Sunday, July 15, 2007

आप यही सोच रहे है ना कि भाई हम पर आख़िर शनि महाराज का कैसे प्रभाव पड़ा है। अलग-अलग लोगों ने शनि के बारे मे ख़ूब लिखा है जैसे सुजाता जी ने कई बार शनि की दशा के बारे मे लिखा है तो कल की ब्लॉगर मीट मे हमारे ना पहुँचाने के पीछे कहीँ शनि का तो कुछ प्रभाव नही था। अब पिछले कई दिनों से सभी न्यूज़ चैनल शनि के प्रभाव के बारे मे बता रहे है कि कैसे शनि हमारी राशियों पर असर डाल रहा है। और हमे अपनी शनि की दशा ठीक रखने के लिए क्या-क्या करना चाहिऐ। कौन से stone पहनने चाहिऐ ,वगैरा-वगैरा। पर हमने इन बातों पर ध्यान ही नही दिया और उसका नतीजा की हम कल की ब्लौगर मीट का मीट चखने से रह गए।

अब देखिया ना कल हमने सुबह-सुबह अरे मतलब ब्लॉगर मीट मे जाने से पहले एक पोस्ट मायाबंदर नाम से लिखी थी ,अब इतने दिनों मे तो आप जान ही गए है की बिना पोस्ट लिखे तो चैन आता नही है तो सोचा जाने के पहले ही पोस्ट लिख दी जाये। पर हमे क्या पता था की हमारी तो शनि की दशा ही खराब है। क्यूंकि आज सुबह तक वो पोस्ट नारद पर दिखाई नही दे रही है इसलिये आज हमने उसे तारीख बदल कर दूबारा पोस्ट किया है। वैसे कल शायद नारद के ऊपर भी शनि भारी था क्यूंकि शाम तक तो नारद पर कोई अपडेट ही नही दिख रहा था। 14.july की सिर्फ एक पोस्ट जो कि आलोक ने लिखी थी वही सारे दिन दिख रही थी बाक़ी सारी पोस्ट 13.july की दिख रही थी।


उसके बाद जो हमारे साथ हुआ अरे वही जो हम सबसे मिल नही पाए वो भी शायद क्या यक़ीनन शनि का ही प्रभाव था। वैसे यहां हम एक बात और कहना चाहते है आम तौर शनि महाराज की हम पर कृपा ही रहती है पर कल ही गड़बड़ हो गयी। कैसे अरे धीरज रखिये हम बता रहे है । कल जब सी.पी.से हम वापिस आये तो जैसा की आप लोग कहते है ना की मन की भड़ास ब्लॉग पर निकाल देनी चाहिऐ तो हमने भी वही किया । अपनी सारी दास्ताँ अपने ब्लॉग पर लिख दी पर ये क्या जैसे ही हम पोस्ट करने चले कि हमारा कंप्यूटर ही बंद हो गया वो तो भला हो आटो सेविंग का जिसने हमारी पोस्ट लिखने की मेहनत पर पानी नही फेरा । तो अब समझ गए ना की शनि की हम पर कैसे कृपा रहती है।

पर शनि का प्रभाव यही पर नही ख़त्म हुआ आज सुबह जब अपना ब्लॉग देखा तो उसमे दस टिप्पणी दिख रही थी जो आप सबने की थी पर जब हमने नारद देखा तो हम फिर चौंक गए और ये भी समझ गए कि लगता है अभी शनि का प्रभाव हम पर चल रहा है । ओह्हो नही समझे भाई आज भी नारद पर हमारी क्या ख़ूब रही दिल्लीकीब्लौगर मीट वाली पोस्ट भी नारद से नदारद थी और बरबस हमारे मुहं से निकल गया नारायण-नारायण ।

इस पोस्ट को लिखने के पहले हमने अपनी पिछली दोनो पोस्ट क्या ख़ूब ....और मायाबंदर फिर से आज की तारीख यानी 15.july को इस उम्मीद मे ये सोचकर पोस्ट की है भाई आज तो सन्डे है तो शायद शनि का प्रभाव ख़त्म हो गया हो। लीजिये इस पर वो कहावत याद आ गयी की उम्मीद पर दुनिया कायम है

5 Comments:

  1. madhulika said...
    मगर हमने तो आपकी पोस्ट सारे दिन blogvani.com पे देखी| अगर सबने नहीं ती तो लोग कमेन्ट कैसे करते?
    निशा said...
    ये नारद क्या है? आप इसको लिंक कर देना था।
    masijeevi said...
    ये नारद क्या है? आप इसको लिंक कर देना था।

    ऊप्‍प्‍स...आइ एम स्‍टम्‍प्‍ड

    ऐसे दिन आ गए, इतनी जल्‍दी कैसे आ गए...हमें तमाम पूर्वाभासों के वावजूद से अच्‍छा नहीं लग रहा है।
    mamta said...
    मधूलिका जी और निशा जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद । मधूलिका जी ब्लाग्वानी के अलावा लोग पोस्ट को दूसरे feed burner से भी पढ़ सकते है।

    निशा जी नारद हिंदी चिट्ठों की एक साईट है जहाँ पर आप लोगों के चिठ्ठे पढ़ सकती है और आप अपने चिठ्ठे को रजिस्टर भी करा सकती है।
    नारद का पता है - narad.akshargram .com
    Amit said...
    ममता जी, पोस्ट/कार्टून तो मेरा भी नहीं दिखा शनिवार को नारद पर, यह मैंने ब्लॉगर मीट में भी नारद मुद्दा उठने पर बताया, और लोग पता नहीं क्या-२ कहते हैं!! और मेरी तो कल की चित्र वाली पोस्ट भी नारद पर नहीं आई थी। शनि का प्रकोप था कि किसी की करतूत, यह आप यहाँ पढ़िए

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