मस्ती की पाठशाला

पाठशाला पढ़ कर घबराने की जरुरत नही है। ये तो मस्ती की पाठशाला है। हमने ये कुछ फोटो जो कल के टाइम्स ऑफ़ इंडिया मे छपी थी ,उन्हें हम यहाँ लगा रहे है। आज हमने बहुत कोशिश की कि यहाँ पर टाइम्स का लिंक लगा सके पर हम सफल नही हो पाए। इसलिये हम ऐसे ही लगा रहे है।


इस फोटो को देख कर ऐसा लग रहा है मानो खिलाडी को खेलते-खेलते अचानक बाबा रामदेव याद आगये और उसने शीर्षासन करना शुरू कर दिया।


धोनी बाल उछाल कर कह रहे है कि पकड़ सको तो पकड़ लो।




और इन्हें देख कर लगा मानो ये कह रहे हो कि बाल आ रिया है कि जा रिया है।

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