Thursday, February 12, 2009

इसके पहले भी आपने लता जी के मेरी पसंद के कुछ गीत सुने थे और आज हम लता जी की आवाज मे कुछ भजन यहाँ पर लगा रहे है । लता जी की आवाज मे तो अनगिनत ऐसे गीत है जिन्हें हजारों बार सुनने पर भी मन नही भरता है । तो अब हम ज्यादा कुछ नही लिखेंगे बस आप ये भजन सुनिए ।


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5 Comments:

  1. Arvind Mishra said...
    वह सभी एक से बढ़ कर एक -इश्वर अल्लाह वाला तो भावातीत है ! शुक्रिया !
    P.N. Subramanian said...
    सभी अच्छे हैं लेकिन हमें "मोहे पनघट पे" कुछ ज्यादा ही प्रिय है. आभार.
    Neeraj Rohilla said...
    ममताजी,
    हमारे दिन की शुरुआत इन भजनों को सुनकर हुयी है। बहुत आभार, आपका गीतों का चयन उत्कृष्ट है। पहले भी कई पोस्ट पर अन्य गीत सुन चुके हैं लेकिन हर बार टिप्पणी नहीं छोड पाये :-)
    राकेश खंडेलवाल said...
    ममताजी,

    पं नरेन्द्र शर्माजी की हिन्दी साहित्य को यह सुन्दर देन, लताजी की आवाज़ में बहुत दिनों के बाद सुनी. यहां पर इसे पिछले कई वर्षों से लगातार मीनू पुरुषोत्तमजी से सुनने का अवसर मिलता रहा है.

    आपके चयन के लिये नमन
    ज्ञानदत्त । GD Pandey said...
    बहुत प्रिय रचनायें हैं।

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