कैंसर एक ख़ौफ़

यूँ तो कोई भी बीमारी छोटी नहीं होती है पर कैंसर इस शब्द को सुनते ही शरीर में एक सिहरन सी महसूस होती है । और पिछले कई दशकों से इस बीमारी से लोग प्रभावित होते रहे है । ये एक ऐसी बीमारी है जो चुपके चुपके शरीर में आ जाती है और भनक भी नहीं लगती है । कई बार तो जल्दी पकड़ में आ जाती है पर कभी कभी बहुत देर में इसका पता चलता है ।

जब आनन्द और मिली फ़िल्मे देखीं थी तो ऐसा लगा नहीं था कि कुछ सालों के बाद ये बीमारी भी इतनी ज़्यादा फैल जायेगी । जब भी हम लोग सुनते है कि किसी को कैंसर हुआ है तो भले हम उसे जानते हों या ना जानते हो मन में एक टीस सी ज़रूर उठती है । हाल ही में इरफ़ान खान और सोनाली बिन्द्रे इस बीमारी से लड़ रहे है ,पता चला तो बहुत दुख हुआ और ख़राब लगा । और ये सोचने पर मजबूर हुये कि ये बीमारी कभी भी किसी को भी अपने चंगुल में ले सकती है । और इस से सिर्फ़ लड़ कर ही जीता जा सकता है । और इसके लिये भगवान ही हिम्मत देता है ।

हमने अपनी एक दोस्त को इस कैंसर से जूझते, लड़ते और इससे जीतते देखा है ।



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