इत्र

आजकल लोग इत्र कम और परफ़्यूम और डियो जैसी चीज़ों का प्रयोग करते है । और वो भी ना केवल देशी बल्कि विदेशी ब्रांड के । वैसे कन्नौज का इत्र बहुत मशहूर है । अगर कार से कन्नौज से गुज़र रहे होते है तो इत्र की ख़ुशबू चारों तरफ़ फैली होती है । अगर आप सो भी रहे हो तो इत्र की ख़ुशबू से पता चल जाता है कि कन्नौज आ गया है क्योंकि वहाँ घर घर में इत्र बनाने का काम होता है ।

वैसे हम भी परफ़्यूम और डियो से अछूते नहीं है । पर अभी हाल में हमने इत्र ख़रीदा और यक़ीन मानिये इसकी ख़ुशबू और दाम दोनों ही बहुत बढ़िया ।

पहले तो लोग इत्र का ही इस्तेमाल किया करते थे । हमारे बाबा इत्र की छोटी सी बोतल रखते थे और जब भी कहीं जाते थे तो उसे अपने हाथ की कलाई पर लगाते थे । इत्र लगाने का यही तरीक़ा होता है ।

खैर हमने अभी हाल ही में इत्र ख़रीदा है । दरअसल एक दिन हम लोग दिल्ली एम्पोरियम गये थे तो वहीं की एक सेल्स गर्ल नें हमें इत्र ट्राई करने को कहा पहले तो हमने मना कर दिया कि हम ये लगाते ही नहीं है पर उसके ज़्यादा ज़ोर देने पर हमने अम्बर नाम के इत्र को ट्राई किया । उसने हमारी कलाई पर रोल ऑन लगाया और हमें ये काफ़ी पसंद भी आया । और सबसे अच्छी बात इसकी महक काफ़ी देर तक रहती है ।

उस सेल्स गर्ल ने बताया कि ये किसी एन.जी.ओ. में बनाया जाता है और पूरी तरह से शुद्ध मतलब प्योर है बिना किसी मिलावट के । और ये कई ख़ुशबुओं में या यूँ कहे कई फ़्लेवर में मिलता है जैसे अम्बर ,चम्पा ,कमल,चंदन,रजनीगंधा आदि ।

इसकी पैकिंग भी बड़ी अच्छी और सुविधाजनक है । अगर चाहें तो पर्स में भी रख सकते है । इसे लगाना भी आसान क्योंकि ये रोल ऑन है । इसकी क़ीमत २५० है पर चूँकि एम्पोरियम में कुछ डिस्काउंट या ऑफ़र चलता रहता है तो हमे ये १५० में मिला । 😛





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