निवाल शुरू होने के पहले नाइजीरिया के इन कलाकारों ने अपने करतबों से जनता का मनोरंजन किया

हमेशा की तरह कार्निवल मे सबसे पहले float मे kingmomo अपनी २ क्वीन के साथ आए । २००७ और २००८ केking momo और इस बार के king momo मे बड़ा फर्क था।पहले जहाँ king momo को देख कर लगता था की हाँ वाकईमे वो कोई king है वहीं इस बार king momo और उसकीक्वीन पर recession का असर दिखा क्योंकि king momoऔर उसकी दोनों क्वीन के कपडों को देख कर ऐसा ही लगामानो तख्तो ताज ख़त्म हो गया हो ।और तो और इस बार kingmomo ने डिक्री भी नही पढ़ी जबकि इससे पहले तो वो मंच केपास आकर पढ़ता था । वैसे वहां लोग कह रहे थे की flag off के समय ही उसने डिक्री पढ़ी थी ।ऊपर गोवा की एक ट्रेडिशनल float और गोवा का पारंपरिक डांस और सामने जो बिल्डिंग दिख रही है वो गोवा का पुराना सचिवालय है



जितने भी लड़के-लडकियां floats के साथ डांस करते चलते है उनमे भी कुछ ख़ास उत्साह नही दिख रहा था । हो सकता है गरमी की वजह से वो लोग भी परेशान रहे होंगे । क्योंकि आम तौर पर float पर जो लोग होते है वो भी खूब डांस करते है पर इस बार वो सब धीरे-धीरे हाथ हिला कर बस wave ही करते रहे ।वैसे फोटो से आप उतना अंदाजा नही लगा सकते है


गोवा मे गारबेज डिस्पोजल एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है ऐसा ही इस float मे दिखाया है





वास्को डी गामा की बोट इस बार कुछ छोटी हो गई थी :)

चलता फिरता सैलून



कार्निवल मे जो float निकलती है उनमे कुछ तो ट्रेडिशनल होती है कुछ इंडिविजुअल होती है । इसमे कुछ लोग फैंसी dress मे भी दिखते है ।


खैर २ घंटे चली इस कार्निवल परेड मे २६ नवम्बर को मुंबई मे हुए हमलों की भी झलक देखने को मिली थी । ।

















फोटो तो बहुत है पर सभी नही लगा सकते हैखैर अंत मे चलते-चलते इस float के संदेश के साथ

इस लिए आज के लिए इतना ही बाकी फ़िर कभी

16 Comments:

  1. P.N. Subramanian said...
    बहुत सुन्दर. इस मौसम में हम वहां कभी नहीं गए थे. कार्निवल क्या होती है इस की एक झलक मिल जाती है. हिंदी में कल समारोह ही कह सकते हैं. abhar
    संगीता पुरी said...
    इस आलेख का इंतजार था .... बहुत सुंदर झलकियां दिखायीं ... विवरण भी अच्‍छा लगा।
    परमजीत बाली said...
    अच्छा आलेख है। सचित्र जानकारी के लिए आभार।हमारे लिए तो यह एक नयी जानकारी है।
    RAJIV MAHESHWARI said...
    सुंदर लेख , खुबसूरत चित्र , .....
    इस के लिए आप को धन्यबाद.
    annapurna said...
    अच्छी सचित्र जानकारी। आभार।
    अंशुमाली said...
    बेहद उम्दा। लगा कि गोवा शहर ही आपके बहाने देख-घूम लिया।
    महेन्द्र मिश्र said...
    बढ़िया चित्र और अच्छी जानकारी के लिए धन्यवाद.
    कुश said...
    तस्वीरो ने काफ़ी कुछ कह दिया... आपके ब्लॉग पर इस तरह की जानकारिया देखकर खुशी होती है.. जिनके बारे में न्यूज़ पर ज़्यादा नही बताया जाता है..
    नीरज गोस्वामी said...
    धन्यवाद आपको...हम गर्मी से बचे भी रहे और कार्निवाल का मजा भी उठा लिया...
    नीरज
    विनय said...
    बहुत ही मनोरम दृश्य हैं हम वहाँ होते तो और मज़ा आता, चित्रों को साझा करने का आभार!
    रंजना [रंजू भाटिया] said...
    अच्छी जानकारी...बढ़िया चित्र...धन्यवाद
    सुशील कुमार छौक्कर said...
    ऐसा लगा जैसे हम गोवा ही पहुँच गए। बेहतरीन फोटो और जानकारी।
    लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...
    ममता जी घर बैठे हमने गोवा क कार्निवल देखा और खूब एन्जोय किया आपका शुक्रिया इस खास बात के लिये ..;-)
    स्नेह,
    - लावण्या
    Manish Kumar said...
    शुक्रिया इन तसवीरों के लिए !
    राज भाटिय़ा said...
    बहुत सुंदर लगे सरे चित्र., लेकिन एक बात बहुत अच्छी लगी कि कही भी नंगा पन नही दिखा, इन युरोपियन की तरह से, क्योकि यहा कार्निवल मै हमारे हिस्सब से बहुत गंद होता है, लेकिन इन लोगो का कलचर है तो इन्हे यह सब अच्छा लगता है. फ़िर से इन सुंदर चित्रो ओर सुंदर लेख के लिये आप क धन्यवाद
    सतीश चंद्र सत्यार्थी said...
    पूरे समारोह को आपने अपने शब्दों और चित्रों के जारी जीवंत कर दिया.
    बहुत सुन्दर पोस्ट

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