Tuesday, January 29, 2008

गुलाबी जाड़ा और वाईन टेस्टिंग



अब गोवा जैसी जगह मे भी जब ठंड पड़ने लगे ,सर्द हवा चलने लगे , मौसम का मिजाज कुछ बदला-बदला सा हो तो गोवा मे रहने का मजा ही कुछ और है।आजकल गोवा का तापमान १५ डिग्री सेल्सियस चल रहा है गोवा के इस गुलाबी जाड़े की वजहसे दिल्ली मे ना रहने की कमी खल नही रही है क्यूंकि पिछले ४-५ सालों सेदिल्ली से बाहर ही रह रहे है।इसलिए ठंड से वास्ता जो नही पड़ रहा है।और ऐसे मौसम में वाईन फेस्टिवल का होना । :)

गोवा टूरिज्म द्वारा पिछले साल की तरह इस साल भी आइनोक्स जो की गोवा का मल्टीप्लेक्स है वहां ४ दिनों (२४-२७ जनवरी ) के लिए वाईन टेस्टिंग फेस्टिवल मनाया गया। इस फेस्टिवल मे विभिन्न प्रकार की वाईन के अलावा खाने का भी खूब बढिया इंतजाम होता है।और साथ ही साथ मनोरंजन का भी पूरा इंतजाम होता है। जिसमे शास्त्रीय संगीत,फियूज्न ,western और rock music, वगैरा का शो होता है। यहां बस खाओ-पीओ और मौज करो वाला माहौल रहता है।


वाईन टेस्टिंग के लिए एक अलग जगह पर इंतजाम रहता है जहाँ वाईन टेस्ट कराने के पहले वाईन के बारे मे भी जानकारी दी जाती है की वाईन कैसे बनाते है,वाईन कहाँ पर बनती है,और किस तरह के खाने के साथ ज्यादा अच्छी लगती है वगैरा -वगैरा। और हाँ ये भी बताया जाता है की वाईन की बोतल को हमेशा ५० डिग्री के एंगल पर लिटा कर रखना चाहिऐ।

यहां इस वाईन टेस्टिंग मे ३-४ तरह की वाईन जैसे वाईट वाईन,रेड वाईन,और स्ट्राबेरी से बनी वाईन(अब सबके नाम तो हमें याद नही है।) को टेस्ट कराया जाता है। वाईन टेस्ट करने के पहले चीज या बिस्कुट खिलाते है जिससे वाईन का सही टेस्ट मिल सके।और एक वाईन पीने के बाद और दूसरी वाईन पीने के पहले पानी पीने को कहते है जिससे दो वाईन का टेस्ट मिल ना जाये। और वाईन के टेस्ट का पूरा मजा लिया जा सके।

अब गोवा जैसी जगह मे इस तरह के आयोजन होना और ऐसे आयोजन देख पाना यहीं पर संभव है। इसके दो कारण है। एक तो यहां पर दूरियां कम है और हर जगह आसानी से पहुंचा जा सकता है। दूसरा छोटी जगह होने से हर चीज पता भी चल जाती है।


6 comments:

Gyandutt Pandeysaid...

वाइन तो हमारे लिये आउट ऑफ कोर्स है। पर पढ़ना अच्छा लगा।

annapurnasaid...

हम भी इस मामले में शाकाहारी है। जानकारी अच्छी है। हमने गोवा की फेनी में बारे में सुना है, हो सके तो कुछ जानकारी दीजिए।

Dr.Parveen Choprasaid...

क्या बात है आज सारे मेरे जैसे शाकाहारी ही टिप्पणी देने की कतार में हैं। अच्छा,तो वाइन के शौकीन तो वैसे ही बिज़ी होंगे। जैसा कि अन्नापर्णा जी ने भी कहा है कि फेनी के बारे में कुछ बताएँ...हो सके, तो चित्र सहित। चित्र के साथ पोस्ट में सजीवता आती है।

anuradha srivastavsaid...

क्या बात है ममता जी ऐसे मौसम में लोगों का जी ललचा रहीं हैं। वैसे भी पीने वालों को पीने का बहाना चाहिये।

Sanjeet Tripathisaid...

रेड वाईन वो भी मुफ़त में ;)
लपक के पहुंचता हूं जी मै तो ।
हे भगवान ऐसे आयोजन करने वालों को सद्बुद्धि दे ताकि वे मेरे शहर मे भी ऐसे आयोजन करें

Parulsaid...

goa to vaisey bhi mast maahaul ke liye mush huur hai....