Sunday, July 8, 2007

कल यानी सात जुलाई दो हजार सात को दुनिया के सात अजूबों का ऐलान होना था पर पिछले कुछ दिनों से हर कोई ताज के लिए अपने-अपने तरीके से वोट करने को कह रहा था जिसमे सबसे आगे सारे न्यूज़ चैनल थेयहां तक की दूरदर्शन भीऔर ये तो सभी जानते है की आज कल टी.वी.प्रचार का सबसे अच्छा साधन हैये तो हम आप सभी जानते है कि किस तरह वोट फ़ॉर ताज की मुहिम चलाई गयी थी

अखबारों मे भी कभी ताज महल मे लोगों की फोटो खीचने वाले फोटोग्राफ़र का तो कभी वहां के गाइड का interview छप रहा थाकई लोग जिन्हे -मेल करना नही आता था वो किसी दूसरे की मदद से ताज के लिए वोट कर रहे थेहर कोई एस.एम्.एस.कर रहा था क्यूंकि ताज को जिताना जो था आखिर देश की शान जो है ताज

और आख़िर कल ताज दुनिया का नम्बर वन अजूबा बन गयाऔर कल जब ये घोषणा होनी थी उस समय बिपाशा बासु भी लिस्बन मे मौजूद थी क्यूंकि उन्हें ही दुनिया के नम्बर वन अजूबे की घोषणा करनी थीबिपाशा ताज महल का नाम बोलते हुए बिल्कुल भी उत्साहित नही दिख रही थी ,बडे ही निर्विकार भाव से ताज महल बोला थाअब हमे तो ऐसा ही लगाऔर आज सुबह से टी.वी. पर सभी न्यूज़ पढने वालों की बदली -बदली सी सूरत नजर रही है अरे भाई आज सभी चैनल भारतीय रंग मे रंगे दिख रहे है मतलब आम तौर पर न्यूज़ पढने वाले वेस्टर्न ड्रेस मे दिखाई देते है पर आज लडकियां सलवार सूट और लड़के कुरता- पाजामा मे दिख रहे हैहर कोई ये दिखा रहा है कि वो सबसे बड़ा हिंदुस्तानी हैऔर ताज के नम्बर वन बनने से वो सबसे ज्यादा खुश है ,पूरे भावविभोर होकर बता रहे थे की जेनिफर लोपेज ने वहां कार्यक्रम पेश किया था और बिपाशा का जलवा चारों ओर था वगैरा-वगैरा

चलो भाई ताज जीत तो गया पर क्या सच मे ये दुनिया के असली सात अजूबों में हैं?यह एक बहुत बड़ा सवाल है.

6 Comments:

  1. उन्मुक्त said...
    चलिये हिंदुस्तानी ड्रेस में तो लोग दिखायी पड़े।
    Divine India said...
    Taj is a symbol of Love...that's why its Pure n number 1...
    BN said...
    Aapki post ka sheershak theek nahi hai. Aapne Bharat ke gaurav Taj Mahal par sawal to utha diya lekin aisa sawaal uthaane ka ek bhi kaaran nahi likha. Ho sakta hai ki Taj number 1 na ho; lekin iske liye koi kaaran to bataaya jaana chaahiye na. Main ye nahi kahta ki ye sawaal fizool hai; par ye sawaal bewajah zaroor hai. Aapko apni post mein kuchh tark dene chaahiye the. Aasha hai ki meri baat ko aap anyatha nahi lengi.
    Udan Tashtari said...
    ममता जी

    आपको यह संशय क्यूँ हो रहा है? क्या आपको यह चयन उचित नहीं लगा या चयन प्रक्रिया?

    आपकी नजर से फिर किसे होना था?
    अतुल श्रीवास्तव said...
    ताज तो ताज है चाहे नंबर एक हो चाहे सौ. यदि यही ताज अगर सोमालिया में होता तो शायद इस सूची में न आता क्यों कि वहाँ कि न तो जनसंख्या ज्यादा है और न ही घर घर में इंटरनेट या सेल फोन. पर अगर सारे भारतीय ऐसी ही देशभक्ति दूसरे क्षेत्रों में दिखायें तो भारत अवश्य ही गौरवशाली देश हो जायेगा - जैसे कि नेता गण देश की खातिर इमानदार हो जायें, नागरिक जगह जगह कूड़ा कचरा पेंकना बंद कर दें वगैरह वगैरह... देशभक्ति दिखाने का ये तो आसान तरीका था.
    अनूप शुक्ला said...
    ताज नंबर एक है। खुशी मनाइये भाई!

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