Friday, January 18, 2008

ये खबर तो कल शाम को ही आज तक ने दिखाई थी और आज सुबह जी न्यूज़ और आज तक दोनों चैनल पर ये खबर आ रही थी।तो सोचा आप लोगों तक भी ये खबर पहुंचाई जाये। खबर ये है की दर्शील जिसने तारे जमीं पर मे ईशान की भूमिका निभाई थी उसे अभी हाल ही मे हुए स्टार स्क्रीन अवार्डस मे बेस्ट चाइल्ड ऐक्टर और स्पेशल ज्यूरी अवार्ड का खिताब दिया गया है पर दर्शील का कहना है कि चूँकि वो तारे जमीं पर फिल्म का हीरो है इसलिए उसे बेस्ट ऐक्टर अवार्ड दिया जाना चाहिऐ ना की बेस्ट चाइल्ड ऐक्टर का।

दर्शील ने तो यहां तक कह दिया है कि वो ऐसे किसी भी अवार्ड कार्यक्रम मे नही जाएगा जहाँ उसे बतौर चाइल्ड ऐक्टर अवार्ड दिया जाएगा।उसका कहना है कि अवार्ड देना है तो बेस्ट ऐक्टर का दो और नोमिनेशन भी बेस्ट ऐक्टर की श्रेणी मे होना चाहिऐ ना की एक अलग बाल कलाकार की श्रेणी मे ।अभी तक तो शाह रुख खान ही कहते थे आई एम द बेस्ट और अब दर्शील भी यही कह रहे है की वो ही बेस्ट है।

अवार्ड से एक और अवार्ड भारत रत्न भी आजकल बहुत चर्चा मे है। अडवानी जी ने अटल बिहारी बाजपेई के नाम की सिफारिश की तो मायावती ने कांशी राम के नाम की तो किसी ने ज्योति बासु तो किसी ने करुना निधि के लिए भारत रत्न दिए जाने की माँग की।मानो भारत रत्न ना हो कोई लड्डू हो कि भाई हमे दे दो ।भारत रत्न इससे पहले तो बस जब किसी को मिलता था तब खबरों से लोगों को पता चलता था कि फलां को भारत रत्न मिला है। पर अब तो बाकायदा लोग नाम सुझाते है और सुझाए हुए नाम की पैरवी भी करते है।

एक चैनल तो बाकायदा कुछ लोगों जैसे सचिन तेंदुलकर ,एम,एफ,हुसैन ,रतन टाटा,जैसे नामों को दिखा कर पूछ रहा है कि इनमे से आप किसे भारत रत्न चुनेंगे। एस,एम,एस के जरिये वोट देकर आप भारत रत्न चुन सकते है।

इतने सारे नाम तो सुझाए गए पर ये क्या सबसे तगडे सोनिया गांधी के नाम को लोग कैसे भूल गए।ये सारे नेता कहाँ सो गए है। आख़िर सोनिया गाँधी ने प्रधान मंत्री पद का त्याग किया था।और सबसे मजबूत और सही उम्मीदवार तो भारत रत्न की वही हो सकती है।


क्या हमने कुछ गलत कहा ?

6 Comments:

  1. annapurna said...
    तो आपने भी अपना उम्मीदवार पेश कर ही दिया भारत रत्न के लिए।

    वैसे परिभाषा के अनुसार देखा जाए तो बाल कलाकार के लिए पुरस्कार उस कलाकार को दिया जाता है जो किसी भी तरह की फ़िल्म में बेहतर बाल कलाकार की भूमिका निभाए पर जब फ़िल्म ही बच्चों के लिए हो तो उसमें मुख्य भूमिका के लिए सर्वोत्तम बाल कलाकार का पुरस्कार क्यों ?

    कायदे से तो आपत्ति सही है पर पद्धति बनाए रखने के लिए इस तरह की आपत्ति होनी नहीं चाहिए। वैसे भी यह आपत्ति दर्शील के दिमाग़ से निकली नहीं लगती।
    राजीव जैन Rajeev Jain said...
    दर्शिल सर्वश्रेष्‍ठ बाल कलाकार का तो स्‍वाभाविक दावेदार है ही, उसे सर्वश्रेष्‍ठ कलाकार के रूप में भी मनो‍नीत किया जा सकता है।
    वैसे लगता है इस बच्‍चे के पीछे उसके गुरु निकुंभ सर यानी आमिर खान का हाथ है, वर्ना इतनी कम उम्र में इतना तगडा कौन मार सकता था।
    रवीन्द्र रंजन said...
    मेरे खयाल से दर्शिल की आपत्ति वाजिब है। उसे सर्वश्रेष्ठ कलाकार के तौर पर नामंकन मिलना चाहिये था। जहां तक भारत रत्न का सवाल है तो इस मुद्दे पर मुझे तो अभिषेक मनु सिंघवी की टिप्पणी अच्छी लगी, जिसमें उन्होंने कहा है कि जरूरी नहीं कि हर साल भारत रत्न दिया ही जाए।
    वैसे सोनिया गांधी के नाम पर व्यक्तिगत रूप से मुझे तो कोई आपत्ति नहीं है। बाकी बीजेपी, शिवसेना, मुलायम सिंह और अमर सिंह के पेट में यह सुनकर जरूर दर्द हो सकता है। खैर, देखते हैं क्या होता है। आपने अच्छा मुद्दा उठाया। बधाई।
    Tarun said...
    चूँकि वो तारे जमीं पर फिल्म का हीरो है इसलिए उसे बेस्ट ऐक्टर अवार्ड दिया जाना चाहिऐ ना की बेस्ट चाइल्ड ऐक्टर का।
    Ye baat humne film dekhne ke baad likhe apne film review me bahut pehle kahi thi. Aur hona bhi yehi chahiye that. Baat chahe kahin se bhi nikli lekin isme dum hai.
    Dr.Parveen Chopra said...
    ममता जी, मैं दर्शील के दावे से पूर्णतया सहमत हूं....वह हीरा ही नही,बल्कि कोहेनूर है। वह एक ऐसा मुद्दा दुनिया के सामने इतने प्रभावी ढंग से रख पाया है जिससे पढ़े-लिखे लोग भी इतने वाकिफ नहीं थे.....उस ने सारे समाज की आंखें खोल दीं....कि .....look you guys, every child is special........
    दीपक भारतदीप said...
    मुझे लगता है दर्शील ठीक कह रहा है, असली हीरो तो वही है.पर अपने देश में इनाम देने के आधार वैसे नहीं है जैसे पश्चिम में हैं, यहाँ इनाम देने वाले पाने वाले की अपने लिए उपयोगिता भी देखते हैं. शायद यही कारण कोई भी पुरस्कार का नाम सम्मान्य प्राप्त नहीं कर पाया है.
    दीपक भारतदीप

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