Saturday, May 12, 2007

कई दिन हो गए दुर्गेश नंदिनी के बारे मे बात किये हुए इसलिये हम हाजिर है। जी हां इस सीरियल मे एक नया मोड़ या यूं कहें की पुराना मोड़ आ गया है अरे वही तीसरा शख्स सिकंदर । पहले तो अमित साद जो क्षितिज बने थे कुछ ठीक लग रहे थे पर अब कोई और इस किरदार को निभायेगा जो कुछ खास अच्छा नही लग रहा है। और दुर्गेश के लिए तो कुछ ना कहें तो ही अच्छा है।

हमने पहले भी कहा था जीते है ....बहुत अच्छा चल रहा है और सबसे बड़ी बात इस सीरियल को अभी तक तो खीचने की कोशिश नही की गयी है। और एक्टिंग भी सब अच्छी कर रहें है। और कहानी काफी जल्दी -जल्दी आगे बढ़ रही है जो हम जैसे दर्शकों के लिए अच्छा है। एक माँ की अपने बच्चों को पाने की जंग इसमे दिखायी गयी है।


इसी हफ्ते विरूद्व भी देखना शुरू किया ये भी काफी अच्छा है । पहले हम इसलिये नही देखते थे क्यूंकि उसमे तुलसी रानी जो है पर देखने पर लगा कि चलो कुछ नयी कहानी तो है। कम से कम सास -बहू का ड्रामा तो नही है। बस तुलसी अपनी तुलसी वाली आदतों को जरा छोड़ दे तो अच्छा होगा। क्यूंकि उनका लोगों को देखने का स्टाइल वैसा ही है। और थोडा वजन भी और घटाना चाहिऐ क्यूंकि वो विक्रम गोखले कि बेटी कम पत्नी ज्यादा लगती है।


एक लडकी ....और अन्य सीरियल तो अपनी राह से भटक गए है इसलिये हमने उन्हें देखना छोड़ दिया है।

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