क्या धोनी ने सही किया है

धोनी ने कानपुर की पिच बनाने वाले curator शिव कुमार को धन्यवाद दिया की उसने ऐसी पिच बनाई थी जिसकी वजह से इंडिया ने उस मैच मे साउथ अफ्रीका को हरा कर सिरीज एक-एक से बराबर कर ली।धोने ने ना केवल धन्यवाद दिया बल्कि शिव कुमार को १० हजार रूपये भी दिए ।

जहाँ तक pitch curator को धन्यवाद और award देने की बात है तो हमारे ख़याल से तो ये ठीक नही है। ठीक है हर देश अपने यहां की pitch अपने खिलाडियों को ध्यान मे रखकर बनाता है है पर इस तरह से curator को reward देना ।

आप क्या सोचते है।

Comments

अतुल said…
सही बात . इ़स तरह से दिया पैसा घूस है.
इसे कतई सही नही कहा जा सकता, यह एक ग़लत परम्परा की शुरुआत है !
Ghost Buster said…
कुछ ग़लत नहीं है. धोनी कमाल के हैं. जो दिल में वो ही जुबान पर और व्यव्हार में.

आपसे अनुरोध है कि जब भी किसी समाचार को यहाँ शेयर करें तो सूचना स्त्रोत की लिंक साथ में दें या कम से कम स्त्रोत का जिक्र अवश्य करें.
nadeem said…
ममताजी धोनी ने बिलकुल गलत किया. दरअसल उसने उन्हें कम पैसे दिया उनका सच्चा हक तो man OF the match था. क्यूंकि भारत इसे अपनी काबिलियत से कम pitch की काबिलियत से ज्यादा जीता है.
mamta said…
ghost buster जी ये न्यूज़ तो टी.वी.चैनल और गूगल न्यूज़ दोनों पर है। वैसे आगे से हम ध्यान रक्खेंगे की लिंक और स्रोत जरुर बताएं ।
DR.ANURAG ARYA said…
मुझे नही लगता धोनी ने कुछ ग़लत किया है ,मीडिया की अधकचरी जानकारी पे मुझे आश्चर्य होता है ,सालो से ये परम्परा रही है ,ओर तो ओर अहेम्दाबाद टेस्ट जो भारत हारा है उसमे भी पिच क्यूरेटर को इनाम दिया गया है ,दूसरी बात है की ऑस्ट्रेलिया की bouncy पिच होती है ,इंग्लैंड के अलग पिच होती है ,नुज़िलैंड की अपनी पिच होती है तो इसमे इतना हल्ला मचने की क्या जरुरत है ? सुबह मीडिया किसी खिलाड़ी को गाली देता है ,वो शतक बना दे तो शाम को गुणगान करने लगता है ,दरअसल मीडिया भी किसी पान वाले ओर खोखे वाले सरीखा व्यवहार करने लगा है ,हमे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ साथ जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए ,टी.र.पी से अलग भी एक दुनिया है.......उल्टा धोनी ने मात्र १०००० दिए है ,वो महाशय तो ज्यादा के हक़दार थे ..

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