Friday, January 11, 2008

आज सुबह जब हमने रोज की तरह चिट्ठे पढ़ने का काम शुरू किया तो जब हमने शब्दों का सफर की पोस्ट पढ़नी शुरू की जिसमे अजित जी ने उन्हें सृजन सम्मान मिलने की बात लिखी थी और पोस्ट के अंत मे उन्होने अनूप जी का और हमारा नाम लिख कर बधाई दी थी। उस समय हमने सोचा की उन्होने गलती से धन्यवाद की जगह बधाई लिख दिया है। इसलिए हमने भी उन्हें सम्मान मिलने की बधाई दी ।

उसके बाद हमने जब अपनी कल की पोस्ट और ई-मेल देखी तब तो हम चौंक ही गए क्यूंकि ई मेल मे मैथली जी ने हमें सृजन-सम्मान मिलने की बधाई और शुभकामनाएं दी थी तो हमारी कल की पोस्ट पर रवि जी ने टिप्पणी के रुप मे बधाई दी थी।

वैसे तो हम इस क्षेत्र मे बहुत नए हैपर इस पुरस्कार की खबर से हम कुछ खुश और कुछ चकित है।आज तो आप लोगों ने इस पुरस्कार की घोषणा करके हमे वाकई मे फिसड्डी से नंबर वन बना दिया । :)

हम इस ब्लॉगर परिवार का शुक्रिया करना चाहते है जिन्होंने हमेशा ही हमारी हौसला अफजाई की है।क्यूंकि अगर आप लोगों का साथ नही होता तो शायद हम यहां इतनी दूर तक नही आते।एक बार फिर से हम आप सबका तहेदिल से शुक्रिया।

20 Comments:

  1. उन्मुक्त said...
    मैंने तो आपकी पुरानी चिट्ठी में ही टिप्पणी की थी, 'मेरे विचार से आप हमेशा नंबर वन ही हैं।'
    संजय बेंगाणी said...
    ठीक है मान लिया शुक्रिया, अब बताओ कहाँ है पार्टी :)

    बधाई स्वीकारें.
    आशीष महर्षि said...
    ममता जी बधाई हो
    सागर नाहर said...
    हम कोई यूं ही थोड़ी आपके चिट्ठे पढ़ने आते थे.. हमें तो पूत के पाँव पालने में... नहीं भावी नं १ के लेख ब्लॉगजगत में दिखने लगे थे।
    आपको इस सम्मान के विजेता बनने के लिये हार्दिक बधाई।
    Sanjeet Tripathi said...
    अब तो "पारटी है पारटी"।
    पारटी बनती है जी !
    रायपुर आएंगी आप पुरस्कार लेने तब लेंगे ही आपसे पारटी!
    बधाई!!
    Shiv Kumar Mishra said...
    ममता जी, बहुत-बहुत बधाई....
    छत्‍तीसगढिया .. Sanjeeva Tiwari said...
    शुभकामनायें स्‍वीकारें ।
    स्‍वागत है सृजन सम्‍मान अवसर पर आपका, संजीत की पारटी में हम न हों ऐसा हो ही नहीं सकता ।
    संजीव
    Priyankar said...
    बहुत-बहुत बधाई !
    yunus said...
    ममता जी अनंत बधाईयां । अब और जोर शोर से लिखिएगा ।
    Dard Hindustani (पंकज अवधिया) said...
    हमारी ओर से भी बधाई स्वीकारे।


    1500 ब्लागरो मे से केवल 10-12 बधाई सन्देश आये है। इसीलिये कहता हूँ कि सम्मान या पुरुस्कार फूट पैदा करते है। अभी तो एक और घोषणा होनी है। आपस मे ही भिडा देते है यह पुरुस्कारो की दुकान वाले। यदि जरूरी है तो सब मिलकर सर्वसम्मति से एक विजेता चुनते और फिर जमकर पार्टी होती। काश ऐसा होता।
    Sanjay said...
    आपको शुभकामनाएं. अच्‍छा लेखन करती रहें.
    दिनेशराय द्विवेदी said...
    अच्छा तो आप हैं, सृजन सम्मान वाली ममता जी। आप को बधाई। (यो मान थांने घणो प्रेरणा दे, लिखबा की।) भई, आप की कुछ पोस्टें पढ़ी हैं इसलिए आप को जानते हैं। अब आप को खास तौर पर पढ़ना पड़ेगा। आप पिछले साल की नम्बर वन जो हैं।
    Gyandutt Pandey said...
    आप वास्तव में बहुत सरल और सुग्राह्य लिखती हैं। ब्लॉगिन्ग के लिये वह आदर्श कह सकते हैं। बधाई।
    Shastriji said...
    ममता जी,

    सबसे पहले तो बधाई स्वीकार करें. आपका चिट्ठा चुना गया, मुझे कोई ताज्जुब नहीं है. आपके लेखन में एक अजीब ताजगी एवं स्वाभाविकता है जिस कारण आप ब्लॉगिंग विधा जिस मूल के लिये चालू की गई थी उसे पूरा कर रही हैं.

    अब कीबोर्ड उठा लें, एवं कुछ और नियमित लिखा करें !!
    राजीव जैन Rajeev Jain said...
    बहुत बहुत बधाई
    मीनाक्षी said...
    सरल और सहज लेखन सबको प्रभावित करता है. आप इसी तरह लिखती रहें. मेरी बधाई और शुभकामनाएँ आपके साथ हैं.
    Lavanyam - Antarman said...
    ममता जी, आपको हार्दिक बधाई ...इसी तरह सहज, सुन्दर लेखन करती रहें ..

    स्नेह सहित -लावण्या
    Srijan Shilpi said...
    ममती दीदी, बहुत-बहुत बधाई हो। ब्लॉगिंग जैसी विधा का महत्व और उसकी लोकप्रियता आप जैसी ब्लॉगर्स के कारण ही है।
    Ravi yadav said...
    हार्दिक बधाई हो ममता जी ,, देर से ही सही लेकिन हमारे कानो तक भी आप की विजय गाथा आ गई सो बधाई देने चले आये..... वैसे न मुह मीठा कर सके तो शब्दों की मिठास तो हम तक छोड़ दीजिये
    Poonam said...
    बहुत बहुत बधाई.यूँ ही लिखती रहें

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